कमलेश तिवारी हत्या कांड में यूपी पुलिस ने 24 घंटे में हत्याकांड का पदार्फाश कर 3को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया, कमलेश तिवारी के अंतिम संस्कार से पूर्व मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर मृतक की पत्नी किरन तिवारी और प्रशासन के बीच एक समझौता


लखनऊ। कानून व्यवस्था की दुहाई देने बाली भारतीय जनता पार्टी की यूपी में सरकार के तल्ख तेवर के बाद भी हिंदू संगठन से जुडे लोग निशाने पर रहे है ललितपुर में हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता सन्नी राजा की पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी गई  थी इस घटना को अभी कुछ माह ही बीते थे कि राजधानी में पुलिस सुरक्षा में रह रहे  हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की  दिन दहाडे हत्या को यूपी पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया है। कमलेश तिवारी हत्या कांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने तीन लोगों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर 24 घंटे में हत्याकांड का पदार्फाश कर दिया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक  ओमप्रकाश सिंह ने आज पत्रकारों को बताया कि कमलेश तिवारी हत्याकांड में सभी आरोपियों की पहचान हो गई है।  इस मामले में अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या का षड्यंत्र रचने के मामले में गुजरात से मौलाना शेख सलीम, फैजान और राशिद पठान को हिरासत में लिया गया है।श्री सिंह ने बताया कि घटनास्थल से जांच के दौरान मिले मिठाई के डिब्बे से अहम सुराग मिले और गुजरात पुलिस की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि कमलेश तिवारी के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बिजनौर निवासी अनवरूल हक और नईम काजमी के नाम हैं उन्हें भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।पुलिस महानिदेशक ने संवाददाता सम्मेलन में बताया, “हमें महत्वपूर्ण सुराग मिले थे और हम उसी पर बढ़ते हुए सफल रहे। हिरासत में लिए गए तीनों अपराधियों का गुजरात से कनेक्शन है। “हमें शुरू से आशंका थी कि हत्याकांड के तार गुजरात से जुड़े हैं। सूरत के मौलाना मोसिन सलीम शेख, फैजान जिलानी और रशीद को गिरफ्तार किया गया है। रशीद को कंप्यूटर का ज्ञान है और वह दर्जी का काम करता है। कुछ और लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया।”डीजीपी ने स्पष्ट कहा, “प्रारंभिक विवेचना से स्पष्ट है कि तीनों इस हत्याकांड में शामिल रहे हैं। इसके साथ ही मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी की तैयारी कर रहे हैं। एडीजी लखनऊ जोन से और टीम को सूरत भेज सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें लखनऊ लाकर पूछताछ करेंगे। “हमारी टीम गुजरात भी गई। हमने कमलेश तिवारी के घर पर मिले मिठाई के डिब्बे के आधार पर गुजरात पुलिस से संपर्क किया। लखनऊ पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को काफी गहनता से खंगाला। इस केस को खोलने में लखनऊ और गुजरात पुलिस का समन्वय रहा।गौरतलब है कि लखनऊ में शुक्रवार (18 अक्टूबर) की दोपहर हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी  की उनके घर में ही गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे भगवा कुर्ता पहने थे और मिठाई के डिब्बे में तमंचा व चाकू लेकर आये थे। मोबाइल पर बात करने के बाद परिचित बनकर घर पहुंचे दो हत्यारों ने पहले कमरे में कमलेश से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। फिर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले से चंद मिनट पहले पान मसाला लेने गया उसका बेटा जब लौटा तो कमलेश खून से लथपथ मिले। पड़ोसियों की मदद से कमलेश को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।इस घटना के आरोपीयों की तलाश में
गोरखपुर-देहरादून  एक्सप्रेस (राप्ती-गंगा एक्सप्रेस ) में कमलेश तिवारी हत्याकांड से जुड़े संदिग्धों  के होने की सूचना पर मुरादाबाद में छापेमारी की गई थी। शूटर की तलाश की जा रही है। वही दूसरी  ओर  कमलेश तिवारी के अंतिम संस्कार से पूर्व मुख्यमंत्री को बुलाने पर अडी मृतक की पत्नी किरन तिवारी और प्रशासन के बीच एक समझौते का पत्र मिला जिसमें कई मांगे मानने की सहमति आयुक्त लखनऊ ने दी है। 



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