लघु वन उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश वन निगम को कार्यदायी संस्था नामित-रमापति शास्त्री

लघु वन उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश वन निगम को कार्यदायी संस्था नामित

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश वन निगम
को 320 लाख रूपये उपलब्ध

कार्यदायी संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजातियों के स्वयं सहायता समूह बनाये जायेगे
समूह द्वारा संकलित किये गये लघु वन उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किया जायेगा



लखनऊ: 01 दिसम्बर, 2020
      उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण एवं जनजाति विकास विभाग मंत्री श्री रमापति शास्त्री ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजातियों के आर्थिक विकास के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चिन्हित 87 लघु वन उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश वन निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। उन्होने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चिन्हित 87 लघु वन उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किये जाने सम्बन्धी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निदेशक, जनजाति विकास, उ0प्र0 तथा प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वन निगम के मध्य अनुबंध निष्पादित करते हुये कार्यदायी संस्था को धनराशि रू0-320.00 लाख उपलब्ध करायी गयी है।      
     श्री शास्त्री ने बताया कि योजनान्तर्गत कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करायी गयी धनराशि से प्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के स्वयं सहायता समूह बनाते हुये समूह द्वारा संकलित किये गये लघु वन उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किया जायेगा तथा उसको परिष्कृत करते हुये ट्राइफेड के माध्यम से उत्पादों की पैकेजिंग तथा मार्केटिंग की जायेगी। उन्होने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड के एफ0पी0ओ0 के माध्यम से क्षेत्र में योजना के क्रियान्वयन हेतु तकनीकी सहयोग लिया जायेगा। इस योजना के क्रियान्वयन से राज्य सरकार की प्राथमिकता व मंशा के अनुरूप प्रदेश की जनजातियों के आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा और वे आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी पद पर कोई भर्ती नहीं होगी केंद्र सरकार ने नोटिस जारी कर दिया

बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन : विहंगम दृष्टि

शौंच को गई शिक्षिका की दुष्कर्म के बाद हत्या