गलत समय पर लाॅकडाउन लगाने के निर्णय ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी-प्रमोद तिवारी

देश की अर्थव्यवस्था पिछले 40 सालों में इतनी खराब कभी नहीं हुई,


देश में बेरोजगारी विगत 45 सालों में सबसे अधिक बढ़ी



कांगे्रस के वरिष्ठ नेता श्री प्रमोद तिवारी ने कहा है कि कल आजाद भारत के इतिहास के लिये एक ‘‘काली खबर’’ का दिन था, जिसकी आषंका थी वही हुआ,  वित्तीय वर्ष 2020- 21अप्रैल- जून की प्रथम तिहाही की ळक्च् (अर्थ व्यवस्था) में 23ण्9ः की गिरावट दर्ज की गयी है । कहांॅ तो हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सपना दिखाया था कि ळक्च् ‘‘डबल डिजिट’’ में जायेगी, और देश 5 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थ व्यवस्था वाला देश बनेगा। किन्तु आदरणीय मोदी जी के अदूरदर्षी, जिद भरे और अविवेकपूर्ण गलत आर्थिक निर्णयों ने, जिसमें मुख्य रूप से नोटबन्दी, गलत ळैज् और गलत समय पर लाॅकडाउन लगाने के निर्णय ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी । देश की अर्थव्यवस्था पिछले 40 सालों में इतनी खराब कभी नहीं हुई, देश में बेरोजगारी विगत 45 सालों में सबसे अधिक बढ़ी है ।
श्री तिवारी ने कहा है कि उपरोक्त आंॅकड़े हमारे नहीं है बल्कि भारत सरकार द्वारा जारी किये गये आंॅकड़े हैं जिसका मैं उदाहरण दे रहा हंूूॅ । देश को और कितना अधिक आर्थिक तबाही और बर्बादी की तरफ ले जाने के लिये मोदी जी को इजाजत दी जायेगी ? ये जो कुछ हो रहा है वह पंडित जवाहर लाल नेहरू जी, स्व. इन्दिरा गांॅधी जी, स्व. राजीव गांॅधी जी, स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी, स्व. नरसिंह राव जी और डा. मनमोहन सिंह जी की सरकारों में भारत वासियों की कमाई और उनके द्वारा अर्जित की हुई पंूूॅजी है, जिन्होंने देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत की थी, उसे आज लुटाया जा रहा है ।
देश की अर्जित सम्पत्ति जो रिजर्व बैंक आॅफ इण्डिया ;त्ठप्द्ध में रखी थी, उसमंे से लगभग 2.00 लाख करोड़  रुपये निकाल लिये गये ।  भारत पेट्रोलियम, एयर इण्डिया, षिपिंग कारर्पोरेषन,  कंटेनर कार्पोरेषन आफ इंडिया,  भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बी.ई.एम.एल.), स्कूटर्स इंडिया लि. एवं सीमेण्ट कार्पोरष्ेान आफ इंडिया लि. सहित देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण संस्थानों को बेंचा जा रहा है, देश की अर्थ व्यवस्था को टुकड़े- टुकड़े में बेंचना ‘‘राष्ट्रीय भूल’’ है , जिसकी कीमत देश का बेरोजगार नौजवान चुकायेगा ।
श्री तिवारी ने कहा है कि देश का बेरोजगार नौजवान तथ्यों का अध्ययन करे, और इन आंॅकड़ों को देखे, ये आने वाले कई सालों तक देश में रोजगार के अवसर को खत्म कर देंगे, क्या होगा देश के बेरोजागर नोजवानों के भविष्य का ? उनके माता- पिता का क्या होगा ? ये देश के किसी एक राजनैतिक दल के लिये नहीं बल्कि संपूर्ण देश के लिये चिन्ता का विषय है।
आईए ! जागें, और अहिंसात्मक ढंग से केन्द्र सरकार को सचेत करें कि बहुमत के अहंकार के मद में देश को बर्बाद न करें ।
श्री तिवारी ने कहा है कि सबसे बड़ी चिन्ता का विषय है कि जब देश भयानक आर्थिक सकट से गुजर रहा है तो आदरणीय मोदी जी ‘‘मन की बात’’ में खिलौनों की बात कर रहे हैं, पत्तों को छूने से कुछ नहीं होगा जड़ के ‘‘दीमक’’ को दूर करना होगा, अन्यथा भारत देष के ‘‘विष्व शक्ति’’ बनने का सपना चूर- चूर हो जायेगा।  ‘‘देश ने कमाया-  मोदी जी ने लुटाया ’’


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