भाजपा सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस

महराजगंज। संयुक्त संघर्ष समिति विद्युत कर्मचारी उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में केन्द्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस के साथ नगर में प्रदर्शन किया। मोदी और योगी मुर्दाबाद के नारे साथ होश में आओं सरकार के नारे से पूरा नगर गूंज उठा।

 

विद्युत कर्मचारी हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लिये हुये थे। जिस पर लिखा था जनता का शोषण बंद करों, मोदी-योगी मुर्दाबाद-मुर्दाबाद, निजीकरण बंद करो-बंद करों, जो सरकार निकम्मी है जो सरकार बदलनी है समेत विभिन्न नारे लिखी तख्तियों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।

संयुक्त संघर्ष समिति विद्युत कर्मचारी के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वांचल का बिजली विभाग पंूजीपतियों को बेचने जा रही है। जिसका दुष्परिणाम क्या होगा। किसानों को सब्रमर्सिबल पम्प चलाने के लिये उ. प्र. पावर कार्पोरेशन मात्र १९०० महीने का बिल लेता था लेकिन प्राइवेट हो जाने के बाद १० यूनिट के हिसाब से महीने का लगभग ७ से ८०० रूपये का बिल भरना पड़ेगा। अभी सरकार गरीबों, किसानों को सस्ती बिजली २.५० रूपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराती है। उसकी भरपाई फैक्ट्रियों/कारखानों को महंगी बिजली बेचकर करती है। लेकिन प्राइवेट हो जाने पर सबको एक समान बिजली की दर रू. १० प्रति यूनिट हो जायेगी। अभी बिल रू. १००० महीने का भरते थे लेकिन प्राइवेट होने पर ४००० रूपये महीने के हिसाब से भरना पड़ेगा।

अभी बिजली विभाग सरकार होने के कारण साल में एक बार ब्याज में छूट आती है जिसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलता है। प्राइवेट होने के बाद ब्याज सहित बिल भरना पड़ेगा। उपभोक्ताओं के सुविधा के लिये बिजली विभाग बिल किश्तों में जमा करा लेता है। जिससे गरीब, किसान, मध्यम वर्ग का आमदी भी आसानीसे बिल जमा कर ले रहा है। प्राइवेट होने के बाद एक साथ बिल का भुगतान करना पड़ेगा। पूरे पूर्वांचल में लगभग १०००० लाइन मैन, बाबू, एकाउण्टेंट, टीजी-२, जेई, एसडीओ, अधिकारी तैनात है। प्राइवेट होने के बाद यह पद सरकारी विभाग से समाप्त हो जायेगा। आपके घर, परिवार, रिश्तेदार, गांव, समाज का युवा नौजवान, बहने जो बीए, बी-काम, आईटीआई, डिप्लोमा, बी-टेक की पढ़ाई कर बिजली विभाग में नौकरी का सपना देख रहे है सबका जीवन बर्बाद हो जायेगा।

अभी बिजली विभाग सरकारी होने के कारण जले ट्रांसफार्मर सरकार अपने खर्च पर बदलती है। ओवरलोड होने पर ट्रांसफाम्रर की क्षमता वृद्धि सरकार कराती है। प्राइवेट होने पर ट्रांसफार्मर बदलने और

उसकी क्षमता बढ़ाने का पूरा खर्च आपको भरना पड़ेगा। इसके अलावा अन्य मुद्दों को उठाया है।

मशाल जुलूस में लगभग आधा किमी. तक विद्युत कर्मचारी मौजूद रहे।


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