कोरियोग्राफर का स्तंभ हमारे बीच नहीं रहा - खुशी सिंह

लखनऊ के कलाकार रोने सरोज खान को श्रद्धांजलि दी  
 

नृत्य के माध्यम से श्रद्धांजलि।


          वह केवल बॉलीवुड कलाकारों की ही नहीं,बल्कि पूरे हिन्दुस्तान की डांस की गुरु थी। यह कहना खुशी सिंह का है। मुझे डांस करने की प्रेरणा उन्हीं से मिलीं है। मैं बचपन से उनके नृत्य को फोलो करते आ रहीं हूं। मेरे कुछ पसंदीदा गीत चोली के पीछे,चने के खेत में,डोला रे आदि गीत है। जिस पर मैने मंचों पर परफॉर्मेंस दी है। मैंने उनको टी0वी0 पर और सोशल मीडिया पर डांस का सिखाते हुए देखकर प्रेरणा लीआज उनके निधन की खबर सुनकर मैं स्तब्ध रह गई ।मुझे लगता है कि मेरी डांस गुरु अब इस दुनिया में नहीं रही। सरोज खान एक भारतीय कोरियोग्राफर थी। इनका जन्म 1948 को मुम्बई में हुआ था। इन्होंने 200 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया।इनको बेस्ट कोरियोग्राफी के लिए फिल्म देवदास, गुरु,हम दिल दे चुके सनम खलनायक, बेटा, सैलाब, चालबाज,तेजाब आदि फिल्मों के लिए फिल्म नेशनल अवार्ड मिल चुका है। आज इनके अचानक निधन की खबर सुनकर बहुत दुःख हुआ। भगवान इनकी आत्मा को शांति दे।

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