उत्तम क्षमा

सम्पूर्ण वर्ष के दौरान ,मेरे अहंकार से...  यदि 
मैंने किसी को नीचा दिखाया हो..
मेरे क्रोध से ... अगर मैंने किसी को दुखी किया हो ...
मेरे झूठ द्वारा ... अगर मैंने किसी को धोखा दिया हो...
मेरी ना से ...  यदि किसी की सेवा में, दान में बाधा आयी हो  ...
मेरे पल पल , एक एक कण से मैंने किसी को निराश किया हो...
तो ये मस्तक झुकाकर हाथ जोड़कर, दिल से  अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर...
क्षमा चाहता हूं क्षमा करे



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