प्रशासन को जगाने शहीद उद्यान में हुआ वायु प्रदूषण पर पोस्टर प्रदर्शन, प्रदूषण-नियंत्रण की मांग


वाराणसी के सिगरा स्थित शहीद उद्यान में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर एक पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. ज्ञात हो कि मंगलवार, 22 अक्टूबर को वाराणसी भारत का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया था, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत जिला प्रशासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोइ कवायद होती नहीं दिखी. ऐसे में, प्रशासन पर न्यायोचित कार्यवाही के लिए जन दबाव बना सकने के प्रयास में संस्था द्वारा इस पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया.


प्रदर्शनी के उद्देश्य को विस्तार से बताते हुए क्लाइमेट एजेंडा की मुख्य अभियानकर्ता एकता शेखर ने कहा: हर साल की तरह एक बार फिर इस अक्टूबर में भी वाराणसी की वायु गुणवत्ता खराब हो चुकी है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, बीते मंगलवार को यह शहर देश का सबसे प्रदूषित शहर पाया गया. यह अपने आप में कोई नई या चौकाने वाली खबर नहीं है. पिछले कई वर्षो से यह खबर निरंतर अखबारों और रिपोर्टों में बनी हुई है. लेकिन, जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की उदासीनता चौकाने वाली है. शहर में प्रदूषण नियंत्रण की कोई कवायद अब तक देखने को नहीं मिली. ऐसे में, यह समझना काफी मुश्किल है कि जिलाधिकारी महोदय और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी महोदय का कार्यालय आखिर किन कार्यों में व्यस्त है, जबकि शहर की लगभग 30 लाख आबादी जहरीली हवा में किसी तरह जीवन जीने को अभिशप्त है?


क्लाइमेट एजेंडा की सचिवालय प्रबंधक सानिया अनवर ने बताया: “वायु प्रदूषण के कारण देश में प्रत्येक वर्ष लाखों लोगों की मौत हो रही है. जनता को कड़ी मशक्कत के बाद राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम हासिल हुआ था. लेकिन, उदासीन अधिकारियों के कारण यह कार्यक्रम भी फ्लॉप हो चुका है. इस प्रदर्शनी में लगे पोस्टर प्रदेश के विभिन्न जिलों के चित्रकारों द्वारा बनाने गए हैं, जो आम जनता को वायु प्रदूषण के मुद्दे पर जागृत करने और शासन व प्रशासन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यहाँ लगाए गए हैं. प्रदर्शनी अधिकारीगण को उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाने और कार्यवाही करने के लिए जन दबाव बनाने के उद्देश्य से ही आयोजित की गयी है, इसे आने वाले दिनों में दूसरे स्थानों पर भी आयोजित किया जाएगा.”


प्रदर्शनी में कूल 100 पोस्टरों को शामिल किया गया. आयोजन में मुख्य रूप से सुनील सिंह धुरिया, ब्रिजेश पटेल, बब्बी शंकर पाठक, सचिन, श्वेता, मनु श्री, चन्दा, रवि राजन, आशीष पटेल, प्रतिमा निषाद, आशुतोष श्रीवास्तव, रवि शेखर आदि की रही.       


 


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