सिने अभिनेत्री रोशनी सिंह को '' राष्ट्रीय सेवा सम्मान '' , महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी देंगे यह सम्मान

मुम्बई - सिने जगत में कुछ ही यैसे कलाकार है जो निगाहों से बात करते है , खुबसूरत निग़ाहों की मल्लिका रोशनी सिंह जो अपनी अदाकारी के जलवे फिल्म के रुपहले पर्दे पर बिखेरती हुई ३५ एमएम सिनेमास्कोप के लेंस में क़ैद हो कर अपनी अलग पहचान बना रही है। अभी हाल ही में सुप्रसिद्ध मीडिया कंपनी की आने वाली बहुचर्चित फिल्म '' सॉरी मदर '' में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है फिल्म जल्द ही बन कर रिलीज़ होगी। राष्ट्रीय पुरुस्कार के लिए बनाई जा रही इस फिल्म में रोशनी सिंह का अपना एक अलग किरदार है जो सामाजिक बुराई को समाप्त करने के साथ -साथ देश और समाज उथान में बढ़ चढ़ कर कार्य कर रही है। रोशनी सिंह एक अत्यंत सवेदनाओं से भरी हुई कलाकार है जिनके दिल में दुसरो के प्रति दया भाव और स्नेह देखने को मिलता है भोजपुरी फिल्म से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाली रोशनी आज अपना मक़ाम बनने में जहा लगी है वही वह सामाजिक सरोकार को समझते हुए दया भाव को परिभाषित करती है। रोशनी सिंह कहती -'' एक कलाकार भाव से भरा होता है , उसमे दर्द को समझने की कला होती है क्योंकि वह तमाम दर्दो -ग़म को पार कर के वह अपनी एक जगह बनता है जिसे लोग आसान समझते है।
खैर रोशनी सिंह के सिने जगत में कार्यो को देखते हुए दिनाँक ८ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राज भवन मलबार हिल में आयोजित एक समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल के हाथो उन्हें उस दिन '' राष्ट्रीय सेवा सम्मान '' दिया जा रहा है। इस सम्मान के मिलने पर रोशनी सिंह कहती है -'' मैं आयोजन समिती और महामहिम राज्य पाल भगत सिंह कोशियारी का आभार व्यक्त करती हूँ , जिन्होंने मुझे '' राष्ट्रीय सेवा सम्मान '' के लिए चुना है। प्यार और दर्द को समझने वाली रोशनी सिंह आगे कहती है -'' दूसरों के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव रखना ही जीवन में कामयाबी का मूलमंत्र है। नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा से किसी का भी हृदय परिवर्तन किया जा सकता है। हमें अपने आचरण में सदैव सेवा का भाव निहित रखना चाहिए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित होते हुए कामयाबी के मार्ग पर अग्रसर हो सकें। मैं पुनः आयोजन समिति का बहुत बहुत आभार व्यक्त करती हूँ।

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