सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के निधन पर मानवाधिकार जननिगरानी समिति के केन्द्रीय कार्यालय में शोक सभा में दी गयी श्रद्धांजली

वाराणसी | सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के निधन पर मानवाधिकार जननिगरानी समिति के केन्द्रीय कार्यालय में शोक सभा कर श्रद्धांजली दी गयी | इस शोक सभा में डा0 लेनिन रघुवंशी ने बताया कि मै विगत 30 वर्षो से स्वामी जी के साथ जुडा रहा हूँ | आगे उन्होंने यह बताया कि स्वामी जी 1939 में एक दक्षिण भारतीय परिवार में जन्मे स्वामी अग्निवेश शिक्षक, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने बंधुआ मुक्ति मोर्चा और शराब बंदी जैसे आंदोलनों को भी एक धार दिया और 1970 में उन्होंने एक राजनैतिक दल 'आर्य सभा' की शुरुआत की और आपातकाल के बाद हरियाणा में बनी सरकार में वे शिक्षा मंत्री भी रहे | लेकिन वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने अपना इस्तीफा देते हुए राजनीति से सन्यास ले लिया | जिसके बाद उन्होंने “बंधुआ मुक्ति मोर्चा” नाम के संगठन की शुरुआत की और हमेशा ही रूढ़िवादिता और जातिवाद के खिलाफ जीवन के आखिरी क्षण तक लड़ते रहे | अस्सी के दशक में उन्होंने दलितों के मंदिरों में प्रवेश पर लगी रोक के ख़िलाफ़ भी आंदोलन चलाया था |


आगे डा0 लेनिन ने बताया कि बंधुआ मुक्ति आन्दोलन के शुरुआती दौर से उनके साथ जुड़कर काम करने का सौभाग्य मिला और उनके कुशल नेतृत्व में हजारो बंधुआ मजदूरो को मुक्त कराते हुए बहुत कुछ सिखने को मिला और यह कार्य आज भी निरंतर जारी है | आगे उन्होंने कहा कि हम लोगो ने स्वामी जी का काशी की धरती पर पहला जन कार्यक्रम आयोजित किया था |


जीवन में हमेशा संस्था को उनका मार्गदर्शन मिलता रहा और आज उनके निधन का शोक समाचार सुनकर हम लोग बहुत दुखी है कि आज आगे आने वाले समय में हमें एक अनुभवी मार्ग दर्शक हमने खो दिया | आज समाज के वंचित तबको के अधिकारों के लिए हमेशा अपनी आवाज को बुलंद रखने वाले एक अनुभवी मार्गदर्शक को खो दिया है | यह समाज की अपूर्णनीय क्षति हुई है |  


उनके निधन पर आज मानवाधिकार जननिगरानी समिति के केन्द्रीय कार्यालय, पांडेयपुर पर शोकसभा कर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजली अर्पित की गयी | इस शोक सभा में श्रुति नागवंशी, डा0 मोहम्मद आरिफ, जै कुमार मिश्रा, शिरीन शबाना खान, डा0 राजीव, अनूप श्रीवास्तव, आनंद, छाया, फरहत, रिंकू, सुशील, घनश्याम, राजेंद्र, ज्योति, प्रतिमा, शोभनाथ इत्यादि लोग शामिल रहे |   


 


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