अब किसी भी विषय कै विद्यार्थी कर सकेंगे Bsc और नर्सिंग कोर्स, सरकार नये वर्ष से लागू कार रही नयी सोच

अब किसी भी विषय कै विद्यार्थी कर सकेंगे Bsc और नर्सिंग कोर्स, सरकार नये वर्ष से लागू कार रही नयी सोच नये साल से देश भर के आर्ट्स, कॉमर्स व साइंस (मैथ) से इंटरमीडिएट करने वाले स्टूडेंट्स भी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर सकेंगे. बीएससी नर्सिंग के नये सिलेबस को लेकर इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आइएनसी) ने ड्राफ्ट तैयार किया था, जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है. सिलेबस को नया स्वरूप देकर वर्ष 2021 से बीएससी नर्सिंग का नया नियम लागू कर दिया गया है. 2021 के नये सत्र में यह पूरे देश में लागू हो जायेगा. इसके साथ ही इस कोर्स की स्वीकृति मिलने के बाद से जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी (जीएनएम) कोर्स को बंद करने का प्रस्ताव आइएनसी ने स्वास्थ्य मंत्रालय को दिया था, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे अस्वीकार कर दिया है. अब जीएनएम कोर्स बंद नहीं होगा. अांबेडकर ग्रुप ऑफ एजुकेशन सह पारामेडिकल एवं नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ कौशल किशोर गिरि ने कहा कि 2021 से आर्ट्स व कॉमर्स वाले स्टूडेंट्स भी बीएससी नर्सिंग में एडमिशन ले सकते हैं. वहीं, 2021 से बंद होने वाला जीएनएम कोर्स अब बंद नहीं होगा. टेस्ट में साइंस के स्टूडेंट्स ही होते थे शामिल वहीं, चार साल के बीएससी नर्सिंग कोर्स में फिलहाल 12वीं साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी) से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स का ही एडमिशन होता है. एडमिशन के लिए होने वाले टेस्ट में भी सिर्फ साइंस के स्टूडेंट्स शामिल होते थे. अब नये नियम लागू होने के बाद वे सभी छात्र-छात्राएं बीएससी नर्सिंग की प्रतियोगी परीक्षा में बैठ सकेंगे, जिन्होंने 12वीं क्लास में कम-से-कम 45% मार्क्स हासिल किया हो. इसके बाद एंट्रेंस टेस्ट के प्रदर्शन के आधार पर नर्सिंग में एडमिशन मिलेगा. आर्ट्स व कॉमर्स वालों के लिए 60 घंटे की एक्सट्रा क्लास नये बीएससी नर्सिंग कोर्स में आर्ट्स और कॉमर्स वाले स्टूडेंट्स को अतिरिक्त समय दिया जायेगा. उनके लिए सत्र में अलग से 60 घंटे का एक्सट्रा लेक्चर आयोजित किया जायेगा. इस लेक्चर के माध्यम से उनको 12वीं साइंस के कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक की जानकारी दी जायेगी. नये ड्राफ्ट में तैयार सिलेबस में शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान की अवधि को भी कम करने का फैसला लिया गया है. टेस्ट में जेनरल साइंस से पूछे जायेंगे 50 मार्क्स के प्रश्न 2021 में होने वाले बदलाव के बाद टेस्ट का पैटर्न भी जारी कर दिया है. टेस्ट में एप्टीट्यूड फॉर नर्सिंग से 10, जेनरल साइंस से 50, जेनरल नॉलेज से 20, अंग्रेजी से 10, जेनरल एबिलिटी से 10 मार्क्स के प्रश्न पूछे जायेंगे. टेस्ट में सफल होने के लिए स्टूडेंट्स को 50 प्रतिशत मार्क्स हासिल करना होगा. जागरूकता के लिए शेयर अवश्य करें

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