पीटीआई के पत्रकार अमृत मोहन का निधन दुखद






लखनऊ, लगातार दूसरे दिन उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त दो पत्रकारों का निधन हुआ है। बुधवार सुबह देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी पीटीआई के विशेष संवाददाता अमृत मोहन का दुखद निधन हो गया है। अचानक मंगलवार रात उनकी तबियत बिगड़ी और समय रहते अस्पताल न पहुंच पाने के चलते उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे पहले मंगलवार को आजतक के संवाददाता नीलांशू का दुखद निधन कोरोना के चलते हो गया था।

दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे दोनो साथियों का निधन उचित ईलाज व देखभाल न हो पाने के चलते हुआ है जिसके लिए सरकारी मशीनरी जिम्मेदार है। अमृत मोहन को लगातार परिजनों व पत्रकारों के प्रयास करने के बाद भी समय पर अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध न हो सकी। उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति अमृत मोहन के असामायिक निधन पर शोक व्यक्त करती है और परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करती है।

मान्यता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, उपाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव और कोषाध्यक्ष जफर इरशाद ने अपने शोक संदेश में कहा है कि अमृत मोहन का निधन पूरी पत्रकारिता सहित हम सबके लिए व्यक्तिगत क्षति है। लगातार पत्र व्यवहार और व्यक्तिगत अनुरोधों के बाद भी इस दुष्काल में पत्रकारों के न तो ईलाज की उचित व्यवस्था हो पा रही है और न ही उन्हें किसी प्रकार के बीमा आदि की सुविधा मिल रही है। दिवंगत पत्रकारों के परिजनों की आर्थिक सहायता को लेकर भी शासन किसी उपयुक्त सुसंगत नीति पर अमल नहीं कर रहा है जिससे ज्यादातर पीड़ित परिवारों की कोई मदद नहीं हो पा रही है।

समिति अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने प्रदेश सरकार से मांग की है दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को कम से कम वर्तमान दशा में 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ आश्रितों को नौकरी दी जाए। साथ ही पत्रकारों को सरकार की ओर स्वास्थ्य व जीवन बीमा की सुविधा उपलब्ध करायी जाए।

 

 



 



 















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