कुछ तो पत्रकारों को ऐसा कीजिए जो मिल सके हौसला यहाँ....

हर इक आँख में खुवाबों के टूटने का सफर


........ अब यह ठहरी सी जिंदगी बे मुकाम सही.


. यह मंजर और यह मौसम अब तमाम सही.


 


जी  हां कोरोना काल में जब सब कुछ ठहर सा गया था,घर से निकलने में डर लग रहा था तब अजीज सिद्दीकी सुबह से फोन कर प्रिन्ट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से ,उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा तथा अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्य सचिव के स्टाफ अफसर पंकज कुमार को  ज्ञापन देने के लिए समय लेने को कहते है।तब  प्रदेश में कोरोना महामारी का प्रकोप चरम पर थी मानवता संकट के मुहाने पर खड़ी है। इस संकट की घड़ी में सरकार के साथ  मीडिया से जुुडे सभी साथी प्रदेश भर में  निःस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में रात-दिन अपना जीवन जोखिम में डालकर  लगे हुए हैं। लोकतंत्र का चैथा स्तंभ इस विपदा में साकार और समाज के बीच सेतु बनकर  हर पल की सूचना पहुंचा रहा है । ग्रामीण स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के मीडियाकर्मियों के जीवन पर आर्थिक सहित कई तरह के संकट मंडरा रहे हैं। इन हालात मे संगठन ने पांच सूत्री मांग पर मुख्यमंत्री जी को अवगत कराते हुए निदान कराने उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा तथा अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्य सचिव के स्टाफ अफसर पंकज कुमार को  15 अप्रेल को ज्ञापन दिया।ज्ञापन देने बालों मे राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल अजीज सिद्दिकी, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र अग्निहोत्री , सलाहकार सुरेश द्विवेदी, प्रदेश अध्यक्ष सैय्यद जावेद हुसैन, इस्लाम खान  प्रमुख थे।


 





1. प्रदेश के सभी मीडिया कर्मियों को मास्क और सेनेटाइजर  उपलब्ध कराया जाए।
2. प्रदेश के  मीडिया संस्थान मंदी के दौर के कारण पहले से ही बुरे दौर से गुजर रहे थे, लॉक डाउन में  कर्मियों को अल्प बेतन भी नहीं दे पा रहे है जिसके कारण पत्रकारों पर घोर आर्थिक संकट है।आर्थिक संकट से निजात हेतु तत्काल जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 3,000 महानगर के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 5,000 तथा राजधानी के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 10,000 रूपये मासिक  उपलब्ध कराया जाए।



3. लॉक डाउन में अपनी जान जोखिम में डालकर सूचनाएं एकत्र कर रहे पत्रकारों को  50 लाख रुपए का जीवन बीमा दिया जाए।



4. इस आपदा के समय पल पल की खबर दे रहे मीडियाकर्मियों के साथ कुछ स्थानों पर पुलिसिया दुर्व्यवहार की सूचना आ रहीं हैं, जोकि दुःखद है। पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करें कि मीडियाकर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न किया जाए।



5.  समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं  बिशेष तौर पर लघु तथा मध्यम स्तर को जीवन दान हेतु एक वर्ष तक नियमित तौर पर विज्ञापन देने का निर्देश दे।



प्रिन्ट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से हम सब वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना निदेशक सूचना शिशिर, विेशेष सचिव,सयुक्त निदेशक से लेकर प्रेस प्रभारी सहायक निदेशक राममनोहर त्रिपाठी तक पहल करते रहे। प्रेस के अन्य संगठनों ने भी प्रयास किये जिसके परिणाम स्वरूप मुख्यमंत्री ने कुछ मांग आशिंक रूप से ही मान कर प्रेस के साथियो को कुछ तो  ऐसा  किया  जिससे  मिल सका हौसला। हौसला कायम रहे बस सब फिर से जो मांग रह गयी उन्हें पूर्ण कराने पूरी एक जुटता से प्रस्तुत करे।



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