प्रसव के लिए आई महिला के परिवारीजनों से स्टाफ नर्स ने की सुविधा शुल्क की मांग

* मांग पूरी न करने के चलते अस्पताल से निकला बाहर
* महिला पड़ी रही अस्पताल परिसर में घण्टों बेसुध
* कराहती रही महिला, नहीं पसीजा महिला कर्मियों का दिल



ललितपुर। 
तहसील क्षेत्र मड़ावरा के कारीटोरन गांव से एक प्रसूता प्रसव हेतू मैटरनिटी अस्पताल मड़ावरा पहुंचीं, जहां तैनात स्टाफ नर्स द्वारा उनसे डिलेवरी तथा उपचार कराने के नाम पर रुपयों की मांग की। परिवारीजनों ने परेशान होकर  उपजिलाधिकारी मड़ावरा से मिलकर सारी समस्या से अवगत कराते हुए कार्यवाही की मांग की।  


    उपजिलाधिकारी मड़ावरा को प्रार्थना पत्र देकर कारी टोरन निवासी हाकम सिंह पुत्र बहादुर सिंह लोधी ने उपजिलाधिकारी मड़ावरा एस.पी. सिंह को एक शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि उसकी भाभी चन्द्रा पत्नी रामकृपाल बीते गुरुवार को सरकारी अस्पताल मड़ावरा प्रसव हेतु लायीं गईं थीं। जहां प्रसव के लिए अस्पताल में उन्हें भर्ती किया गया। यहां स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ दो महिला कर्मियों द्वारा उन्हें बताया गया कि आपकी भाभी को प्रसव से पहले दो ड्राफ लगाए जाने हैं। जिनकी कीमत पन्द्रह हजार आपको जमा करनी होगी। बताया कि प्रार्थी की आर्थिक स्थित बेहद कमजोर है। जिसके चलते वह बताई गई रकम अदा न कर सका। जिसके चलते उसे और उसकी भाभी व पारिवारिक जनों को धुत्कारते हुए वहां से भगा दिया गया और कहा कि अगर पन्द्रह हजार रुपये हों तो ही अस्पताल में प्रसव होगा अन्यथा नजदीकी प्रांत मध्य-प्रदेश के टीकमगढ़ जिला अस्पताल ले जाकर प्रसव करवा लीजिए। इसके बाद करीब दो घण्टे तक महिला वहीं अस्पताल परिसर में ही पड़ी रही और दर्द से कराहती रही, मगर इसके बावजूद भी महिला कर्मियों का दिल न पसीजा और न ही महिला के दर्द को समझा। परेशान महिला ने अपने परिजनों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपते हुए अपनी व्यथा उपजिलाधिकारी को सुनाई। जिसपर उपजिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित चिकित्सकों से फोन पर बार्ता की और महिला को उचित उपचार उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिये।
चिकित्सक द्वारा महिला को फौरन अस्पताल में भर्ती कर उसका प्रसव हाल जाना और सम्बन्धित कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई।


इनका कहना


वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि महिला या उसके परिवारीजनों के द्वारा चिकित्सालय के स्टाफ द्वारा रुपयों की मांग नहीं की गई है। अगर ऐसा कोई मामला है, तो शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। 


इनका कहना 


उधर इस संबंध में जब चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि महिला द्वारा प्रसव से संबंधित परेशानी की मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई। मुझे जैसे ही सूचना मिली प्रसव उपचार की पूरी व्यवस्था कर दी गई है। यदि उनके द्वारा कोई लिखित शिकायत की जाती है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए लिखा जाएगा। 


 


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