गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए गौवंश के लिए चारे की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए-योगी आदित्यनाथ


लखनऊ: 29 जून, 2020
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि स्वच्छता के सम्बन्ध में कोई शिथिलता नहीं होनी चाहिए। कोरोना संक्रमण तथा वर्षा ऋतु में संचारी रोगों के प्रसार के दृष्टिगत उन्होंने इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनपद गौतमबुद्ध नगर तथा गाजियाबाद के साथ ही पूरे मेरठ मण्डल में पूरी सतर्कता तथा सावधानी बरती जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या को बढ़ाया जाए। उन्होंने प्रत्येक जनपद में आॅक्सीजन की सुचारु आपूर्ति एवं उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि डाॅक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित राउण्ड लें। पैरामेडिक्स द्वारा रोगियों की लगातार माॅनिटरिंग की जाए। 24 घण्टे में कम से कम एक बार मरीज के परिजनों को रोगी के स्वास्थ्य की जानकारी आवश्य दी जाए। ‘108’, ‘102’ तथा ए0एल0एस0 एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। एम्बुलेंस में आॅक्सीजन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने टेस्टिंग क्षमता में लगातार वृद्धि के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाए। ट्रूनैट मशीनों तथा रैपिड एन्टीजेन टेस्ट मशीनों को पूरी क्षमता से संचालित करते हुए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाएं। संक्रमण पर नियंत्रण के लिए निजी चिकित्सालयों में ट्रेूनैट मशीनों के प्रयोग के बढ़ावा दिया जाए। बैठक में यह जानकारी दी गई कि रविवार को प्रदेश में 22,378 नमूने जांच हेतु संग्रहित किए गए। यह भी अवगत कराया गया कि अब प्रदेश में 25 सरकारी तथा 17 निजी प्रयोगशालाएं टेस्टिंग कार्य हेतु उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के कार्य को तेज गति से जारी रखने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों एवं संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। निजी चिकित्सालयों को हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ओ0पी0डी0 संचालित करने वाले अस्पताल में कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से स्थापित हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दो गज की दूरी तथा मास्क का उपयोग बढ़ाने के लिए जागरूकता एवं प्रेरणा की जरूरत है। इसके दृष्टिगत कोरोना के प्रति जागरूकता के प्रचार अभियान को और गहन तथा प्रभावी बनाया जाए। प्रचार-प्रसार की दृष्टि से स्थापित की जाने वाली होर्डिंग को ऐसे स्थानों पर लगाए जाएं, जहां से वे आसानी से लोगों को नजर आए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सम्पर्क में आने वाले लोगों से संक्रमण होने की सम्भावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए फील्ड में तैनात शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विशेष सावधानी बरती जाए। किसी कर्मी के संक्रमित हो जाने की स्थिति में अविलम्ब उसके प्रतिस्थानी की तैनाती की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को सर्विलांस व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसे सुचारु ढंग से लागू करते हुए इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने सर्विलांस के दौरान सर्विलांस टीम द्वारा घर-घर कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में हैण्डबिल भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने 01 से 31 जुलाई, 2020 तक संचालित किए जाने वाले सचंारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि को संचारी रोग के सम्बन्ध में सतर्क रखा जाए। मानव संसाधन को इस सम्बन्ध में प्रशिक्षित रखते हुए एम्बुलेंस आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अन्तर्विभागीय समन्वय के माध्यम से कार्यों को निचले स्तर तक पहुंचाए जाने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संचारी रोगों को नियंत्रित करने में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके दृष्टिगत सूचना विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करते हुए प्रचार-प्रसार का व्यापक अभियान चलाते हुए लोगों को संचारी रोगों से बचाव की जानकारी दी जाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, चैराहों, बाजार आदि प्रमुख स्थलों पर इस सम्बन्ध में होर्डिंग तथा पोस्टर लगाए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने नगर विकास विभाग, विकास प्राधिकरणों तथा स्थानीय निकायों को शहरी इलाकों में तथा पंचायतीराज विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का वृहद अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी सरकारी विभागों तथा निजी कार्यालयों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कराई जाए। फाॅगिंग तथा एन्टी लार्वा रसायनों का छिड़काव प्रभावी ढंग से किया जाए।  
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाई जाए। महिला और बाल विकास विभाग महिलाओं को पुष्टाहार की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए उन्हें पोषण के सम्बन्ध में जागरूक भी करे। उन्होंने कहा कि पेयजल की आपूर्ति को सुव्यवस्थित बनाए रखते हुए लोगों को पानी गरम कर तथा छानकर पीने के लिए जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समय से पहले मानसून आने के दृष्टिगत बाढ़ नियंत्रण के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता बरती जाए। बाढ़ राहत शिविर समय से तैयार कर लिए जाए। टिड्डी दल को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए गौवंश के लिए चारे की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज श्री मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि श्री देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास श्रीमती एस0 राधा चैहान, अपर मुख्य सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्री हेमन्त राव, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा श्रीमती आराधना शुक्ला, अपर मुख्य सचिव सिंचाई श्री टी0 वेंकेटेश, प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्री मनोज सिंह, प्रमुख सचिव पशु पालन श्री भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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