इक्षु महोत्सव एवं शुगरकॉन 2019 का समापन


 


     भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में आयोजित चार दिवसीय इक्षु महोत्सव एवं “चीनी एवं संबद्ध उद्योगों के सतत विकास के लिए हरित प्रौध्योगिकी”  विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी- शुगरकॉन -2019 का आज समापन हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि, श्री सूर्य प्रताप शाही, माननीय कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने हरित प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी, जिसमें बड़ी संख्या में चीन, थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका, बेल्जियम व ब्राज़ील के वैज्ञानिकों ने भाग लिया, आयोजित करने के लिए आयोजंनकर्ताओं को बधाई दी। श्री शाही ने सूचित किया कि उत्तर प्रदेश सरकार भी पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए चिंतित है। उन्होने संस्थान परिसर में अक्तूबर 2018 में आयोजित कृषि कुम्भ में अपने द्वारा कृषि यंत्रों की खरीद पर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान दिये जाने की घोषणा के उपरांत सरकार द्वारा 16,000 किसानों को 113 करोड़ रुपए का अनुदान दिये जाने के बारे में जानकारी दे। श्री शाही ने इस वर्ष गत वर्ष के तुलना में उत्तर प्रदेश में अधिक चीनी उत्पादन होने की संभावना जताई एवं अंतर्राष्ट्रीय चीनी बाजार में भारतीय चीनी को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए गन्ने की उत्पादन लागत में कमी लाने के लिए वैज्ञानिकों का आह्वान किया। श्री शाही ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय  को दोगुना करने के लिए गन्ने की उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकी को किसानों तक पहुंचाने, गन्ने की उत्पादकता में व्रद्धि करने, प्रसंस्करण लागत को कम करने तथा उप-उत्पादों के उचित उपयोग पर बल दिया। डॉ. सुशील सोलोमन, कुलपति, चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रोध्योगिकी विश्वविध्यालय, कानपुर ने चार दिवसीय संगोष्ठी के कार्यव्रत्त के बारे में बताते हुए आशा जताई कि संगोष्ठी की संस्तुतियां देश में चीनी उद्योग के टिकाऊपन में सहायक होंगी। डॉ. अश्विनी दत्त पाठक, निदेशक, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ ने संस्थान की मुख्य शोध एवं विकास कार्यक्रमों को रेखांकित किया। डॉ. पाठक ने मध्य उत्तर प्रदेश में अपनाए गए आठ गावों के किसानों  की आय को दोगुना करने एवं गुड़ उद्यमिता के लिए उत्तर प्रदेश एवं बिहार में संस्थान द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में चर्चा की। डॉ. अमरेश चन्द्र, अध्यक्ष, तकनीकी सत्र ने बताया कि संगोष्ठी में आयोजित कुल 8 तकनीकी सत्र, 2 की-नोट सत्र, एक पूर्ण सत्र तथा एक पोस्टर सत्र में कुल 120 शोध पत्र मौखिक रूप से एवं 80 शोध पत्र पोस्टर के रूप में प्रस्तुत किए गए। उपरोक्त सत्रों की मुख्य संस्तुतियाँ भी प्रस्तुत की गयीं। गन्ना शोध संस्थान, चीन के डॉ. यंग-रुई ली ने हरित प्रौदयोगिकी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करने की बधाई की। इस अवसर पर, सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों को प्रस्तुत करने वाले वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त, चयनित वैज्ञानिकों एवं प्रायोजनकर्ताओं को एसएसआरपी समिति के लिए उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। समापन के उपरांत प्रतिभागी वैज्ञानिकों ने बिसवां (सीतापुर) में संस्थान द्वारा स्थापित आदर्श प्रक्षेत्र का भ्रमण किया  एवं गन्ना बीज उद्यमिता हेतु चलाये जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जाना।


     चार दिवसीय इक्षु महोत्सव में 500 से अधिक विद्यार्थियों, छोटे बच्चों एवं महिलाओं ने कुर्सी रेस, गायन, मेढक दौड़ एवं गन्ना चूसने की जैसी विभिन्न रोचक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र व सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।


            


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