"मैं क्या था , क्यूँ था......!!

"मैं क्या था ,

क्यूँ था......!!

था किसलिये मैं,

जाने.....!!

क्यूँ ठहरा,

क्यूँ टूटा......!!

तुझसे मैं रूठा,

जाने .....!!

कैसा ये भरम,

दिल का......!!

कैसी ये रसम,

जाने......!!

रिश्तों में बुने,

कच्चे धागे......!!

रे मन क्यूँ,

भागे......!!

ऊलझे  धागे,

धागे....धागे  रे......!!

बावरे......!!

छोड़  सुनहरे,

दिल के भँवर को.....!!

पंछी  भागे.....भागे,

क्यूँ......!!

उडता जाए ,

जाने क्यूँ.....!!

तेरे आगे  रे,

हाए.......!!  "

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