अंग्रेजों की मुखबिरी करने वालो की आदत नहीं गयी, पुलिस और खुफिया एजेंसी कांग्रेस कार्यालय की मुखबिरी में लगाये गए: अजय कुमार लल्लू

लखनऊ,  2 जुलाई।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन श्री शाहनवाज आलम की गिरफ्तारी की कड़ी भतर््सना करते हुए गिरफ्तारी को अवैध, अलोकतांत्रिक और अति निंदनीय बताया। पूरे प्रदेश में योगी सरकार के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है और फर्जी मुकदमो में उनको फंसा कर जेल भेजा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार दमन का चक्र चला रही है। आये दिन पुलिस के दम पर लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन श्री शाहनवाज आलम की देर रात गिरफ्तारी अवैध, अलोकतांत्रिक और निंदनीय है। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा सरकार यूपी पुलिस को दमन का औजार बनाकर दूसरी पार्टियों को आवाज उठाने से रोक सकती है, हमारी पार्टी को नहीं। यह पुलिसिया कार्रवाई दमनकारी और आलोकतांत्रिक है ।


प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में योगी सरकार के निर्देश पर कांग्रेस के सिपाहियों पर फर्जी मुकदमे लाद कर जेल भेजा जा रहा है। पूरे प्रदेश में सरकार के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज का नाम किसी भी एफआईआर और चार्जशीट में नहीं था फिर भी जबरिया देर रात के अँधेरे में उनको उठाया गया।

उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव से से भाजपा सरकार बौखला गयी है। यह डरी हुयी सरकार है, पर हम कांग्रेस और राहुल, प्रियंका के सिपाही हैं डरने वाले नहीं। फर्जी गिरफ्तारियों से हमें डराना चाहती है योगी सरकार, पर हम डरने वाले नहीं, हम सड़क पर संघर्ष करेंगे ।

श्री अजय कुमार लल्लू ने आगे कहा कि हमारे सैंकड़ो लोगो पर फर्जी मुकदमे लगाये गए है। हमारे महासचिव श्री मनोज यादव पर झूठा मुकदमा लगाया गया है जब वो पुलिस की हिरासत में इको गार्डन में थे। हमारे सोशल मीडिया प्रभारी श्री मोहित पाण्डेय पर भी मुकदमा कायम हुआ है जबकि वो उस समय दिल्ली से लखनऊ के रास्ते में थे, जिसकी तस्दीक टोल प्लाजा पर कटी रसीद से होती है, यह कैसे और किसके इशारे पर मुकदमा लिखा गया।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार के इशारे पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की मुखबिरी करायी जा रही है, अंग्रेजो के लिए मुखबिरी करने वाले लोग आज कांग्रेस कार्यालय की पुलिस और खुफिया एजेंसी से मुखबरी और रेकी करवा रहे हैं। महीने भर से पुलिस गेट पर लगायी गयी, देर रात तक पुलिस हमारे कार्यालय पर क्या करती है।

कांग्रेस विधायक दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने इस पुलिसिया राज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह योगी आदित्यनाथ की सरकार का राजनीतिक द्वेषपूर्ण और कायरता भरा कदम है। सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है। कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव से योगी सरकार की बौखलाहट साफ-साफ दिख रही है।

गौरतलब है कि श्री शाहनवाज आलम को पुलिस ने गोल्फ लिंक अपार्टमेंट्स के गेट से असंवैधानिक तरीके से उठा लिया और लगभग घण्टे भर किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी।

श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि सत्ता पोषित दमन से हम कांग्रेस, राहुल-प्रियंका के सिपाही डरेंगे नहीं, सड़क पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में संघर्ष की लम्बी और शानदार परंपरा रही है, लोकतंत्र को बचाने के लिए दलित-पिछड़ा विरोधी योगी सरकार के खिलाफ अब हम सड़कें गरम करेंगे।

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लोकप्रिय छात्रनेता रहे और दलितों-वंचितों की लड़ाई लड़ने वाले यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन श्री शाहनवाज आलम की असंवैधानिक गिरफ्तारी योगी आदित्यनाथ की सरकार को बहुत महंगी पड़ेगी।


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