प्रदेश में रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार के विशेष अवसर सृजन किये जाने के उद्देश्य से 05 दिसम्बर, 2020 से शुरू होगा विशेष अभियान - राजेन्द्र कुमार तिवारी, मुख्य सचिव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार के विशेष अवसर सृजन किये जाने के उद्देश्य से दिनांक 05 दिसम्बर, 2020 से ‘मिशन रोजगार’ के नाम से एक विशेष अभियान चलाने के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश अध्यक्ष राजस्व परिषद, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, समस्त विभागाध्यक्ष, मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारियों को निर्गत किये गये हैं। 

उक्त जानकारी देते हुये मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि इस मिशन रोजगार के अन्तर्गत प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, निगमों, परिषदों, बोर्डों तथा प्रदेश सरकार के विभिन्न स्थानीय निकायों जिनमें कि विभिन्न प्राधिकरण विशेषकर विकास प्राधिकरण तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरण भी सम्मिलित है, के माध्यम से एक समन्वित रूप से प्रदेश में युवाओं हेतु रोजगार, स्वरोजगार के सृजन के साथ ही कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से, भूमि आवंटन के माध्यम से, विभिन्न प्रकार के लाइसेन्स व अनुमतियों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार, स्वरोजगार के अवसरों का सृजन किये जाने का अभियान चलाया जायेगा। 

इस अभियान में दिये गये विभिन्न कार्यों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों द्वारा विस्तृत कार्य-योजना बनायी जायेगी तथा इस कार्य-योजना के सम्बन्ध में आंकड़े एकत्रित करते हुये वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित नियुक्तियां, प्रशिक्षण, अनुमतियों, आवंटन इत्यादि के माध्यम से प्रदेश में रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से सृजित रोजगार, स्वरोजगार के सम्बन्ध में विस्तृत संख्या सहित कार्य-योजना को कार्यमूर्त देकर प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष के समाप्ति तक 50 लाख युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार के लिये सक्षम बनाया जायेगा। 

इसके अतिरिक्त प्रत्येक विभाग, संगठन, प्राधिकरण आदि द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रत्येक कार्यालय में एक रोजगार हेल्प डेस्क बनाया जाये। उक्त हेल्प डेस्क पर उस विभाग में सम्बन्धित रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने से सम्बन्धित कार्यक्रमों का समुचित विवरण उपलब्ध कराया जायेगा तथा एक रजिस्टर रखा जायेगा, जिसमें प्रत्येक ऐसे व्यक्ति जो कि राज्य सरकार के द्वारा अथवा केन्द्र सरकार द्वारा पोषित परन्तु राज्य सरकार द्वारा संचालित रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार हेतु सक्षम बनाने वाले कार्यक्रमों का लाभ उठाकर रोजगार, स्वरोजगार पाने का इच्छुक होगा, उसका विवरण रखा जायेगा तथा समय-समय पर विभिन्न योजनाओं में लाभार्थी चयन के समय उसको सूचित करके बुलाया जायेगा तथा पात्रता के आधार पर सम्बन्धित कार्यक्रमों में चयनित किया जायेगा। ऐसे विभाग जिनका रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप की योजनाएं आनलाईन चलाई जा रही है, रोजगार हेल्प डेस्क के माध्यम से उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हेतु प्रेरित किया जायेगा तथा उनका डेटा बेस तैयार किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि मिशन रोजगार के सम्बन्ध में समस्त डेटा बेस रखने की जिम्मेदारी तथा इस सम्बन्ध में एक एप तथा पोर्टल विकसित किये जाने की जिम्मेदारी निदेशालय, प्रशिक्षण एवं रोजगार की होगी। इस हेतु आवश्यक बजट की व्यवस्था श्रम विभाग द्वारा करायी जायेगी। प्रशासकीय विभागों के अन्तर्गत समस्त निदेशालय/निगम/बोर्ड/आयोग इत्यादि अपने विभाग हेतु एक नोडल अधिकारी नामित करते हुए उसकी प्रविष्टि पोर्टल पर उपलब्ध स्थान पर उल्लिखित करेंगे। रोजगार से संबंधित डाटा की प्रविष्टि प्रत्येक पाक्षिक तिथि (प्रत्येक माह की 15 तारीख एवं माह के अन्तिम दिवस) पर अद्यतन कराने का दायित्व संबंधित विभागीय नोडल अधिकारी का होगा। साथ ही उक्त नोडल अधिकारी द्वारा मिशन रोजगार अभियान के सम्बन्ध में विभागीय कार्ययोजना भी पोर्टल पर अपलोड की जायेगी। 

मिशन रोजगार के सम्पूर्ण कार्यक्रम अभियान का संचालन श्रम एवं सेवायोजन विभाग उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत गठित उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग के अन्तर्गत किया जायेगा। मिशन रोजगार अभियान के संचालन का अनुश्रवण इस आयोग एवं आयोग के अन्तर्गत कार्यकारी परिषद/बोर्ड एवं जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिलास्तरीय समिति के माध्यम से किया जायेगा। विभिन्न विभागों द्वारा इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक विभागीय योजनाओं में सृजित होने वाले रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप के लक्ष्य/प्राप्ति की कार्ययोजना तैयार कर शासनादेश जारी किये जाने की तिथि के पन्द्रह दिवस के अन्दर सेवायोजन पोर्टल sewayojan.up.nic.in पर अपलोड की जायेगी तथा अगले वित्तीय वर्ष के लिए भी लक्ष्य/कार्ययोजना तैयार की जायेगी।

विभिन्न विभागों द्वारा सेवायोजन पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूपों पर अपनी सूचनाएं अद्यतन की जायेगी। आयोग के माध्यम से की जाने वाली समीक्षा बैठकों में इस बिन्दु पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। पोर्टल पर अंकित डाटा से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण ‘लाभार्थी का नाम, आयु, योग्यता, पता इत्यादि’ की उपलब्धता विभाग के पास अद्यतन हो, जिससे विभागों में संचालित योजनाओं के माध्यम से रोजगार/स्वःरोजगार प्राप्त लाभार्थी की जानकारी आवश्यक होने पर सरकार को उपलब्ध हो सकेगी। कार्य योजना बनाते समय विभिन्न विभागों द्वारा प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप में रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से स्वरोजगार हेतु सक्षम बनाये जाने वाली सभी योजनाओं में सृजित होने वाले रोजगार के लक्ष्य तथा उनके समक्ष प्राप्ति तथा ऐसे विभिन्न कार्यक्रमों के लिए जागरूकता उत्पन्न किये जाने वाले कार्यक्रमों का पूर्ण विवरण दिया जायेगा।

प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय द्वारा निजी उद्योगों के साथ मिलकर रोजगार मेलों का आयोजन किया जायेगा। विभिन्न विभागों द्वारा स्वरोजगार से सम्बन्धित कार्यक्रमों के लिए कार्यशालाएं व जागरूकता के कार्यक्रम कराये जायेंगे, जिनमें लाभार्थियों का चयन भी सुनिश्चित कराया जायेगा। विभाग, आयोगों द्वारा विशेष अभियान चलाकर इस दौरान पूर्व में लम्बित आ रही भर्ती प्रकरणों का निस्तारण कराया जायेगा। विभिन्न विभागों द्वारा नौकरियों के सम्बन्ध में चयन आयोगों को 100 प्रतिशत रिक्तियों के विरुद्ध अधियाचन भेजे जायेंगे तथा इनका विवरण उल्लिखित भी किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों द्वारा आउटसोर्सिंग तथा अन्य किसी प्रकार से भी सेवाओं के माध्यम में सृजित किए गए रोजगार का उल्लेख भी अपने योजना तथा प्राप्तियों में दर्शाया जायेगा। जिला स्तर पर विभिन्न विभागों द्वारा जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित कराये जायेंगे, जिनमें स्थानीय प्रतिनिधियों, मा0 विधायक, मा0 सांसद एवं जनपद के प्रभारी मंत्री जी को आमंत्रित किया जायेगा, जिनमें जनपद स्तर पर लाभार्थियों के चयन, लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र देना, लाभार्थियों को नियुक्ति-पत्र देने जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। सूचना विभाग द्वारा जनपदों में तथा प्रदेश स्तर पर विभिन्न माध्यमों से मिशन रोजगार के सभी कार्यक्रमों का समुचित प्रचार-प्रसार कराया जायेगा। इस हेतु अपर मुख्य सचिव, सूचना यह सुनिश्चित करायेंगे कि प्रत्येक जनपद की प्रचार योजना का कार्य मिशन रोजगार प्रारम्भ होते ही शुरू कर दिया जायेगा।

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