हे दुःख निवारिणी भव भय

 हे दुःख निवारिणी भव भय 
हारिणी माता हमारे घर आजाना।
लाल चूनर मां को शोभे,हे दिव्य
रूप की धारिणी माता
हमारे घर आजाना।
मांग सिंदूर और पग में महावर
हे खड्ग धारिणी अंबा 
हमारे घर आजाना।
विपदा आके जग की हरलो
हे दुःख निवारिणी माता
हमारे घर आजाना।
राह निहारूं मैया दर्शन देदो
हे भव भय हारिणी माता
हमारे घर आजाना।*


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