देश में प्रथम बार एक साथ 75 जनपदों में संचालित की गयी सबसे बड़ी मेगा टेबल टाॅप एक्सरसाईज का आयोजन

भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश में वज्रपात तथा बाढ़ प्रबन्धन हेतु मेगा टेबल टाॅप एक्सरसाईज तथा इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम प्रशिक्षण का आयोजन 01.07.2020 को
लखनऊ: 01 जुलाई 2020
प्रदेश के जनपदों में वज्रपात तथा बाढ़ प्रबन्धन हेतु की गयी पूर्व तैयारियों का रिहर्सल करने हेतु राष्ट्रीय आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण, भारत सरकार तथा राहत आयुक्त कार्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वाधान में प्रदेश में मेगा टेबल टाॅप एक्सरसाईज तथा इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम प्रशिक्षण का आयोजन आज दिनांक-01 जुलाई 2020 को किया गया है। इस टेबल टाॅप एक्सरसाईज तथा इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम प्रशिक्षण में प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के अधिकारियों, सम्बन्धित विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारियों तथा राष्ट्रीय आपदा मोचक बल, राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण व राज्य आपदा मोचक बल के साथ-साथ सेना के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। इतने बड़े स्केल पर वज्रपात व बाढ़ की तैयारियों हेतु मेगा टेबल टाॅप एक्सरसाईज तथा इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम प्रशिक्षण प्रदेश में प्रथम बार आहूत किया गया है।
अवगत कराना है कि भारत सरकार द्वारा किसी भी आपदा के प्रबन्धन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सिस्टम जिसे ‘‘इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम’’ कहा जाता है को देश में लागू किया गया है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम को प्रदेश स्तर व जनपद स्तर में लागू किये जाने हेतु 16 अगस्त 2019 को अधिसूचना जारी कर दी गयी है। इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम में आपदाओं के प्रबन्धन हेतु जनपद स्तर पर जिलाधिकारी को रेस्पाॅन्सिबल आॅफिसर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को इन्सीडेन्ट कमान्डर तथा पुलिस अधीक्षक को आॅपरेशन सेक्शन चीफ घोषित किया गया हैै। इसी प्रकार राज्य स्तर पर मुख्य सचिव को रेस्पाॅन्सिबल आॅफिसर, अपर मुख्य सचिवध्प्रमुख सचिव राजस्व को इन्सीडेन्ट कमान्डर, राहत आयुक्त को डिप्टी इन्सीडेन्ट कमान्डर तथा अपर मुख्य सचिवध्प्रमुख सचिव गृह को आॅपरेशन सेक्शन चीफ घोषित किया गया है।
कोविड-19 के दृष्टिगत यह आयोजन वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से आयोजित किया गया है।
प्रदेश में बाढ़ से अतिसंवेदनशील जनपदों की संख्या-24 है जो निम्नवत् हैः- महराजगंज, कुशीनगर, लखीमपुरखीरी, गोरखपुर, बस्ती, बहराइच, बिजनौर, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, गोण्डा, बलिया, देवरिया, सीतापुर, बलरामपुर, अयोध्या, मऊ, फर्रूखाबाद, बदायूं, अम्बेडकरनगर, श्रावस्ती, आजगढ़, संतकबीरनगर, पीलीभीत एवं  बाराबंकी। इसके अतिरिक्त बाढ़ के प्रति संवेदनशील जनपदों की संख्या-16 है जो निम्न हैः- सहारनपुर, शामली, अलीगढ़, बरेली, हमीरपुर, गौतमबुद्धनगर, रामपुर, प्रयागराज, बुलंदशहर, मुरादाबाद, हरदोई, वाराणसी, उन्नाव, लखनऊ, शाहजहांपुर एवं कासगंज।
राहत आयुक्त के समन्वय से आयोजित किये गये इस मेगा टेबल टाॅप एक्सरसाईज तथा इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम के प्रशिक्षण के आयोजन में राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण भारत सरकार के सदस्य ले0 जनरल सय्यद अता हसनैन (पी0वी0एस0एम0, यू0वाई0एस0एम0,ए0वी0एस0एम0, एस0एम0, वी0एस0एम0 से0नि0), ब्रिगेडियर अजय गंगवार, एडवाइजर, राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मेगा टेबल टाप एक्सरसाईज तथा इन्सीडेन्ट रेस्पाॅन्स सिस्टम प्रशिक्षण का संचालन मे0जन0 वी0के0 दत्ता द्वारा किया गया। इस एक्सरसाईज के पूर्व राहत आयुक्त द्वारा जनपद स्तर पर तथा विभिन्न विभागों यथा सिंचाई, केन्द्रीय जल आयोग, मौसम विभाग, एन0डी0आर0एफ0 तथा एस0डी0आर0एफ0 आदि के स्तर पर की गयी बाढ़ पूर्व तैयारियों तथा वज्रपात आपदा प्रबन्धन उपायों के सम्बन्ध में समीक्षा की गयी।
भारत सरकार के सहयोग से आहूत मेगा टेबल टाॅप एक्सरसाईज तथा बाढ़ की समीक्षा बैठक में जनपदों के आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित लगभग 500 से अधिक अधिकारियों तथा राज्य स्तरीय विभागों अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण के मेजर जनरल वी0के0 दत्ता द्वारा जनपदों को आपदाओं से निपटने में निपुण बनाने के दृष्टिगत वहाॅं संभावित आपदाओं के 08 सेनारियो जनपदों के समक्ष रखे तथा प्रत्येक सेनेरियो पर जनपदों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही की जानकारी ली।
राहत आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपस्थित विभागों द्वारा किये गये प्रस्तुतीकरण के प्रमुख बिन्दु निम्नवत् हैंः-
राज्य सूचना विज्ञान केन्द्रः- राहत आयुक्त कार्यालय, यूनीसेफ एवं राज्य सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा विकसित आॅनलाईन बाढ़ कार्ययोजना के बारे में विस्तृत जानकारी समस्त जनपदों को उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा विकसित की गयी राहत आयुक्त कार्यालय की ‘‘राहत ऐप’’ के बारे में अवगत कराया गया।
मौसम विभागः- मौसम विभाग द्वारा मौसम पूर्वानुमान जिसमें कि 48 घंटे, 72 घंटे की फोरकास्ट तथा 03 घंटे पहले जनपदवार दी जाने वाली नाउकास्ट के बारे में समस्त जनपदों को अवगत कराते हुए मौसम पूर्वानुमान केन्द्र, लखनऊ तथा भारतीय मौसम विभाग, नई दिल्ली द्वारा संचालित किये जा  रहे आॅनलाईन वेबसाईट एवं अर्ली वाॅर्निंग पोर्टल के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया।
केन्द्रीय जल आयोगः- बैठक में उपस्थित केन्द्रीय जल आयोग के  अधिकारियों द्वारा हाईड्रोलाॅजिकल आॅब्सरवेशन तथा बाढ़ पूर्वानुमान आदि कार्यों के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। प्रदेश में विभाग द्वारा स्थापित किये गये 125 बाढ़ पूर्वानुमान केन्द्र, सेटेलाईट आधारित टेलीमेट्री स्टेशन एवं डिस्चार्ज माॅनिटरिंग सेण्टर की लाईव फीडिंग के बारे में समस्त जनपदों को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा चलाई जा रही वेबसाईट पदकपं.ूंजमतण्हवअण्पद पर उपलब्ध प्रति घंटा अपडेट होने वाले नदी के जलस्तर एवं उसके पूर्वानुमान की विस्तृत जानकारी जोकि सामान्य जनमानस के लिए उपलब्ध है के बारे में बताया गया है।
सिंचाई विभागः-बाढ़ के दौरान सिंचाई विभाग द्वारा किये जाने वाले कार्य जैसे कि फ्लड बुलेटिन आदि के बारे में बैठक में अवगत कराया गया इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा राप्ती बेसिन पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित फ्लड फोरकास्टिंग इन्फाॅरमेशन सिस्टम के बारे में समस्त जनपदों को अवगत कराया गया।
राष्ट्रीय आपदा मोचक बलः- बैठक में वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े एन0डी0आर0एफ0 11वीं बटालियन, वाराणसी द्वारा उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले जनपदों में किये जाने वाले कार्य, पूर्व तैयारियां, उपलब्ध संसाधन, बटालियन्स की डिप्लाॅयमेन्ट एवं कोविड-19 के दृष्टिगत बाढ़ पूर्व राहत कार्यों के लिए ध्यान में रखे जाने वाले महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर समस्त जनपदों को अवगत कराया।
राज्य आपदा मोचक बलः- प्रदेश द्वारा स्थापित एस0डी0आर0एफ0 जिसकी 03 बटालियन लखनऊ, गोरखपुर एवं गोण्डा में स्थापित हैं कि विस्तृत जानकारी समस्त जनपदों को दी तथा विभाग द्वारा विभाग द्वारा किये जा रहे बाढ़ पूर्व तैयारी के कार्यों एवं बाढ़ के पश्चात् किये जाने वाले राहत कार्यों के बारे में अवगत कराया गया। 


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