विशेष लेख: एक अभिनव प्रयोग


नीति आयोग ने विकास की दिशा में एक नया प्रयोग किया है । आयोग ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सेवापुरी ब्लाॅक को माॅडल ब्लाॅक बनाने के लिए चुना है । देश मे यह अपने प्रकार का यह पहला प्रयोग है । गौरतलव है कि 87 ग्राम पंचायतो वाले सेवापुरी ब्लाॅक की आबादी करीब 2 लाख 35 हजार है । ब्लाॅक की ज्यादातर आबादी खेती से जुड़ी है । किसानो के पास छोट और मझोले की काश्त है जिस पर वे परम्परागत ढ़ंग से खेती करते है। सेवापुरी ब्लाॅक के किसान सब्जी की भी फसले लेते है। सब्जी किसानो की आय का अतिरिक्त साधन है। नीति आयोग के विकास माॅडल के अनुसार इस ब्लाॅक के पात्र सभी लाभार्थियों का संतृप्त किया जायेगा । विकास माॅडल के अनुसार सबसे पहले केन्द्र सरकार की योजनाओ को क्रियान्वित करने वाले विभिन्न विभागो को लक्ष्य निर्धारित करने होगे।  इन लक्ष्यों को 90 दिन की अवधि मे पूरा करना होगा। मसलन अगर किसी लाभार्थी को साल में 100 दिन का काम देना है तो उसे यह लाभ 3 महीने मे ही देना होगा । विभिन्न विभागो द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के अन्तर्गत कुछ लाभार्थी लाभ प्राप्त भी कर चुके होगे। इसको ध्यान में रखते हुए शेष बचे लाभार्थियो तक लाभ पहुचाया जायेगा। गौरतलव है कि केन्द्र सरकार विभिन्न विभागो के तहत जन कल्याण से जुड़ी बहुत सी योजनाएं चला रही है। इसमे कृषि, छोटे कारोबार, पर्यावरण, विर्निमाण और रोजगार प्रमुख है । तीन बिन्दुओं पर विशेष रूप से फोकस होगा। नम्बर एक बुनियादी ढांचे की मजबूत करना। इसमे प्रायमरी स्कूलो और आॅगनवाड़ी केन्द्रो को बनना तथा उन्हे संसाधनो से सुसज्जित करना शामिल है। इससे प्रायमरी शिक्षा का माहौल बनेगा और आॅगनवाड़ी के कामों मे तेजी आयेगी। दूसरा फोकस बिन्दु होगा- रोजगार लोगो को सरकार के कौशल विकास मिशन  कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया जायेगा और रोजगार कमाने लायक बनाया जाएगा। गाॅव में स्वयं सहायता समूहो को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। महिलाओं को प्रशिक्षण देकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा और  उन्हे रोजगार दिया जाएगा। कुछ अन्य बिन्दुओ पर भी फोकस होगा। इसमे लोगो को राशन कार्ड, किसान विकास पत्र, बैंक खाता, और किसान सम्मान जैसी योजनाओं के साथ जोड़ा जाएगा। योजना की सफलता ही इस बात पर निर्भर करेगी की शत् प्रतिशत् लक्ष्य निर्धारित समय अबधि में प्राप्त कर लिया जाए। मुझे बताया गया है कि अभी विभिन्न विभागो की ओर से अपना बजट तैयार कर भेजा जा रहा है । एक अनुमान के अनुसार कुल राशि लगभग 280 करोड़ की हो सकती है। इस बारे में जब हमने खण्ड विकास अधिकारी श्री दिवाकर से बात की तो उन्होने कहा कि लाभार्थियों को निर्धारित अवधि में शत् प्रतिशत संतृप्त कर देने से विकास की एक पृष्ट भूमि तैयार हो जायेगी । इससे आगे का रोड मैप तैयार करने मे मदद मिलेगी। दरअसल सरकार की मंशा है कि हर व्यक्ति स्वावलंबी बने। प्रधानमंत्री ने जिस आत्मनिर्भर भारत की बात की है  वह इस माॅडल का आधार बनेगा। सफल रहने पर विकास के इस माॅडल को और  भी ब्लाॅको में लागू किया जा सकता है। सेवापुरी ब्लाॅक के भ्रमण के दौरान मेरी मुलाकात वहाॅ के लोगो से भी हुयी , खासकर गाॅव के लोग जिन्हे अभी तक एक माॅडल की जानकारी नही है लेकिन उन्होने इस बारे में सुना था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पर इनका आटूट विश्वास है और इन्हे इस बात की उम्मीद है कि आने वाले दिनों मे यह सेवापुरी ब्लाॅक पूरे देश मे विकास का एक माॅडल बनेगा। मामले के नोडल अधिकारी श्री उमेशमणी त्रिपाठी ने बताया कि जागरूकता पर हमार विशेष रूप से जोर होगा । लोगो को सरकार की योजनाओ की जानकारी हो ओर वे इसका लाभ उठाए। हमे यह भी बताया गया कि सेवापुरी ब्लाॅक में वापस आये प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में काम दिया जा रहा है। यहां पर मनरेगा मे मुख्यरूप से जो काम कराये गये है उनमे सम्पर्क मार्ग का निर्माण, जल संचयन और वृक्षारोपण प्रमुख है। मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रो में विकास के बुनियादी ढ़ाचे को तैयार करने की दिशा मे महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।




(लेखक भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी है। उपरोक्त लेख मेें व्यक्त विचार उनके निजी है।)


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