मानसिक रोग न विचित्र हैं और न कलंक - मुख्य चिकित्सा अधिकारी

0 बिवांर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगा शिविर
0 125 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया, 41 मरीज मानसिक विकारों से ग्रसित मिले
गणेश सिंह
हमीरपुर, 20 फरवरी 2021 जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बिवांर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया गया। इस मौके पर दिमागी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को परामर्श देने के साथ ही गंभीर मरीजों को कानपुर में उपचार कराने की सलाह दी गई। इस एक दिवसीय शिविर का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आरके सचान ने किया। उन्होंने बताया कि मानसिक बीमारियां कई प्रकार की होती है और आमतौर पर लोगों की समझ से बाहर होती हैं। ऐसी अवस्था को लोग ऊपरी चक्कर मानकर झाड़-फूंक में ज्यादा समय निकाल देते हैं, जो मरीज के लिए कष्टकारी हो जाती है। उन्होंने कहा कि मानसिक बीमार लोगों को जितनी दुआ की जरूरत होती है उतनी ही इलाज की भी दरकार होती है, इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सीएमओ ने कहा कि मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है, मानसिक रोग न विचित्र है न कलंक। मानसिक रोग होने पर छुपाएं नहीं, मनोरोग विशेषज्ञ से मिले। शिविर में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ.अभिषेक सिंह चौहान ने शिविर में मरीजों की जांच की और उन्हें उचित परामर्श दिया। जिला अस्पताल की साइको थेरेपिस्ट डॉ.नीता ने मरीजों की काउंसिलिंग की। उन्होंने बताया कि शिविर में 125 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिसमें मानसिक विकारों से ग्रसित 41 लोगों की जांच और दवाएं दी गई। कई मरीजों को मिर्गी की शिकायत भी मिली। शिविर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला प्रबंधक सुरेंद्र साहू, डॉ.शिवप्रकाश गुप्ता, मुस्करा सीएचसी और बिवांर पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे। मानसिक रोगों पर एक नजर
0 अवसाद- वजन कम/ज्यादा होना, अकेलापन, लोगों से मिलना-जुलना कम, भूख न लगना, अपने आप में रहना, नींद न आना, काम में रुचि कम होना। 0 मिर्गी- शरीर अकड़ना, फिट आना/झटके आना, जमीन पर गिर जाना, मुंह से झाग निकलना। 0 ्क्रिरसोफेनियर- तरह-तरह की आवाजें आना, शक करना, काल्पनिक दुनिया में रहना, घर से भाग जाना, स्वयं की देखरेख न कर पाना, खुद से बातें करते रहना, बुदबुदाना। 0 ओसीडी- ज्यादा साफ-सफाई रखना, काम में ज्यादा समय लगाना, चिड़चिड़ाहट होना, एक ही तरह के विचार बार-बार आना। 0 मानसिक मंदबुद्धि- जन्म से विकास कम होना, बौद्धिक क्षमता कम होना, रुपए-पैसे न पहचान पाना, स्वयं की देखभाल न कर पाना। मानसिक बीमारियों के लक्षण नींद न आना, मन स्थिर न रहना, बड़ी-बड़ी बातें करना, खुद से बातें करना, अपनी दुनिया में खोये रहना, मन उदास रहना, काम में मन न लगना

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिन्दी में प्रयोग हो रहे किन - कौन किस भाषा के शब्द

बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन : विहंगम दृष्टि

हत्या का पुलिस ने कुछ ही घंटों मे किया खुलासा