डॉ इंद्रपाल सिंह परिहार'अभय'के आकस्मिक निधन से साहित्य और शिक्षा जगत में शोक की लहर

बुंदेलखंड के वरिष्ठ कवि व साहित्यकार, भाषा विज्ञान के मर्मज्ञ,श्री विवेकानंद इंटर कॉलेज ईंगुई में प्रवक्ता पद पर कार्यरत डॉ इंद्रपाल सिंह परिहार'अभय'के आकस्मिक निधन से साहित्य और शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।५५ वर्षीय अभय जी हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के विद्वान, श्रेष्ठ साहित्यकार, एक मिलनसार स्वभाव और सहयोगी प्रवृत्ति के प्रबुद्ध मनीषी थे। आपकी दर्जनों साहित्यक कृतियाँ साहित्य के क्षेत्र में प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुकी हैं। बुंदेली साहित्य परम्परा को विकसित करने हेतु आपने कई पुस्तकों का प्रणयन किया। आपकी बुंदेली चौकड़ियाँ ईसुरी कवि के समान जन मानस में प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुकी हैं। श्रृंगार रस में आपको महारत हासिल थी। 'श्रृंगार बीथी' पुस्तक में आपके श्रृंगार रस में डूबे दोहे कविवर बिहारी लाल की याद दिलाती है।

   आपकी रचनाओं पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में लघुशोध प्रबंध भी संपन्न हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में आपके अवदान को भुलाया नहीं जा सकता है।

   आपके असमय निधन से साहित्य जगत को जो क्षति हुई है उसकी पूर्ति होना आसान नहीं है।

 परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिवार को धैर्य का संबल प्रदान करे।

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