कुछ छूट गया कुछ छोड़ आए

कुछ छूट गया कुछ छोड़ आए
कोई रूठ गया कुछ जोड़ आए
कितना पेचीदा रहा सफर मेरा
कभी चल पड़े कुछ दौड़ आए
बहता नीर किसे नहीं पसंद है
कहीं अटके तो कोई मोड़ आए
धागे मिले क्यों बिखरे थे मोती
कुछ बाँध लिया कुछ फोड़ आए
किसे जरूरत होती हमारी भी
कुछ सोचा नहीं कोई नोड़ आए
किस बात की फ़िक्र हुईं "उड़ता"
क्या छूट गया क्या छोड़ आए.



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