ग्रामीण आँचलों के शिक्षण संस्थानों में धूमधाम के साथ मनाया गया संविधान दिवस





ललितपुर।

ग्रामीण आँचलों के शिक्षण संस्थानों में धूमधाम के साथ संविधान दिवस मनाया गया। कस्बा मड़ावरा स्थित सरस्वती मन्दिर इण्टर कॉलेज एवं हँसरी मार्ग स्थित आर.ए.बी.डी. ग्रुप ऑफ कॉलेज में धूमधाम के साथ भारतीय संविधान दिवस कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती मन्दिर इण्टर कॉलेज मड़ावरा में कॉलेज के प्रधानाचार्य रामसजीवन प्रजापति व आर.ए.बी.डी. ग्रुप ऑफ कॉलेज हँसरी रोड मड़ावरा में प्रबंधक डॉ. एस.एन. यादव ने संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। उन्होंने छात्र छात्राओं को भारतीय संविधान के बारे में बताया तथा उसके नियमों को पालन करने के लिए शपथ भी दिलाई।

 

सरस्वती मन्दिर इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य रामसजीवन प्रजापति ने कहा कि 26 नवंबर को भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया, जो 1950 से लागू हुआ। 19 नवंबर, 2015 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नागरिकों के बीच संविधान मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा हर साल 26 नवंबर को 'संविधान दिवस' के रूप में मनाने के निर्णय को अधिसूचित किया।

 

कॉलेज के प्रिंसिपल संतोष यादव

डॉ. बी आर अम्बेडकर एक प्रसिद्ध समाज सुधारक, राजनीतिज्ञ, और न्यायविद थे और उन्हें भारतीय संविधान का जनक भी कहा जाता है। उन्हें 29 अगस्त, 1947 को संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।

 

वह भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाले व्यक्ति थे और वर्ष 2015 में अंबेडकर की 125 वीं जयंती थी। भारत के संविधान दिवस का उद्देश्य भारतीय संविधान और इसके वास्तुकार डॉ. बी आर अम्बेडकर के महत्व के बारे में जागरूकता लाना है। इस दिन के बारे में घोषणा 11 अक्टूबर, 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुंबई में स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी की आधारशिला रखते हुए की गई थी। इस अवसर पर प्रवक्ता

सन्तोष कुमार त्रिपाठी, हरिशरण चौरसिया, प्रताप सिंह, पवन सिंह, त्रिलोक सिंह, यशवंत शर्मा, रामपाल सिंह, वीरेंद्र प्रसाद भर्तेले, ध्रुव प्रसाद विश्वकर्मा, जगदीश सिंह, मनोहर लाल कुशवाहा, राजनीत प्रवक्ता राहुल सुडेले, रामगोपाल बोडेल, वीरेंद्र सिंह , अखंड प्रताप अच्छय श्रीवास्तव, रामगोपाल चंदेल भूपेंद्र सिंह राममिलन पाल आदि उपस्थित रहे।


 

 




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