सरकोद्धारक दिगंबर जैन आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज का बारा राजस्थान में कल अचानक समाधि मरण हो जाने से पूरे बुंदेलखंड में शोक की लहर


झांसी । सरकोद्धारक दिगंबर जैन आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज का बारा राजस्थान में कल अचानक समाधि मरण हो जाने से पूरे बुंदेलखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। शाकाहार अहिंसा के प्रचार में अपने को समर्पित करने वाले आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, झारखंड के बीहड़ इलाकों में रहने वाले लोगों को शाकाहार और उन्नत जीवनशैली जीने के लिए काफी योगदान किया । 1988 में सोनागिर जी तीर्थ पर मुनि दीक्षा धारण करने वाले आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज भगवान महावीर जयंती के दिन मुनि बने और भगवान महावीर  निर्वाण महोत्सव के दिन उन्होंने अपनी दे छोड़ दी। झांसी में दिगंबर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने उन्हें  युग का मसीहा बताते हुए कहा कि आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज जाति वर्ग से परे प्राणी मात्र के कल्याण के लिए सदैव सक्रिय रहते थे ।वह संपूर्ण जगत की भलाई के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुके थे ।उनका ज्ञान, ध्यान और तप निश्चित ही उन्हें मोक्ष में स्थान प्रदान करेगा। पंचायत अध्यक्ष हीरालाल जैन ने कहा कि आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने शिक्षा चिकित्सा अहिंसा शाकाहार के प्रचार प्रसार के साथ लाखों लोगों के जीवन की दिशा बदली है ।पंचायत महामंत्री प्रवीण कुमार जैन ने कहा कि आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने झांसी में भगवान महावीर करूंना स्थली की प्रेरणा की और जैन तीर्थ करगुवा जी में पूरे देश के जैन प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं का अभिनंदन समारोह अपने सानिध्य में संपन्न कराया, वह तिहाड़ जेल समेत देश की 80 जिलों में जाकर कैदियों को संबोधित करते हुए उन्हें अच्छा जीवन जीने का संदेश दे चुके थे। आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज का अचानक विदा ले जाना पूरे भारतवर्ष मैं एक सकारात्मक आंदोलन का रुक जाना है।   गुरु भक्त मिलन संस्था के द्वारा दिगंबर जैन नया मंदिर घास मंडी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन विश्व शांति मंत्र के जाप के साथ प्रारंभ किया गया इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य पंचायत महामंत्री प्रवीण कुमार जैन कोषाध्यक्ष जितेंद्र चौधरी,श्री विपिन जैन ओम बिजली, रवि जैन अजीत जैन राजकुमार जैन बाबा विनोद जैन नवीन जैन रवि जैन आलोक जैन, पंकज जैन ,मनीष जैन, अंकित जैन, प्रसन्न नायक, रविंद्र जैन, पवन जैन ,श्रीमती सरोज जैन, श्रीमती पिंकी जैन, संजय जैन कर्नल आदि ने आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए उनके समाधि निधन को व्यक्तिगत एवं सामाजिक भारी क्षति बताया ।संचालन रवि जैन ने किया एवं आभार ज्ञापन नए मंदिर के प्रबंधक प्रवीण कुमार जैन ने किया


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