आडंबर छोड़ हृदय की पवित्रता पर जोर देते थे संत रविदास : तिलक यादव

सपा कार्यालय पर धूमधाम से मनायी गयी संत रविदास जयन्ती
ललितपुर। स्टेशन रोड स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर संत रविदास की जयन्ती बड़े ही धूमधाम से मनायी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष तिलक यादव एड. ने की। जयन्ती के अवसर पर निकाली गयी शोभायात्रा में सपाईयों ने फल वितरण किया। कार्यालय पर आयोजित जयन्ती समारोह में सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव एड. ने कहा कि माघ पूर्णिमा के दिन ही रविदास जयंती मनाई जाती है। संत रविदास की गिनती महान संतों में होती है। संत रविदास बहुत ही सरल हृदय के थे और दुनिया का आडंबर छोड़कर हृदय की पवित्रता पर बल देते थे। इस बारे में उनकी एक कहावत जो मन चंगा तो कठौती में गंगा काफी प्रचलित है। इस कहावत को जोड़कर एक कथा भी है। कहते हैं कि एक बार एक महिला संत रविदास के पास से गुजर रही थी। संत रविदास लोगों के जूते सिलते हुए भगवान का भजन करने में मस्त थे। तभी वह महिला उनके पास पहुंची और उन्हें गंगा नहाने की सलाह दी। फिर क्या मस्तमौला संत रविदास ने कहा कि जो मन चंगा तो कठौती में गंगा। यानी यदि आपका मन पवित्र है तो यहीं गंगा है। कहते हैं इस पर महिला ने संत से कहा कि आपकी कठौती में गंगा है तो मेरी झुलनी गंगा में गिर गई थी। तो आप मेरी झुलनी ढ़ूढ़ दीजिए। इस पर संत रविदास ने अपनी चमड़ा भिगोने की कठौती में हाथ डाला और महिला की झुलनी निकालकर दे दी। इस चमत्कार से महिला हैरान रह गई और उनके प्रसिद्धि के चर्चे दूर-दूर तक फैल गए। इस अवसर पर ज्योति सिंह लोधी, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, जितेंद्र सिंह, अशोक अहिरवार, विजय सिंह, शिक्षक प्रदीप जैन चिगलौआ, नेपाल सिंह, हृदेश मुखिया, सुरेंद्र पाल सिंह, राजेश जोझिया, प्रमोद इमलिया, अनुराग पारोंदा, प्रीतम अहिरवार, चरण सिंह रजक, राजेंद्र दुबे, गीता मिश्रा, रामदेवी कुशवाहा, शत्रुघन सिंह, बबलू लोधी, जावेद वारसी, शरीफ जावेद, पूजा यादव, अमित कुमार, जितेंद्र बंट, उदल सिंह निरंजन, रतिराम पचौनी, दातार सिंह लोधी, राजकुमार यादव, अजय यादव, सुनील विश्वकर्मा, महेंद्र कुमार, सोनू यादव अमरपुर, राहुल सिंह, रविकांत श्रीवास आदि मौजूद रहे।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिन्दी में प्रयोग हो रहे किन - कौन किस भाषा के शब्द

बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन : विहंगम दृष्टि

हत्या का पुलिस ने कुछ ही घंटों मे किया खुलासा