सरकार का रवैया आयुष पद्धति के प्रति भेदभाव पूर्ण-डॉ अनुरूद्ध वर्मा

लखनऊ । राज्य सरकार ने प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 7500 से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया है । इसका लाभ केवल एम बी बी एस और बी डी एस के छात्रों को मिलेगा । इस संबंध में शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है । ज्ञातब्य है कि लगभग 10 वर्ष पूर्व इसे 1950 से बढ़ा कर 7500 रुपये किया गया था। केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य डॉ अनुरूद्ध वर्मा ने इस निर्णय पर आपत्ति दर्ज करते हुऐ कहा है कि इसके पूर्व सभी चिकित्सा पद्धतियों के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता एक साथ बढ़ाया जाता था परंतु इस बार इसमें आयुष ( आयुर्वेद, यूनानी एवँ होम्योपैथी ) के छात्रों को छोड़ दिया गया है जिससे प्रतीत होता है कि सरकार का रवैया आयुष पद्धति के प्रति भेदभाव पूर्ण है । उन्होंने कहा कि आयुष के छात्रों का प्रवेश भी नीट के माध्यम से होता है और वह भी साढ़े पाँच वर्ष अध्ययन कर बी ए एम एस, बी यू एम एस , बी एच एम एस की डिग्री प्राप्त करते हैं । डॉ वर्मा ने कहा कि सरकार के इस भेदभाव पूर्ण निर्णय से आयुष के छात्रों में रोष व्याप्त है । उन्होंने सरकार से आयुष चिकित्सा पद्धति के छात्रों का इंटर्न शिप भत्ता भी एलोपैथिक एवँ डेंटल के छात्रों के बराबर करने की मांग की है । साथ में उन्होंने यह भी कहा है कि यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है ।

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