गणतंत्र दिवस के अवसर पर रोटी-कपड़ा बैंक फाउंडेशन ने लगाया रक्तदान शिविर


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


लखनऊ, 28 जनवरी, 2019- समाज के वंचित एवं असहाय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले रोटी कपड़ा फाउंडेशन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया।


रक्तदान शिविर का अयोजन रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन और निदान डाइग्नाॅस्टिक के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर में स्थानीय निवासियों के अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के दीप पाठक, हिमांशु, अविनाश, गोविंद यादव, सर्वेश और विशाल ओमेक्स रेजीडेंसी निवासी संदीप कांतिया, गुरूप्रीत सिंह, विजय गुरनानी, विंटस लखनऊ एवं एक्सिस सिक्यूरिटीज के कर्मचारीगणों सहित 35 से भी अधिक लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। इस अवसर पर रोटी -कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे और अध्यक्षा शोभा ठाकुर ने भी रक्तदान किया।


लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए रोटी कपड़ा फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष चैबे ने कहा कि, रक्त की अनुपब्लब्धता के कारण रोजाना कई शहरियों के प्राण संकट में आ जाते हैं। धनाभाव के कारण समाज के गरीब और वंचित वर्गाें के लिए तो यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। अगर समाज में रकतदान के प्रति जागरूकता और रक्तदान करने की प्रवृत्ति बढ़ाई जा सके तो सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।


उन्होने कहा कि रक्तदान कार्यक्रम के जरिए हम न केवल समाज में रक्तदान के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म करने का प्रयास कर रह्र हैं बल्कि यह रक्तदान जरूरतमंद लोगो की जीवन रक्षा हेतु एक छोटी सी कोशिश है। आशुतोष चैबे कि रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन का यह प्रयास देखने में छोटा लग सकता है पर लगातार इस तरह के आयोजनों से सामाजिक जागरूकता भी बढ़गी जिससे भविष्य में किसी को रक्त की कमी से जीवन संकट का सामना करना नहीं पड़ेगा।


कार्यक्रम के दौरान निदान और रोटी -कपड़ा बैंक फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीनों में रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि, एक व्यक्ति द्वारा दिया एक युनिट रक्त तीन से चार लोगों के जीवन की रक्षा कर सकता है। रक्तदान करने के उपरान्त शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। स्थानीय नागरिकों और युवक युवतियों के साथ एक बड़ा वर्ग प्रथम बार रक्तदान करने वालों का भी रहा। मौके पर उपस्थित डाक्टरों ने लोगों को रक्तदान के फायदे बताए और कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है यह लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?

कर्नाटक में विगत दिनों हुयी जघन्य जैन आचार्य हत्या पर,देश के नेताओं से आव्हान,