मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय-3/12/2019












उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-







 




उ0प्र0 मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल) (अध्यापकों की भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियमावली-1978 में संशोधन का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल) (अध्यापकों की भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियमावली-1978 में सातवें संशोधन का निर्णय लिया है। इस संशोधन द्वारा सहायता प्राप्त अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में अध्यापक भर्ती के लिए 'अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्णांक' ;फनंसपलिपदह डंतो पद ज्मंबीमतश्े म्सपहपइपसपजल ज्मेजद्ध, 'भर्ती परीक्षा' ;त्मबतनपजउमदज म्गंउपदंजपवदद्ध तथा 'भर्ती परीक्षा उत्तीर्णांक' ;त्मबतनपजउमदज म्गंउपदंजपवद फनंसपलिपदह डंतोद्ध निर्धारित किया जा रहा है।
इस संशोधन द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए प्रबन्धाधिकरण द्वारा अधियाचित रिक्तियों की सूचना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने स्तर से शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा को प्रेषित की जाएगी, जो प्राप्त अधियाचन का परीक्षण करने के पश्चात् 'अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्णांक' ;फनंसपलिपदह डंतो पद ज्मंबीमतश्े म्सपहपइपसपजल ज्मेजद्ध, 'भर्ती परीक्षा' ;त्मबतनपजउमदज म्गंउपदंजपवदद्ध तथा 'भर्ती परीक्षा उत्तीर्णांक' ;त्मबतनपजउमदज म्गंउपदंजपवद फनंसपलिपदह डंतोद्ध के आधार पर चयन की कार्यवाही करेंगे।
इस संशोधन द्वारा परिषदीय बेसिक स्कूलों में सहायक अध्यापक की भर्ती हेतु निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुरूप ही अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में अध्यापकों की भर्ती के लिए गुणवत्ता अंक ;फनंसपजल च्वपदजेद्ध निर्धारित किए जा रहे हैं। इस नियमावली में सहायक अध्यापक के पद पर अस्थायी नियुक्ति सम्बन्धी प्राविधान को निरसित ;व्उपजद्ध किया जा रहा है।
इस नियमावली के अन्तर्गत अध्यापकों के कर्तव्य ;क्नजपमेद्ध निर्धारित किए जा रहे हैं। नियमावली द्वारा सम्बन्धित संस्थाओं को मान्यता सम्बन्धी नियमों का अनुपालन करने और उनका अनुपालन न करने की स्थिति में उन्हें नोटिस देकर उनकी मान्यता के प्रत्याहरण हेतु सहायक निदेशक, बेसिक शिक्षा को अधिकृत किया गया है।
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श्री दल सिंगार तिवारी, सेवानिवृत्त सहायक चकबन्दी अधिकारी की पेंशन
से 10 प्रतिशत की कटौती स्थायी रूप से किए जाने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने श्री दल सिंगार तिवारी, सेवानिवृत्त सहायक चकबन्दी अधिकारी के विरुद्ध सी0एस0आर0 के अनुच्छेद-351 के अन्तर्गत संस्थित विभागीय कार्यवाही में उनकी पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती स्थायी रूप से किए जाने का निर्णय लिया है।
श्री दल सिंगार तिवारी, सेवानिवृत्त सहायक चकबन्दी अधिकारी द्वारा जनपद आजमगढ़ में तैनाती के दौरान की गई अनियमितताओं के लिए उनके विरुद्ध शासन के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 19 जनवरी, 2011 द्वारा सी0एस0आर0 के अनुच्छेद-351-ए के अन्तर्गत विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की गई। इस अनुशासनिक कार्यवाही में शासन द्वारा श्री तिवारी की पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती स्थायी रूप से किए जाने का निर्णय लेते हुए दिनांक 30 जुलाई, 2018 के शासन के पत्र द्वारा लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज का अभिमत मांगा गया।
इसके क्रम में सचिव, लोक सेवा आयोग, उ0प्र0 प्रयागराज के पत्र दिनांक 17 जून, 2019 द्वारा यह अवगत कराया गया कि प्रकरण में मा0 आयोग द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त शासन द्वारा विनिश्चत दण्ड पर आयोग के अभिमत के अनुसार जांच अधिकारी द्वारा अपचारी अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोप आंशिक रूप से सिद्ध पाए गए हैं। अपचारी अधिकारी के अभ्यावेदन एवं अन्य अभिलेखों के दृष्टिगत शासन द्वारा प्रस्तावित दण्ड अनानुपातिक प्रतीत होता है। अतः अपचारी अधिकारी की पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती 05 वर्षों तक किया जाना पर्याप्त होगा।
प्रकरण में लोक सेवा आयोग की राय इस कारण से स्वीकार किया जाना सम्भव नहीं है कि श्री तिवारी द्वारा जनपद आजमगढ़ के ग्राम-बीबीपुर में गाटा संख्या-206 व गाटा संख्या-207 की अनियमित रूप से मालियत लगाकर उड़ान चक में प्रदिष्ट किया गया, जो चकबन्दी मैनुअल में दिए गए प्राविधानों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, श्री तिवारी द्वारा भूखण्ड संख्या-215, 50 व 51 में अनियमितता की गई तथा श्री तिवारी द्वारा 36 चकदारों को 25 प्रतिशत से कम तथा 17 चकदारों को 25 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रफल प्रदिष्ट कर चकबन्दी मैनुअल के प्राविधानों का उल्लंघन किया गया।
इस अनियमितता के दृष्टिगत ही श्री दल सिंगार तिवारी, सेवानिवृत्त सहायक चकबन्दी अधिकारी की पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती स्थायी रूप से किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके सम्बन्ध में वित्त, न्याय एवं कार्मिक विभाग द्वारा अनापत्ति व्यक्त की गई है।
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पावरलूम बुनकरों को विद्युत दर में छूट की प्रतिपूर्ति योजना को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने पावरलूम बुनकरों को विद्युत दर में छूट की प्रतिपूर्ति योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत प्रत्येक छोटे पावरलूम (0.5 अश्व शक्ति तक) को प्रतिमाह 120 यूनिट तथा बड़े पावरलूम (1 अश्व शक्ति तक) को प्रतिमाह 240 यूनिट तक 3.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से सब्सिडी दी जाएगी।
वर्ष 2006 में ऊर्जा विभाग के अनुभाग-3 के शासनादेश संख्या-1969/24 -पी-3-2006 दिनांक 14 जून, 2006 द्वारा बुनकरों को फ्लैट रेट पर विद्युत आपूर्ति कराए जाने की योजना शुरू की गई। इस योजना में प्राविधान किया गया है कि 60'' तक की रीड स्पेस (कंघी) के लूम के लिए 65 रुपए प्रति लूम पावरलूम बुनकर से लिया जाएगा। यह माना जाएगा कि लूम का विद्युत भार 0.5 अश्व शक्ति है। इसी प्रकार, 60'' से अधिक रीड स्पेस के लूमों के लिए 130 रुपए प्रति लूम पावरलूम बुनकर से लिया जाएगा। यह माना जाएगा कि लूम का विद्युत भार 1 अश्व शक्ति है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 60'' तक की रीड स्पेस के लूम के लिए 37.50 रुपए प्रति लूम एवं 60'' से ऊपर 75 रुपए प्रति अश्व शक्ति प्रतिमाह लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मशीनों पर शहरी क्षेत्र में 130 रुपए प्रति अश्व शक्ति प्रतिमाह की दर से एवं ग्रामीण क्षेत्र में 75 रुपए प्रति अश्व शक्ति प्रतिमाह की दर चार्ज किया जाएगा।
ऊर्जा विभाग द्वारा इस योजना के अनुसार पावरलूम बुनकरों को फ्लैट रेट पर विद्युत आपूर्ति का लाभ सीधे दिया जा रहा था। वर्ष 2015-16 से यह योजना हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग को स्थानान्तरित कर दी गई, तब से हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के बजट में इस योजना का लाभ दिया जा रहा है, किन्तु इस छूट का कतिपय इकाइयों द्वारा दुरुपयोग किए जाने के कारण तथा विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी के कारण 150 करोड़ रुपए के बजट से ऊर्जा विभाग को देय सब्सिडी की पूर्ति नहीं हो पा रही है और ऊर्जा विभाग के अनुसार यह धनराशि (ऊर्जा विभाग को देय वार्षिक सब्सिडी) बढ़ते-बढ़ते अब 950 करोड़ रुपए वार्षिक हो गई है। इस प्रकार से बजट द्वारा उपलब्ध अनुदान की धनराशि लगभग 800 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष कम है। इस अन्तर के कारण अनुदान के मद में विद्युत विभाग की दिनांक 31 मार्च, 2019 तक की देयता 3682.72 करोड़ रुपए बकाया हो गया है।
उच्च स्तर पर यह विचार हुआ कि पावरलूम बुनकरों का प्रदेश का आंकड़ा बहुत पुराने सर्वेक्षण पर आधारित है और स्थापित पावरलूम में विद्युत खपत की सही स्थिति ज्ञात करके ही, अच्छा प्रस्ताव बनाया जा सकता है। इसके लिए निदेशक हथकरघा तथा विद्युत विभाग द्वारा संयुक्त रूप से सर्वेक्षण किया जाना चाहिए तथा औचित्यपूर्ण प्रस्ताव बनाकर नवीन व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इस क्रम मंे ऊर्जा विभाग एवं हथकरघा विभाग द्वारा संयुक्त सर्वे कराया गया।
सर्वे पूर्ण होने के उपरान्त ऊर्जा विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गई संख्या कुल 97,723 कनेक्शन के सापेक्ष 86,074 पावरलूम विद्युत कनेक्शन एवं 2,57,965 पावरलूम पाए गए हैं। इसमें 60'' रीड से अधिक के पावरलूम की संख्या 20,171 तथा 60'' रीड से कम के पावरलूमों की संख्या 2,37,794 पायी गई।
यह पावरलूम औसतन 12 घण्टे प्रतिदिन तथा महीने में 30 दिन चलते हैं, तो आधे हाॅर्स पावर के पावरलूमों पर 383503680 ;0ण्746ग0ण्5ग12ग30ग12ग238000द्ध यूनिट विद्युत की वार्षिक खपत तथा 01 हाॅर्स पावर के पावरलूम पर 65005485 ;0ण्746ग12ग30ग12ग20171द्ध यूनिट विद्युत की वार्षिक खपत कुल 448509165 यूनिट की वार्षिक खपत होनी चाहिए। इस प्रकार पावरलूम बुनकरों हेतु 448509165 यूनिट विद्युत की आवश्यकता होनी चाहिए, जबकि विद्युत विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गई विद्युत खपत का वार्षिक आंकड़ा 991239992 यूनिट है, जो कि विभागीय आंकलन से लगभग दोगुने से अधिक है।
इस प्रकार पावरलूम बुनकरों के नाम पर अन्य उपभोक्ताओं द्वारा भी इन योजनाओं का लाभ लिया जाना प्रकाश में आया है, जिनके विरुद्ध ऊर्जा विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। सर्वे से प्राप्त स्थिति के अनुसार सब्सिडी का प्रस्ताव बनाया गया है। प्रस्ताव बनाने में इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि कुल पावरलूम विद्युत सब्सिडी के लिए वित्त विभाग 150 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष की सीमा चाहते हैं। इन पावरलूमों में 01 हाॅर्स पावर के पावरलूम को प्रतिमाह 240 यूनिट तक तथा आधा हाॅर्स पावर (0.5 हाॅर्स पावर) के पावरलूमों को प्रतिमाह 120 यूनिट तक 3.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से सब्सिडी दी जाए, तो लगभग 150 करोड़ रुपए के वार्षिक बजट से इन पावरलूमों को देय सब्सिडी की प्रतिपूर्ति हो सकेगी।
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श्री जवाहर लाल श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद प्रयागराज, श्री सुनील कुमार शुक्ला, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद जालौन एवं श्री लव कुमार सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद अयोध्या के विरुद्ध प्रचलित अनुशासनिक कार्यवाही में शासन द्वारा विनिश्चत शास्ति पर उ0प्र0 लोक सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा प्रदान किए गए परामर्श से भिन्न कार्यवाही पर अनुमोदन प्रदान किए जाने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने श्री जवाहर लाल श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद प्रयागराज, श्री सुनील कुमार शुक्ला, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद जालौन एवं श्री लव कुमार सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद अयोध्या के विरुद्ध प्रचलित अनुशासनिक कार्यवाही में शासन द्वारा विनिश्चत शास्ति पर उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा प्रदान किए गए परामर्श से भिन्न कार्यवाही पर अनुमोदन प्रदान किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। इसके तहत श्री जवाहर लाल श्रीवास्तव तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद-प्रयागराज की 03 वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से एवं श्री सुनील कुमार शुक्ला, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद-जालौन एवं श्री लव कुमार सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद अयोध्या की 01-01 वेतन वृद्धि 03 वर्षों के लिए रोकने का निर्णय लिया गया है।
श्री जवाहर लाल श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद-प्रयागराज, श्री सुनील कुमार शुक्ला, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद जालौन एवं श्री लव कुमार सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद अयोध्या द्वारा तहसील, सदर, जनपद-सीतापुर में तहसीलदार के पद पर तैनाती के दौरान ग्राम-जहांगीराबाद (न0क्षे0) परगना-हरगांव, जनपद-सीतापुर के राजस्व अभिलेखों में तालाब खाते में दर्ज गाटा संख्या-542 रकबा 0.138 हे0 पर 'द अवध शुगर मिल, हरगांव, सीतापुर' के अवैध कब्जे की बेदखली की कार्यवाही में अनियमितता हेतु इन अधिकारियों के विरुद्ध शासनादेश दिनांक 04 अगस्त, 2016 द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई संस्थित करते हुए आरोपों की जांच हेतु आयुक्त लखनऊ मण्डल, लखनऊ को जांच अधिकारी नामित किया गया।
मामले में प्राप्त जांच आख्या में जांच अधिकारी द्वारा दिए गए निष्कर्षों के क्रम में शासन द्वारा विनिश्चित किए गए दण्ड पर उ0प्र0 लोक सेवा आयोग से सर्वप्रथम पत्र दिनांक 10 मई, 2018 के माध्यम से सहमति/परामर्श प्रदान किए जाने का अनुरोध किया गया। उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा पत्र दिनांक 27 अप्रैल, 2019 के माध्यम से निम्नलिखित परामर्श उपलब्ध कराया गया है:-
क्र0 सं0 अधिकारी का नाम/पदनाम शासन द्वारा विनिश्चित शास्ति मा0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज का अभिमत
1 श्री जवाहर लाल श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, प्रयागराज 03 वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकी जाए 01 वेतन वृद्धि 01 वर्ष के लिए रोकी जाए
2 श्री सुनील कुमार शुक्ला, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जालौन 01 वेतन वृद्धि 03 वर्षों के लिए रोकी जाए 01 वेतन वृद्धि 01 वर्ष के लिए रोकी जाए
3 श्री लव कुमार सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, अयोध्या 01 वेतन वृद्धि 03 वर्षों के लिए रोकी जाए 01 वेतन वृद्धि 01 वर्ष के लिए रोकी जाए

उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा उपर्युक्त अधिकारियों के सम्बन्ध में शासन द्वारा विनिश्चित शास्ति पर भिन्न परामर्श उपलब्ध कराए जाने के उपरान्त पुनः शासन के पत्र दिनांक 12 जून, 2019 के माध्यम से उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से प्रश्नगत प्रकरण में की गई अनियमितता/कदाचार/अपकृत्य के दृष्टिगत शासन द्वारा विनिश्चित शास्ति पर यथावत् परामर्श प्रदान किए जाने का अनुरोध किया गया, परन्तु उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा पत्र दिनांक 06 जुलाई, 2019 के माध्यम से 'श्री जवाहर लाल श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद प्रयागराज, श्री सुनील कुमार शुक्ला, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद जालौन एवं श्री लव कुमार सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद अयोध्या के अनुशासनिक प्रकरण में शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए समस्त अभिलेखों एवं प्रस्तावित शास्ति पर मा0 आयोग द्वारा पुनर्विचार किया गया। पुनर्विचार के उपरान्त मा0 आयोग उक्त प्रकरण पर अपने लिए गए पूर्व मत से दृढ़ है' का परामर्श उपलब्ध कराया गया।
उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा इन अधिकारियों के सम्बन्ध में विनिश्चित शास्ति पर उपलब्ध कराए गए परामर्श दिनांक 06 जुलाई, 2019 के सम्बन्ध में यह निर्णय लिया गया कि उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए शासन द्वारा विनिश्चित शास्ति पर यथावत सहमति/परामर्श प्रदान किए जाने का अनुरोध कर लिया जाए। तत्क्रम में शासन के पत्र संख्या-1037/दो-3-2019-35/3(1)/2016, दिनांक 26 जुलाई, 2019 के माध्यम से उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से विनिश्चित शास्ति पर सहमति/परामर्श प्रदान किए जाने का अनुरोध किया गया। मा0 आयोग द्वारा पत्र दिनांक 07 सितम्बर, 2019 के माध्यम से निम्नलिखित परामर्श उपलब्ध कराते हुए उ0प्र0 सचिवालय अनुदेश-1982 के प्रस्तर-7 में उल्लिखित प्राविधानों के अनुसार कार्यवाही करने का परामर्श दिया गया।
उ0प्र0 सचिवालय अनुदेश-1982 के नियम-51(7) में 'मामला आयोग को पुनः निर्दिष्ट किए जाने पर, जब आयोग सरकार से सहमत होने में फिर भी असमर्थ हो, तब सरकार का प्रशासनिक विभाग आयोग की राय को ध्यान में रखते हुए मामले का पुनः परीक्षण करेगा। यदि विभाग इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि आयोग की राय स्वीकार न की जाए और मूल अनन्तिम विनिश्चिय के अनुसार कार्यवाही की जाए, तो वह अपना प्रस्ताव मंत्रिमण्डल के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करेगा, जिसमें आयोग की राय को स्वीकार न करने के कारणों का उल्लेख किया जाएगा' की व्यवस्था दी गई है।
अतः उ0प्र0 सचिवालय अनुदेश-1982 के नियम-51(7) में किए गए प्राविधान के दृष्टिगत उ0प्र0 लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा उपलब्ध करायी गई सहमति/परामर्श से भिन्न कार्यवाही करते हुए श्री जवाहर लाल श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद प्रयागराज, श्री सुनील कुमार शुक्ला, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद जालौन एवं श्री लव कुमार सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद अयोध्या के सम्बन्ध में इन तथ्यों के दृष्टिगत श्री जवाहर लाल श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद प्रयागराज की 03 वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से एवं श्री सुनील कुमार शुक्ला, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद जालौन तथा श्री लव कुमार सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सदर, जनपद-सीतापुर सम्प्रति उपजिलाधिकारी, जनपद अयोध्या की 01-01 वेतनवृद्धि 03 वर्षों के लिए रोके जाने का निर्णय लिया गया है।
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नए ईंधन स्टेशनों की स्थापना हेतु अनापत्ति
प्रदान किए जाने सम्बन्धी नीति/गाइडलाइन्स के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में स्थित लोक निर्माण विभाग के अधीन राज्यमार्गों/प्रमुख जिला मार्गों/अन्य जिला मार्गों/ग्रामीण मार्गों पर नए ईंधन स्टेशन स्थापित किए जाने हेतु अनापत्ति प्रदान किए जाने हेतु नीति/गाइडलाइन्स निर्धारित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
इन गाइडलाइन्स के बन जाने से सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति के साथ-साथ स्थानीय जनमानस को ईंधन की सुगम सुलभता सुनिश्चित हो सकेगी।
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उत्तर प्रदेश अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के
अन्तर्गत प्रदेश में मेगा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहन
देने के उद्देश्य से विभिन्न मेगा परियोजनाओं को दी जाने
वाली विशेष सुविधाओं एवं रियायतों के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के अन्तर्गत प्रदेश में मेगा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विभिन्न मेगा परियोजनाओं को दी जाने वाली विशेष सुविधाओं एवं रियायतों सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
प्रदेश में अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 (मेगा परियोजना) के अन्तर्गत मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के उपरान्त औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सुविधाएं प्रदान करने हेतु लेटर आॅफ कम्फर्ट निर्गत किए गए हैं।
लेटर आॅफ कम्फर्ट की शर्तों के अनुसार निर्धारित निवेश एवं वाणिज्यिक उत्पादन के उपरान्त मेसर्स श्री सीमेण्ट लि0 बुलन्दशहर, मेसर्स रिलायन्स सीमेण्ट कम्पनी प्रा0लि0 रायबरेली, मेसर्स वरुण बेवरेजस लि0 सण्डीला हरदोई एवं मेसर्स पसवारा पेपर्स लि0 मेरठ द्वारा क्रमशः 89.61 करोड़ रुपए, 151.99 करोड़ रुपए, 80.92 करोड़ रुपए एवं 3.75 करोड़ रुपए (कुल 326.27 करोड़ रुपए) राशि की वित्तीय सुविधाएं वितरित किए जाने का अनुरोध किया गया है।
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औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012
(यथासंशोधित) के कतिपय प्रस्तरों में संशोधन के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने 01 जुलाई, 2017 से वस्तु एवं सेवा कर लागू हो जाने की स्थिति में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) शासनादेश संख्या-1599/77-6-12-08(एम)/12टी.सी.प्ट दिनांक 30 नवम्बर, 2012 के कतिपय प्रस्तरों में संशोधन किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान कर दिया है।
प्रदेश में अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के अन्तर्गत मंत्रिपरिषद के अनुमोदनोपरान्त औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के माध्यम से पात्र इकाइयों को उनके द्वारा जमा कराए गए यू0पी0 वैट एवं सी0एस0टी0 के सापेक्ष ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है।
01 जुलाई, 2017 से यू0पी0 वैट एक्ट समाप्त कर जी0एस0टी0 एक्ट लागू किए जाने के कारण औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 के कतिपय प्रस्तरों में निहित प्राविधानों में संशोधन की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है।
अतएव पूर्व मंे इकाइयों द्वारा यू0पी0 वैट एवं सी0एस0टी0 के सापेक्ष जमा कराई गई धनराशि के रूप में अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था को जी0एस0टी0 एक्ट के अन्तर्गत राज्य के अंश की सीमा तक जमा कराई गई नेट एस0जी0एस0टी0 (इनपुट टैक्स क्रेडिट की धनराशि घटाए जाने के पश्चात्) की धनराशि को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में यह निर्णय लिया गया है।
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास
प्राधिकरणों में अपूर्ण ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने एवं
होम बायर्स को राहत पहुंचाने विषयक नीति निर्धारण के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में अपूर्ण ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने एवं होम बायर्स को राहत पहुंचाने विषयक नीति निर्धारण सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
इस नीति के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में आवंटी/विकासकर्ताओं को कतिपय परिस्थितियों में प्राधिकरण द्वारा शून्य अवधि अनुमन्य करायी जाएगी। शून्य अवधि की सुविधा ऐसे विकासकर्ताओं को ही अनुमन्य होगी, जो फ्लैट बायर्स के हितों को संरक्षित करने के उद्देश्य से जून, 2021 तक परियोजना पूर्ण करने का लिखित आश्वासन देते हैं। यदि उनके द्वारा दिये गये आश्वासन के क्रम में 30 जून, 2021 तक अपनी परियोजना पूर्ण नहीं की जाती है, तो शून्य अवधि से सम्बन्धित सुविधा निरस्त कर दी जाएगी। जिस अवधि के लिए शून्यकाल अनुमन्य किया जाएगा, उस अवधि को निर्माण हेतु अनुमन्य समयसीमा में शामिल नहीं किया जाएगा।
ऐसे विकासकर्ता जो फ्लैट बायर्स के हितों को संरक्षित करने के उद्देश्य से जून, 2021 तक परियोजना पूर्ण करने का लिखित आश्वासन देते हैं, उन्हें प्राधिकरणों द्वारा समय विस्तारण शुल्क से छूट प्रदान की जाएगी। यदि उनके द्वारा आश्वासन के क्रम में 30 जून, 2021 तक परियोजना पूर्ण नहीं की जाती है तो समय विस्तारण शुल्क से सम्बन्धित छूट निरस्त कर दी जाएगी। जिन विकासकर्ताओं/आवंटियों द्वारा अवरूद्ध परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए यथोचित प्रयास नहीं किया गया है। ऐसी परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए प्राधिकरणों को अधिकार होगा कि वे को-डेवलपर द्वारा उन परियोजनाओं को पूर्ण कराने की कार्यवाही करें।
यह नीति सिर्फ रेजिडेन्शियल ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी पर लागू होगी। इस योजना का लाभ उठाने हेतु आवंटी/विकासकर्ता को सम्बन्धित प्राधिकरण में शासनादेश निर्गत होने की तिथि से 02 माह के अन्दर आवेदन करना होगा। यह नीति मात्र ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए है तथा अन्य सभी परियोजनाओं के लिए प्राधिकरणों के स्तर पर बनायी गई प्रभावी नीति ही लागू रहेगी। प्राधिकरणों को जो समय विस्तारण शुल्क प्राप्त हो चुका है उसकी कोई वापसी अथवा समायोजन नहीं किया जाएगा। आवंटी/विकासकर्ता द्वारा इस आशय का भी शपथपत्र प्राधिकरण को प्रस्तुत किया जाएगा कि इस नीति के अन्तर्गत जो भी सुविधा/लाभ उसे प्राप्त होंगे, उससे सम्बन्धित कोई भी धनराशि होम बायर्स से नहीं ली जाएगी।
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नोएडा सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा नाॅलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित मेट्रो काॅरिडोर परियोजना पर अनुमोदन प्रदान किए जाने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने नोएडा सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा नाॅलेज पार्क-5 तक 14.958 कि0मी0 लम्बाई के प्रस्तावित मेट्रो काॅरिडोर परियोजना (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) पर अनुमोदन प्रदान किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नोएडा सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा नाॅलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य नोएडा मेट्रो रेल काॅरपोरेशन द्वारा कराया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण द्वारा नोएडा, ग्रेटर नोएडा की यातायातीय व्यवस्था को सुगम एवं सुचारु बनाने हेतु पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में मेट्रो सिस्टम परियोजना क्रियान्वित की जाएगी। नोएडा सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा नाॅलेज पार्क-5 तक
14.958 कि0मी0 लम्बी मेट्रो परियोजना की लागत के वित्त पोषण में राज्य सरकार के अंश 327 करोड़ रुपए तथा सब-आॅर्डिनेट डेट 177 करोड़ रुपए का वहन नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा द्वारा अपने संसाधनों से अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाली लम्बाई के अनुपात में किया जाएगा। इस परियोजना में राज्य सरकार द्वारा कोई धनराशि नहीं दी जाएगी।
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जनपद सिद्धार्थनगर की नगर पंचायत शोहरतगढ़
के सीमा विस्तार करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने जनपद सिद्धार्थनगर की नगर पंचायत शोहरतगढ़ के सीमा विस्तार करने का निर्णय लिया है।
नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या- 450/9-1-2016-426 सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या-450/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 में निर्धारित मानकों के अनुसार जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा अपने पत्र दिनांक-02.06.2016 के माध्यम से जनपद सिद्धार्थनगर की नगर पंचायत शोहरतगढ़ का सीमा विस्तार का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया। जो नगर पंचायत के सीमा विस्तार सम्बन्धी शासनादेश के अनुरूप है।
जनपद सिद्धार्थनगर की नगर पंचायत शोहरतगढ़ के सीमा विस्तार हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 02 जनवरी, 2017 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गये। इस अनन्तिम अधिसूचना के सम्बन्ध में शासन/जनपद स्तर पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय आदेश दिनांक-23 जनवरी, 2018 द्वारा कर दिया गया है। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया है।
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जनपद सीतापुर की नगर पंचायत तम्बौर
अहमदाबाद के सीमा विस्तार करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने जनपद सीतापुर की नगर पंचायत तम्बौर अहमदाबाद के सीमा विस्तार करने का निर्णय लिया है।
नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या- 450/9-1-2015-426 सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 द्वारा मानकों को निर्धारण किया गया है। इस शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी-सीतापुर द्वारा दिनांक 25-02-2015 के पत्र के माध्यम से नगर पंचायत तम्बौर अहमदाबाद के सीमा विस्तार हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है।
नगर पंचायत तम्बौर अहमदाबाद के सीमा विस्तार हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 08 जून, 2017 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गये। नगर पंचायत तम्बौर अहमदाबाद के सीमा विस्तार के सम्बन्ध में कोई आपत्ति/सुझाव शासन स्तर पर प्राप्त नहीं हुआ।
जनपद सीतापुर के अन्तर्गत नगर पंचायत, तम्बौर अहमदाबाद के सीमा विस्तार एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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जनपद रायबरेली की नगर पंचायत महाराजगंज के सीमा विस्तार को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने जनपद रायबरेली की नगर पंचायत महाराजगंज के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या- 450/9-1-2015-426 सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। इस शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, रायबरेली द्वारा दिनांक 18 जून, 2016 के पत्र के माध्यम से नगर पंचायत, महाराजगंज के सीमा विस्तार हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है।
नगर पंचायत, महाराजगंज के सीमा हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 08 नवम्बर, 2017 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझााव मांगे गये। इस अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध कोई आपत्ति एवं सुझाव जिलाधिकारी, रायबरेली एवं शासन स्तर पर प्राप्त नहीं हुई।
जिला रायबरेली के अन्तर्गत नगर पंचायत, महाराजगंज के सीमा विस्तार एवं तत्सम्बम्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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जनपद जालौन की नगर पालिका परिषद, कोंच
के सीमा विस्तार का प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने जनपद जालौन की नगर पालिका परिषद, कोंच के सीमा विस्तार करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। नगर पालिका परिषद, कोंच के 05 ग्रामों यथा-ग्राम कोंच पालिका सीमा के बाहर मौजा आराजीलैन, ग्राम जुझार पुरा, चमैंड के मौजा बदनपुरा, ग्राम नगेपुरा के मौजा बदनपुरा, ग्राम पड़री के मौजा बदनपुरा एवं ग्राम घुसिया के मौजा बदनपुरा को सम्मिलित करते हुए नगर पालिका परिषद, कोंच का सीमा विस्तार किए जाने का निर्णय लिया गया है।
जनपद जालौन की नगर पालिका परिषद, कोंच सीमान्तर्गत व उससे लगे क्षेत्र से बाहर निरन्तर तेजी से बढ़ रही घनी आबादी में नागरिक सुविधा मुहैया कराने के उद््देश्य से जिलाधिकारी, जालौन द्वारा 05 ग्रामों को सम्मिलित करते हुए सीमा विस्तार किए जाने का प्रस्ताव शासन में उपलब्ध कराया गया। प्रत्येक जनमानस को तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहंचाने के उद््देश्य से नगर पालिका परिषद, कोंच का सीमा विस्तार किया जाना जनहित में आवश्यक है।
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जनपद संतकबीरनगर की नगर पालिका परिषद,
खलीलाबाद के सीमा विस्तार का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने जनपद संतकबीरनगर की नगर पालिका परिषद, खलीलाबाद का सीमा विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर पालिका परिषद, खलीलाबाद में 21-ग्राम बड़गो, खटौली, पटखौली, नेदुला, सरौली, मैलानी, बेलवनिया, डीघा, खलीलाबाद, कसैला, गौसपुर, गोरखपुर, बनियाबरी, सादिकगंज, उसका खुर्द, सरैया, मिश्रौलिया, उस्का कला, मटिहना, मड़या तथा बंजरिया को सम्मिलित करते हुए नगर पालिका परिषद्् खलीलाबाद का सीमा विस्तार किए जाने का निर्णय लिया गया है।
जनपद संतकबीरनगर की नगर पालिका परिषद, खलीलाबाद सीमा के अन्न्तर्गत व उससे लगे क्षेत्र से बाहर निरन्तर तेजी से बढ़ रही घनी आबादी में नागरिक सुविधा मुहैया कराने के उद््देश्य से जिलाधिकारी, संतकबीरनगर द्वारा 21 ग्रामों को सम्मिलित करते हुए सीमा विस्तार किए जाने का प्रस्ताव शासन में उपलब्ध कराया गया। प्रत्येक जनमानस को तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद््देश्य से नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार किया जाना जनहित में आवश्यक है।
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नगर निगम, लखनऊ के सीमा विस्तार का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने नगर निगम, लखनऊ में प्रस्तावित राजस्व ग्रामों/क्षेत्रों को सम्मिलित कर नगर निगम, लखनऊ की सीमा विस्तार का निर्णय लिया है। अधिसूचना की अंतर्वस्तु में संशोधन/परिवर्तन किए जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक संशोधन हेतु विभागीय मंत्री को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई है।
नगर निगम, लखनऊ की सीमा के निकटवर्ती ग्रामों में शहरीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति एवं उसमें हो रहे अनियोजित विकास को नियोजित करने एवं अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु निकटवर्ती ग्रामों को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, लखनऊ की सीमा विस्तार के सम्बन्ध में आयुक्त, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है।
आयुक्त, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा निम्नलिखित राजस्व ग्रामों को नगर निगम, लखनऊ की प्रस्तावित सीमा विस्तार के तहत उत्तर दिशा में ग्राम-जेहटा, सैथा, अलीनगर, नरहरपुर, घैला, अल्लूनगर डिगुरिया, ककौली, मुतक्कीपुर, रायपुर, भिठौली खुर्द, मोहिउद्दीनपुर, खरगपुर जागीर, तिवारीपुर, मिर्जापुर, सैदपुर जागीर, रसूलपुर कायस्थ, अजनहर कलाँ, मिश्रपुर, गुडम्बा, बरखुरदारपुर, आधार खेड़ा, बसहा, दसौली, रसूलपुर सादात, मोहम्मदपुर मजरा, नौबस्ता कलाँ, गोयला तथा धावा को सम्मिलित किए जाने का प्रस्ताव है।
इसी प्रकार पूरब दिशा में ग्राम-उत्तर धौना, गणेशपुर रहमानपुर, सेमरा, शाहपुर, सराय शेख, टेराखास, लौलाई, निजामपुर मल्हौर, हासेमऊ, भरवारा, लोनापुर, चँदियामऊ, भैसोरा, खरगापुर, हुसेड़िया, मकदूमपुर, मलेसेमऊ, बाघामऊ, मस्तेमऊ, अरदौना मऊ, सरसवाँ, अहमामऊ, चककंजेहरा, माढरमऊ खुर्द, माढरमऊ कलाँ, हसनपुर खेवली, यूसुफनगर, हरिहरपुर, मलाक, घुसवलकलाँ, देवामऊ, मुजफ्फरनगर घुसवल, निजामपुर मझिगवां, सोनई कजेहरा, बरौना, सेवई तथा बरौली खलीलाबाद को शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।
दक्षिण दिशा में ग्राम-बिरूरा, हरिकंश गढ़ी, पुरसेनी, कल्ली पश्चिम, अलीनगर खुर्द, अशरफ नगर, रसूलपुर इठुरिया, बिजनौर, नटकुर, मीरानपुर पिनवट, अमौसी तथा अनौरा को सम्मिलित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, पश्चिम दिशा में ग्राम-कलिया खेड़ा, अलीनगर सुनहरा, सदरौना, सरोसा भरोसा, नरौना, सलेमपुर पतौरा, सिकरोरी, लालनगर, महिपतमऊ, सरायप्रेमराज तथा मौरा को शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। इस प्रकार कुल 88 राजस्व ग्रामों को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, लखनऊ की सीमा विस्तार का निर्णय लिया गया है।
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नगर निगम, वाराणसी के सीमा विस्तार का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने नगर निगम, वाराणसी में प्रस्तावित राजस्व ग्रामों/क्षेत्रों को सम्मिलित कर नगर निगम, वाराणसी की सीमा विस्तार का प्रस्ताव अनुमोदित कर दिया है। अधिसूचना की अंतर्वस्तु में संशोधन/परिवर्तन किए जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक संशोधन हेतु विभागीय मंत्री को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई है।
आयुक्त, वाराणसी मण्डल, वाराणसी द्वारा प्रेषित प्रस्ताव के दृष्टिगत नगर निगम, वाराणसी में राजस्व ग्राम-भगवानपुर, डाफी आंशिक, छित्तुपुरा, सुसुवाही, चितईपुर, अवलेशपुर, करौदी, सीरगोवर्द्धनपुर, नासिरपुर, नुआंव, कंदवा, पोगलपुर, चुरामनपुर, मड़ौली, ककरमत्ता, जलालीपट्टी, पहाड़ी, गणेशपुर, कंचनपुर, भिखारीपुरकला, भिखारीपुरखुर्द, चांदपुरआशिक, महेशपुर, शिवदासपुर, तुलसीपुर, मण्डुआडीह, लहरतारा, फुलवरिया, बड़ागांव, नाथूपुर, तरना, गणेशपुर (शिवपुर), हटिया, छतरीपुर, चुप्पेपुर, होलापुर, परमानन्दपुर, लोढ़ान, बासदेवपुर, अहमदपुर, हरिहरपुर, सरसवां, कानूडीह, दादूपुर, ऐढ़े, हरबल्लभपुर, बनवारीपुर, लमही, मढ़वां, रसूलपुर, सोयेपुर, रमदत्तपुर, गोइठहां, रजनहियां, हृदयपुर, हसनपुर, सिंहपुर, मुगदरपुर, खजुहीं, फरीदपुर, बकसड़ा, खरगपुर, मझमिठियां, संदहा, हिरामनपुर, रूस्तमपुर, तिलमापुर, आशापुर, लेढूपुर, रसूलगढ़, रघुनाथपुर, दीनापुर, सलारपुर, खालिसपुर, कोटवां, सरायमोहाना, डोमरी, सूजाबाद तथा हासिमपुर अर्थात कुल 79 राजस्व ग्रामों (77 ग्रामों का सम्पूर्ण क्षेत्रफल एवं 02 ग्रामों का आंशिक क्षेत्रफल) के कुल 8621.691 हे0 क्षेत्रफल को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, वाराणसी की सीमा विस्तार का निर्णय लिया गया है।
नगर निगम, वाराणसी की सीमा के निकटवर्ती ग्रामों में शहरीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति एवं उसमें हो रहे अनियोजित विकास को नियोजित करने एवं अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु निकटवर्ती ग्रामों को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, वाराणसी की सीमा विस्तार के सम्बन्ध में आयुक्त, वाराणसी मण्डल, वाराणसी द्वारा प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है।
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जनपद महराजगंज के ग्राम बृजमनगंज को
नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने जनपद महराजगंज के ग्राम बृजमनगंज को नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का पुनर्निर्धारण किया गया है। इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी महराजगंज के अंतर्गत ग्राम बृजमनगंज को नगर पंचायत बनाए जाने के सम्बन्ध में प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है।
जनपद महराजगंज के ग्राम बृजमनगंज को नगर पंचायत बनाए जाने हेतु अनन्तिम दिनांक 18 नवम्बर, 2016 निर्गत किया गया। इस अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध कोई आपत्ति/सुझाव जिलाधिकारी महराजगंज एवं शासन स्तर पर प्राप्त नहीं हुई। जनपद महराजगंज के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बृजमनगंज को नगर पंचायत के सृजन एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है।
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जनपद बस्ती के कस्बा भानपुर को
नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने जनपद बस्ती के कस्बा भानपुर को मिलाकर नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। नगर पंचायत के सृजन हेतु तत्कालीन शासनादेश संख्या-2934/9-1-14-426सा/2014, दिनांक 28 अगस्त, 2014 को निरस्त करते हुए इस शासनादेश द्वारा नगर पंचायत सृजन हेतु मानकों का निर्धारण किया गया है।
जिलाधिकारी, बस्ती के पत्र दिनांक 16 फरवरी, 2016 द्वारा तत्कालीन शासनादेश दिनांक 28 अगस्त, 2014 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद बस्ती के कस्बा भानपुर को नगर पंचायत बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो तत्कालीन शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा था। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद बस्ती के कस्बा भानपुर को नगर पंचायत बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 24 मई, 2016 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
इस अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 24 मई, 2016 के सम्बन्ध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के आदेश दिनांक 06 जनवरी, 2017 द्वारा कर दिया गया है। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया गया। जनपद बस्ती के कस्बा भानपुर को पंचायत बनाए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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जनपद लखीमपुर खीरी की ग्राम सभा निघासन
को नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने जिला लखीमपुर खीरी की ग्राम सभा निघासन को नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का पुनर्निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, लखीमपुर खीरी से प्राप्त प्रस्ताव के परीक्षणोपरान्त नगर पंचायत निघासन के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 21 जुलाई, 2016 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुुझाव मांगे गए।
इस सम्बन्ध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण आदेश दिनांक 18 अगस्त, 2017 द्वारा किया गया। जनपद लखीमपुर खीरी के अन्तर्गत नगर पंचायत निघासन के सृजन एंव तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है।
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जनपद संतकबीरनगर के ग्राम पंचायत बेलहर कला एवं बेलहर
खुर्द को मिलाकर नगर पंचायत बेलहर कला बनाए जाने के सम्बन्ध में
नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा /2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। नगर पंचायत सृजन हेतु तत्कालीन शासनादेश संख्या-2934/9-1-14-426सा/2014, दिनांक 28 अगस्त, 2014 को निरस्त करते हुए उपरोक्त शासनादेश द्वारा नगर पंचायत सृजन हेतु मानकों का निर्धारण किया गया है।
जिलाधिकारी, संतकबीरनगर के पत्र दिनांक 22 जुलाई, 2015 द्वारा शासनादेश दिनांक 28 अगस्त, 2014 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद संतकबीरनगर के ग्राम पंचायत बेलहर कला एवं बेलहर खुर्द को मिलाकर नगर पंचायत बेलहर कला बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया। जो उक्त शासनादेश में निर्धारित मानकों में से जनसंख्या एवं लोगों के व्यवसाय के मानक की पूर्ति नहीं कर रहा था। उक्त मानक में शिथिलीकरण हेतु मंत्रिपरिषद की दिनांक 18 जुलाई, 2016 की बैठक में अनुमोदन प्राप्त किया गया। तदोपरान्त जनपद संतकबीरनगर पंचायत बेलहर कला के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 19 सितम्बर, 2016 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
इस अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 19 सितम्बर, 2016 के सम्बन्ध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के आदेश दिनांक 27 दिसम्बर, 2016 द्वारा कर दिया गया है। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया गया।
जनपद संतकबीरनगर के ग्राम पंचायत बेलहर कला एवं बेलहर खुर्द को मिलाकर नगर पंचायत बेलहर कला बनाए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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जनपद मैनपुरी के ग्राम सभा बरनाहल को
नगर पंचायत बरनाहल बनाए जाने के सम्बन्ध में
नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा /2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है।
जिलाधिकारी, मैनपुरी के पत्र दिनांक 24 अगस्त, 2017 द्वारा शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद मैनपुरी के ग्राम बरनाहल को नगर पंचायत बरनाहल बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शाासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा था। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद मैनपुरी के ग्राम बरनाहल को नगर पंचायत बरनाहल बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 30 जनवरी, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
इस अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 30 जनवरी, 2018 के सम्बन्ध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के आदेश दिनांक 04 सितम्बर, 2018 द्वारा कर दिया गया है। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया गया।
जनपद मैनपुरी के ग्राम बरनाहल को नगर पंचायत बरनाहल बनाए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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जनपद सिद्धार्थनगर के बिस्कोहर बाजार को
नगर पंचायत बिस्कोहर बनाए जाने के सम्बन्ध में
नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा /2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है।
जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर के पत्र दिनांक 19 मार्च, 2018 द्वारा शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद सिद्धार्थनगर के बिस्कोहर बाजार को नगर पंचायत बिस्कोहर बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा था। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद सिद्धार्थनगर के बिस्कोहर बाजार को नगर पंचायत बिस्कोहर बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 02 जून, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
इस अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 02 जून, 2018 के प्रकाशित होने के उपरान्त निर्धारित अवधि में कोई भी आपत्ति/सुझाव प्राप्त न होने के कारण अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया गया।
जनपद सिद्धार्थनगर के बिस्कोहर बाजार को नगर पंचायत बिस्कोहर बनाए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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जनपद जौनपुर के ग्राम कचगांव को
नगर पंचायत कचगांव बनाए जाने के सम्बन्ध में
नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा /2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है।
जिलाधिकारी, जौनपुर द्वारा शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद जौनपुर के ग्राम कचगांव को नगर पंचायत कचगांव बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा था। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद जौनपुर के ग्राम कचगांव को नगर पंचायत कचगांव बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 02 नवम्बर, 2016 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
इस अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 02 नवम्बर, 2016 के प्रकाशित होने के उपरान्त निर्धारित अवधि में कोई भी आपत्ति/सुझाव प्राप्त न होने के कारण अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया गया।
जनपद जौनपुर के ग्राम कचगांव को नगर पंचायत कचगांव बनाए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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संतकबीरनगर द्वारा ग्राम बाघनगर उर्फ बखिरा को
नगर पंचायत बाघनगर उर्फ बखिरा बनाए जाने के सम्बन्ध में
नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा /2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है।
संतकबीरनगर के पत्र दिनांक 17 जून, 2017 द्वारा शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद संतकबीरनगर के ग्राम बाघनगर उर्फ बखिरा को नगर पंचायत बाघनगर उर्फ बखिरा बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा था। उक्त के दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद संतकबीरनगर के ग्राम बाघनगर उर्फ बखिरा को नगर पंचायत बाघनगर उर्फ बखिरा बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-4445/9-1-2017-17टी.ए/14, दिनांक 28 सितम्बर, 2017 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
इस अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 28 सितम्बर, 2017 के क्रम में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय आदेश संख्या-805/9-1-2018-17टी.ए./14, एवं 805(1)/9-1-2018-17टी.ए./14, दिनांक 31 मई, 2018 द्वारा कर दिया गया है। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दिया गया।
जनपद संतकबीरनगर के ग्राम बाघनगर उर्फ बखिरा को नगर पंचायत बाघनगर उर्फ बखिरा बनाए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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जनपद मऊ के ग्राम कुर्थीजाफरपुर को नगर पंचायत बनाए जाने के सम्बन्ध में
नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा /2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का पुनर्निर्धारण किया गया है। इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी, मऊ के पत्र दिनांक 21 सितम्बर, 2015 द्वारा जनपद मऊ के अंतर्गत ग्राम कुर्थीजाफरपुर को नगर पंचायत बनाए जाने के सम्बन्ध में प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया। जनपद मऊ ग्राम कुर्थीजाफरपुर को नगर पंचायत बनाए जाने के सम्बन्ध में जारी अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 24 मई, 2016 के विरुद्ध प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण आदेश दिनांक 22 दिसम्बर, 2016 द्वारा किया गया।
जनपद मऊ के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कुर्थीजाफरपुर को नगर पंचायत के सृजन एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है।
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जनपद प्रतापगढ़ के अन्तर्गत सुवंशा बाजार को
नगर पंचायत सुवंशा बाजार बनाए जाने के सम्बन्ध में
नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा /2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद प्रतापगढ़ के अन्तर्गत सुवंशा बाजार को नगर पंचायत बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा था। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद प्रतापगढ़ के अन्तर्गत सुवंशा बाजार को नगर पंचायत बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-1341/9-1-2018-07 टी.ए./18, दिनांक 18 जुलाई, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
इस अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 18 जुलाई, 2018 के सम्बन्ध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या-2232/9-1-2018-07
टी.ए./18, दिनांक 24 सितम्बर, 2018 द्वारा कर दिया गया है। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया।
जनपद प्रतापगढ़ के अन्तर्गत सुवंशा बाजार को नगर पंचायत सुवंशा बाजार बनाए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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जनपद सिद्धार्थनगर के बर्डपुर शहर (ग्राम पंचायत)
को नगर पंचायत कपिलवस्तु बनाए जाने के सम्बन्ध में
नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426 सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के पत्र दिनांक 17 जुलाई, 2016 द्वारा जनपद सिद्धार्थनगर के बर्डपुर शहर (ग्राम पंचायत) को नगर पंचायत कपिलवस्तु बनाए जाने का प्रस्ताव नगर पंचायत सृजन सम्बन्धी तत्समय प्रभावी शासनादेश संख्या-2934/9- 1-14-426सा/2014, दिनांक 28 अगस्त, 2014 एवं वर्तमान में प्रभावी शासनादेश संख्या-2979/9-1-16-426सा/14, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित सभी मानकों को पूर्ण कर रहा है। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद सिद्धार्थनगर के बर्डपुर शहर (ग्राम पंचायत) को नगर पंचायत कपिलवस्तु बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-2515/9-1-2016-51टी/12, दिनांक 25 नवम्बर, 2016 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।


इस अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 25 नवम्बर, 2016 के सम्बन्ध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या-1807/9-1-2018- 51टी0/12, दिनांक 07 अगस्त, 2018 द्वारा कर दिया गया है। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अंति










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