श्री काश्यप बुद्धाय नमो नम:


पूज्यपाद श्री गुरुदेव जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज की नवरात्री के पावन पर्व पर 1008 श्री रामकथा मोक्षपुरी गया धाम में चल रही थी। वहां श्री गुरुदेव ने कहा की हमारे दशावतार में नवम अवतार काश्यप बुद्ध का है। जैसा कि हमको आज तक बताया गया है कि गौतम बुद्ध हमारे अवतार है लेकिन यदि वो हमारे भगवान होतें तो क्या वह हमारे वेदों,परम्परा, ब्राह्मणों एवं हमारें वर्ण व्यवस्था के विरोध में कुछ बोलते ?



हमारे यहां भगवान का लक्षण है - "वेदादि धर्म रक्षकत्वं भगवत्वम्।"
जो वेद धर्म की रक्षा करें वही भगवान हो सकता है। तब श्री गुरुदेव नें शास्त्रों में खोजना आरंभ किया तो गौतम बुद्ध का किसी भी प्राचीन ग्रंथ में इनका वर्णन नहीं मिला , वर्णन मिला तो हमारे काश्यप बुद्ध भगवान का। इनके पिताजी का नाम - काश्यप और माताजी का नाम - जैनी था । इनका जन्म गयाधाम मंडल के अन्तर्गत श्री घेंजन ग्राम में हुआ था और आज भी वहां के ग्राम में 200 परिवार काश्यप ब्राह्मणों का है।
वहां पर एक विग्रह प्राप्त हुआ जिसमें हमारे काश्यप बुद्ध भगवान में मुकुट,माला,यज्ञोपवित एवं उनके चरणों में चक्र के चिन्ह हैं। इन्होंनें अनधिकारीयों से वेद लेकर उन्हें अधिकारीयों को प्रदान किया था। आप सभी शेयर करके एक अभियान चलायें जिससें सनातन धर्म के अनुयायीयों को यह वास्तविकता पता चल सके।



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