हर घनघोर रात के बाद सवेरा अवश्य आता है - डॉ रेनू जैन

डॉ० रेनू जैन जो कि गायनोलॉजिस्ट औरबेहतरीन  सिंगर,सदस्य,यूथ हास्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया,शान-ए-अवध इकाई ने सुशांत सिंह राजपूत के असमय निधनं पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सेलेब्स और फैंस,एक्टर के निधन पर सभी शोकगुल है।सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से अपनी श्रदांजली। सुशांत सिंह राजपूत पर फिल्मायें गये, गीत गाकर दी। ऐसे युवा कलाकार को विनम्र श्रद्धांजलि। सुशांत सिंह राजपूत पटना का एक सिंपल स्वीट,बबली और हैंडसम लड़का था। वह महत्वाकांक्षी और मेहनती थे।उनकी ये बात इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर टी०वी० स्टार से लेकर फिल्मों के सफर पता चलती है।उन्होंने काई पो चे,सोनचिरिया,देसी शुद प्यार,धोनी,छिछोरे और चितचोर जैसी सार्थक फिल्मों में काम किया। ग्लैमर उद्योग में सफलता और असफलता की संभावनाएं बहुत हैं। एक डॉ० के रूप में मैं यही कहना चाहूंगीं कि परिवार और अच्छे दोस्त जीवन की रीढ़ की हड्डी के समान होते हैं। माता-पिता को अपने बच्चों को अपनी तरफ से असफलताओं  में कैसे जीना सिखाना चाहिए। यदि उनके बच्चे में कोई भी व्यवहार परिवर्तन पाया जाता है। जितनी जल्दी हो सके डॉ० से परामर्श करना चाहिए। कभी भी एक उदास व्यक्ति- बच्चे को अकेला न छोड़ें। सुशांत की आखिरी फिल्म "छिछोरे" में इस समस्या को इतनी बारीकी से निपटाया गया था। लेकिन वास्तविक जीवन में वो ऐसा नहीं कर सकें। अवसाद के एक हिट में उसने अपनी जान ले ली। जो उसके दोस्तों,प्रशंसकों और उसके माता-पिता के लिए बहुत कीमती थी। गीत "कल की ही बात है-बाँहों में पहली बार आया था तू ,जिनसे अंजान है था, वो सारे वो सारे जज्बात लाया था तू"। गीत गाकर श्रद्धांजलि व्यक्त की।


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