प्रदेश में ‘‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’’ सफलता से संचालित होती रहेगी

उ0प्र0 बहुत बड़ी आबादी को चिकित्सा सुविधाएं देता है, अन्य प्रदेशों से तुलना व्यर्थ

-चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह

 

योजना को सफल बनाने के लिए सबका सहयोग जरूरी

-मुख्य कार्यपालक अधिकारी, भारत सरकार, डाॅ0 इन्दुभूषण

 

निजी चिकित्सालयों की इस योजना में सम्बद्धता बढ़ाई जाय

-प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी

 

लखनऊः 02 दिसम्बर, 2019

 

प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जय प्रताप सिंह ने आज कहा कि ''आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना'' गरीबों को बड़ी चिकित्सा सुविधा निःशुल्क प्रदान करने की दिशा में भारत सरकार की अहम योजना है। उन्होंने इस योजना की अमेरिका में पूर्व में संचालित ओबामा केयर योजना से तुलना करते हुए कहा कि भारत सरकार की योजना अपने आप में अद्वितीय है। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश अपने सीमित संसाधनों में भी प्रदेश की बहुत बड़ी आबादी को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है और इस योजना के सफल संचालन की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 की बड़ी आबादी को देखते हुए अन्य प्रदेशों से तुलना करना व्यर्थ है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री आज यहां गोमती नगर स्थित एक होटल में 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यशाला में प्रदेश के लिए बनाई गई वेबसाइट ंलनेीउंदनचण्पद वेबसाइट का उद्घाटन भी किया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार डाॅ0 इन्दुभूषण ने कहा राष्ट्रीय स्तर पर योजना के सफल संचालन के लिए सबका सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 में योजना का प्रसार बहुत तेजी से हो रहा है तथापि इस प्रक्रिया में तीन गुना तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा भारत में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रतिदिन लगभग 30,000 उपचार हो रहे हैं, इसका 10 प्रतिशत अर्थात् 3000 उपचार का लाभार्थी उ0प्र0 में होना चाहिए। इसके लिए तीन गुना तेजी से कार्य किए जाने की आवश्यकता प्रदेश में है। उन्होंने कैम्प लगाकर सभी क्षेत्रों को योजना से आच्छादित करने, निजी अस्पतालों को जोड़ने, भुगतान के नए रेट को प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया।

प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री देवेश चतुर्वेदी ने प्रदेश में योजना के लाभार्थियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पतालों की सम्बद्धता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने योजना के तहत अस्पतालों के रूके हेतु भुगतानों के निस्तारण हेतु रिव्यु टीम बनाकर भुगतान की दिक्कतों को दूर करने को कहा।

कार्यशाला का आयोजन उत्तर प्रदेश में इस योजना का संचालन कर रही संस्था -साचीज द्वारा किया गया था। कार्यशाला में संस्था की मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती संगीता सिंह ने प्रदेश में योजना की अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी लक्ष्यों से अवगत कराया। कार्यशाला का आयोजन प्रदेश में योजना के प्रभावी संचालन और स्टेक होल्डर्स की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से किया गया था।

कार्यक्रम में बेस्ट परफारमिंग 10 जनपद क्रमशः बरेली, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, चंदौली, मेरठ, कानपुर नगर, लखनऊ, बुलंदशहर, मुरादाबाद के नोडल अधिकारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त जनपद सोनभद्र की डीआईयू यूनिट को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जनपद वाराणसी, बरेली, अम्बेडकरनगर, ललितपुर, चित्रकूट तथा कन्नौज के नोडल अधिकारियों एवं निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधि विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतिकरण दिए गए।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यशाला में सीईओ भारत सरकार इन्दुभूषण, प्रमुख सचिव डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी, सलाहकार भारत सरकार दीपा सिंह बगाई, सीईओ सांची संगीता सिंह, समस्त जनपदों के नोडल अधिकारी, सूचीबद्ध मेडिकल काॅलेज, चिकित्सा संस्थान-निजी एवं सरकारी अस्पतालों के प्रतिनिधि तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

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