नवरात्रि पर्व: कन्या भोज के साथ भंडारे का हुआ आयोजन

गांव-गांव में हुआ कन्या भोज
* दशहरे पर पान खिलाकर गले मिले लोग



ललितपुर।
नवरात्रि पर्व देवी मां के मंदिरों में एवं नौ दिनों तक गांव-गांव में मातारानी की सजी भव्य झाँकी की एक झलक पाने को प्रतिदिन सुबह-शाम भक्तों का मेला लगा रहा। कस्बा मड़ावरा व आसपास के गांवों सहित ग्राम साढूमल में  नवरात्रि के नाै दिन मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना श्रद्धालुओ ने दुर्गा की झांकियों में जाकर पूजा अर्चना की माताजी की झांकियां एवं मंदिरों पर नवरात्रि में आयोजित हुए भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। ग्राम साढूमल में गुलाल लगाकर पूर्व प्रधान राघवेंद्र सिंह तोमर, शिवा सिंह तोमर भाजपा मण्डल उपाध्यक्ष महरौनी, राजीव साहू, महेश कुमार, घसू ठेकेदार, भूरे कुशवाहा, हरचरण साहू, गणपत लाल, ऋतु सेन आदि भक्तों का स्वागत किया। वहीं ग्राम रखवारा में भी माता रानी की भव्य झांकी सजी जहां पर सुबह शाम भक्तों ने अपनी हाजिरी लगाई। नव दुर्गा सेवा समिति रखवारा द्वारा हवन पूजन का आयोजन विधि विधान के साथ किया गया। इस अवसर पर रोहित यादव, सूर्य प्रताप यादव रखवारा विधानसभा उपाध्यक्ष युव जनसभा, कुवर सिंह, गोलू, सत्येंद्र, प्रदीप, संजीव, राय सिंह, शैलू, सुनील, सुजान, जितेंद्र, देवेंद्र, संजू आदि ने श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद ग्रहण कराया।


गांव-गांव में गली-गली, जगह-जगह विराजमान माता रानी की भव्य झांकियों पर शारदीय नवरात्र के अन्तिम दिन श्रद्धालुओं की आस्था का जन शैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने हवन, पूजन अर्चन एवं दर्शन कर पुण्य के भागी बने। प्रत्येक नवरात्र की भांति इस नवरात्र में भी नौ दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जो पूरे नवरात्रि बड़े ही धूम धाम से चला और नवमी के दिन कन्या भोज के साथ भंडारे का समापन हुआ।
सामूहिक रूप से कन्याओ की विधिवत भोज कराया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। 
नवमी तिथि नवरात्रि के अंतिम दिन भक्तों ने माता रानी के जवारे पूर्ण विधि-विधान के अनुसार विसर्जन किये। नवरात्रि के प्रथम दिन बोए गए जवारों के विसर्जन के पूर्व माता भगवती तथा जवारों की विधि-विधान से पूजा की गई। नौ दिन मां भवानी की श्रद्घा के साथ पूजा अर्चना करने के बाद देवी स्वरूप जवारों को विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया। जवारों के विसर्जन के दौरान ढोल, नगाड़ों आदि पर भक्त जमकर थिरके। भक्तजन जवारे नंगे पांव अपने सिर पर लेकर भजन गाते विसर्जन को निकले ढोल नगाड़ों भजन कीर्तन के बीच श्रद्धा सुमन के साथ गाते  विसर्जन के लिए चलते रहे वहीं बुजुर्ग ने थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कपूर आदि प्रज्ज्वलित करके जवारों को विदायी दी। महिलाओं व पुरुषों की टोली ग्रामीणों सहित दुर्गा जी के मंदिर पर पहुंचे और जवारों को विसर्जित करके बेहतर भविष्य के लिए प्रार्थना की इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया।


 


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