मेन्था आॅयल के 315 डीलरों व ट्र्रांसपोर्टरों के विरुद्ध की गयी स्थलीय जांच व आई0टी0सी0 रिवर्सल /ब्लाक कराने की कार्यवाही

दसबोगस फर्मो के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी

बोगस आई0टी0सी0 के दुरुपयोग पर पंजीयन निरस्तीकरण व
अन्य विधिक कार्यवाही त्वरित गति से किये जाने के दिये गये निर्देश
लखनऊ: 04 दिसम्बर, 2020

वाणिज्य कर विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स एवं इन्वेस्टिगेशन मानीटरिंग सेल मुख्यालय द्वारा मेन्था आॅयल के व्यापार से संबंधित प्रान्तीय व अंर्तप्रान्तीय संजाल में सम्मिलित 315 डीलरों व ट्रांसपोर्टरों के विरुद्ध स्थलीय जांच व आई0टी0सी0 रिवर्सल /ब्लाक कराने की कार्यवाही की गयी है, जिनके द्वारा मुख्यतः मेंथा आयल व खाद्यान्न से संबंधित बोगस टैक्स इन्वायस प्राप्त अथवा जारी करते हुये अविधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया /ट्रांसफर किया गया।
वाणिज्य कर विभाग की आयुक्त श्रीमती अमृता सोनी ने यह जानकारी देते हुये बताया कि विभाग द्वारा 131 व्यापारिक प्रतिष्ठानों, गोदामों व शाखा व्यापार स्थलों सहित संलिप्त ट्रांसपोर्टर्स की जांच करायी गई, जिसमें 22 फर्मो का कोई आस्तित्व नहीं पाया गया। दो मामलों में रु0 160 लाख मूल्य के मेंथा आयल पर रु0 38.63 लाख का कर व अर्थदण्ड जमा कराने के साथ साथ 13 पंजीयन निरस्त किये गये। उन्होंने बताया कि दस बोगस फर्मो के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी।
आयुक्त श्रीमती सोनी ने बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा जहां दिल्ली राज्य के चीफ कमिश्नर सी0जी.0एस0टी0 एवं सेन्ट्रल एक्साईज व कमिश्नर, एस0जी0एस0टी0 को रु0 4108 करोड़ मूल्य के बोगस टैक्स इनवायस जारी कर रु0 691 करोड़ की बोगस आई0टी0सी0 ट्रांसफर करने वाले व्यापारियों की सूची उपलब्ध कराते हुये कार्यवाही का अनुरोध किया गया है, वही उत्तर प्रदेश से संबंधित रु0 2515 करोड़ मूल्य के माल के संबंध में अनुमानित कर राजस्व रु0 204 करोड़ के बोगस आई0टी0सी0 के दुरुपयोग के संबंध में पंजीयन निरस्तीकरण व अन्य विधिक कार्यवाही त्वरित गति से किये जाने के निर्देश दिये गये हंै। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में अब तक रु0 700 लाख का इनपुट टैक्स क्रेडिट अवरु़द्ध किया जा चुका है। प्रकरण में अग्रतर ठोस कार्यवाही की जा रही है।
श्रीमती सोनी के अनुसार जांच में पाया गया कि मेंथा आयल उत्पादक उत्तर प्रदेश के व्यापारियों द्वारा ई-वे बिल के माध्यम से मेंथा आयल की इनवर्ड सप्लाई प्राप्त की जा रही है, जबकि ई-वे बिल पर अंकित वाहनों का नेशनल वाहन रजिस्टर पोर्टल से जांच पर पाया गया कि अधिकांशतः वाहनों का रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं है अथवा बिना नेशनल परमिट के माल का परिवहन किया गया है, वहीं कतिपय मामलों में टू/थ्री व्हीलर व अन्य यात्री वाहनों से माल का परिवहन प्रदर्शित किया गया है। कई वाहनों के आवागमन विषयक रिकार्ड संबंधित टोल प्लाजा पर नहीं पाये गये।
आयुक्त ने बताया कि उत्तर प्रदेश के करापवंचक पंजीकृत व्यतियों द्वारा इनवर्ड सप्लाई प्राप्त एवं नकद कर जमा किये बिना ही भारी मात्रा में बोगस टैक्स इनवायस के माध्यम से बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट ट्रांसफर किये जाने के आधार पर आई0टी0सी0 का लाभ लेने वाले चिन्हित पंजीकृत व्यक्तियेंा के विरुद्ध भी जांच एवं आई0टी0सी0 रिवर्स/ब्लाक करने की कार्यवाही विशेष अनुसंधान शाखा एवं खण्ड कार्यालयों के माध्यम से करायी गयी।


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