प्रदेश में फल संरक्षण एवं खाद्य प्रसंस्करण हेतु दिया जा रहा है प्रशिक्षण शिक्षित बेरोजगार व्यक्तियों खाद्य विज्ञान संबंधी विधाओं में दी जाती है जानकारी

लखनऊ: 31 जुलाई 2019
उत्तर प्रदेश में वर्ष भर कृषि एवं औद्यानिक उत्पाद की उपलब्धता औद्योगीकरण तथा पर्यटन उद्योग के विकास की पृष्ठभूमि में जहाँ एक ओर बड़े-बड़े होटलों तथा कैटरिंग संस्थानों का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल दिशा निर्देशन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित हो रहे हैं। कैटरिंग संस्थानों में एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षित बेरोजगार व्यक्तियों को खाद्य विज्ञान संबंधी विधाओं में प्रशिक्षण देकर वर्तमान आवश्यकता की पूर्ति की जाती है। इसके लिए प्रदेश के 10 बड़े नगरों (वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, कानपुर, अयोध्या, आगरा, बरेली तथा मुरादाबाद) में एक-एक राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित है। इन केन्द्रों पर एक वर्षीय टेªेड डिप्लोमा खाद्य प्रसंस्करण, एक वर्षीय ट्रेड डिप्लोमा बेकरी एवं कन्फैक्शनरी, एक वर्षीय ट्रेड डिप्लोमा पाककला, एक मासीय अंशकालीन बेकरी एवं कन्फैक्शनरी, एक मासीय अंशकालीन पाककला, एक मासीय सम्मिलित पाठ्यक्रम कुकरी, बेकरी एवं कन्फैक्शनरी तथा खाद्य संरक्षण संचालित किये जाते हैं।
निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री एस0वी0 शर्मा ने बताया कि उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा घरेलू क्षेत्र के खाद्य प्रसंस्करणकर्ताओं की सुविधा के लए अब तक 77 सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की गयी है। इन फल संरक्षण केन्द्रों द्वारा विभिन्न जनपदों/ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इन केन्द्रों पर लगभग 2.01 लाख किलोग्राम फल एवं सब्जियों के प्रसंस्कृत पदार्थ प्रतिवर्ष तैयार होते हैं। लगभग 25,450 गृहणियों एवं इच्छुक व्यक्तियों को फल संरक्षण में 15 दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इन केन्द्रों द्वारा शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ फलसंरक्षण कार्य के कैम्प, शहरी तथा ग्रामीण अंचलों में लगवाये जाते हैं, जिससे ग्रामीण जनता को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त ग्रामीण कृषक, बेरोजगार युवकों तथा महिलाओं को, फल सब्जी प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने के उद्देश्य से उद्यमिता विकास का 100 दिवसीय प्रशिक्षण एससीपी योजनान्तर्गत दिया जाता है। इन केन्द्रों द्वारा वर्ष 2019-20 में माह-जून 2019 तक 43011 किलोग्राम गृह स्तर पर प्रशिक्षण के अन्तर्गत पदार्थ निर्मित किये गये। 1733 व्यक्तियों को 15 दिवसीय प्रशिक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में 14 ग्रामीण शिविर लगाये गये। महात्मा गांधी खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजनान्तर्गत 03 दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण जागरूकता शिविर 400 कार्यक्रम, न्याय पंचायत स्तर पर एवं 50 कार्यक्रम एक माह उद्यमिता के विकास प्रशिक्षण जनपद स्तर पर लक्षित हैं।


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