गरीबों के लिए निःशुल्क राशन बंद करने का विरोध

लखनऊ 22 जून। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) उत्तर प्रदेश राज्य
सचिव मण्डल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में केन्द्र सरकार द्वारा किये गये इस
फैसले की आलोचना की है जिसमें कोविड के दौर में तीन महीने से मिल रहे मुफ्त
राशन वितरण पर जुलाई माह से रोक लगा दी गई है और कहा है कि राज्य सरकारें यदि
इसे चालू करने का अनुरोध करेंगी तो केन्द्र सरकार विचार कर सकती है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि महामारी संकट के इस दौर में उ0प्र0 की योगी
सरकार ने भी केन्द्र सरकार के फैसले को मान लिया है और मुफ्त राशन वितरण के
लिए मना कर दिया गया है। पार्टी संचिव मण्डल द्वारा जारी बयान में कहा गया है
कि उ0प्र0 एक गरीब प्रदेश है और बड़ी संख्या में यहां प्रवासी मजदूर भी आये
हैं। इस स्थिति में सीपीआई (एम) राज्य सचिव मण्डल ने मांग की है कि मुुफ्त
राशन व्यवस्था को अगले छह महीने तक लागू रखा जाये। इसके साथ ही हर व्यक्ति जो
आयकर दायरे से बाहर है, को कम से कम 7500 रूपये नगद भी अगले छह माह तक दिया
जाये।


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