एक चिकित्सक का कार्य सेवाभाव से जुड़ा कार्य है: मुख्यमंत्री


लखनऊ: 23 नवम्बर, 2019


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि एक चिकित्सक का कार्य सेवाभाव से जुड़ा कार्य है। जब यह चिकित्सक पूरी संवेदनशीलता और सेवा भाव से कार्य करता है, तो वह स्वयं आत्मसंतोष प्राप्त करता है। जीवन का लक्ष्य सेवा भाव ही होना चाहिए। इसलिए चिकित्सक को सदैव गरीब मरीजों की सेवा हेतु तत्पर रहना चाहिए। राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र के साथ प्रदेश की जनता को गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नवनिर्मित शैक्षणिक भवन के लोकार्पण अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रदेश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में से एक है। यहां नये शैक्षणिक भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को शिक्षा का बेहतर वातावरण मिल सकेगा, जिससे प्रदेश की जनता को और बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों का परिणाम है कि आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) देश व प्रदेश में संचालित की गयी है। इस योजना के अन्तर्गत राज्य के 01 करोड़ 18 लाख परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा हैं। आयुष्मान भारत योजना से वंचित परिवारों को 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' से लाभान्वित किया जा रहा है।  


मुख्यमंत्री जी ने कहा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा टी0बी0 जैसी घातक बीमारी को वर्ष 2030 तक समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने भारत से इस बीमारी को वर्ष 2025 तक समाप्त करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेशवासियों को 'एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा' तथा एम0एम0यू0 (मेडिकल मोबाइल यूनिट्स) जैसी आधुनिक सुविधा से युक्त एम्बुलेंस सेवाएं दी जा रहीं हैं। इसके साथ ही, '108' एम्बुलेंस सेवा की संख्या में वृद्धि की गयी है, जिससे 78 हजार मरीजों का जीवन बचाया जा सका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आजादी से लेकर 2016 तक प्रदेश में मात्र 12 राजकीय मेडिकल काॅलेज थे। वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 15 नये मेडिकल काॅलेज बनाये जा रहे हैं। 07 नये मेडिकल काॅलेजों में विद्यार्थियांे को शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। 14 मेडिकल काॅलेजों का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। इन काॅलेजों के निर्माण के बाद वर्ष 2022 तक इनमें विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी जायेगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से प्रदेश में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने अपने कार्याें से चिकित्सा जगत में अलग पहचान बनायी है। किसी भी संस्थान को अच्छा बनाने में सभी वहां के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को धैर्यपूर्वक कार्य करना चाहिए तथा मरीजों को गुणवत्तापरक सेवा देनी चाहिए।


चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री संदीप सिंह ने लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
ज्ञातव्य है कि लोकार्पित शैक्षणिक भवन लगभग 04 एकड़ क्षेत्र में बना है। इस 14 मंजिला भवन में 03 बेसमेन्ट एवं ग्राउण्ड फ्लोर सहित 11 फ्लोर हैं। इस भवन में 40 एकेडमिक विभाग हैं, जिनमें एम0सी0आई0 के अनुसार कक्ष लैब्स, लाइब्रेरी आदि की व्यवस्था की गयी है। इसके अतिरिक्त इसमंे 08 नये विभाग स्थापित किये जाने का भी प्राविधान है। इसके अलावा, इसमें निदेशक कार्यालय एवं कैम्प, परीक्षा हाल, मल्टीपरपज हाॅल, बैठक सेमिनार इत्यादि के लिए 04 हाल है। साथ ही, आधुनिक उच्च स्तरीय पुस्तकालय, कैन्टीन, काॅफी शाॅप, एम्फीथिएटर, हेल्थ क्लब, काॅलेज आॅफ नर्सिंग, स्किल्स लैब, सेन्ट्रल रिसर्च लैब तथा 03 ग्राउण्ड बेसमेन्ट है, जिसमें लगभग 500 कार पार्किंग तथा बाइक पार्किंग की व्यवस्था है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, निदेशक डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान प्रो0 ए0के0 त्रिपाठी सहित चिकित्सकगण व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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