पूर्णिमा पर माँ वीरलोचनी के दरबार में पहुंचे श्रद्धालु चुनरी, श्रीफल व प्रतीक चिह्न किये भेंट, की मंगल कामनायें

शिवम अग्निहोत्री
ललितपुर। पूर्णिमा के अवसर पर माँ वीरलोचनी बीजासेन महाकाली सिद्ध पीठ गांधीनगर नईबस्ती ललितपुर में पूर्ण विधि विधान से पूजन अर्चना उपरान्त भगवान श्री सत्यनारायण की पावन कथा का आयोजन किया गया। जिसमें सभी भगतों ने देश को कोरोना महामारी से मुक्त होने के लिए माँ महाकाली बाबा महाकाल से विनती की। भगवान महर्षि बाल्मीकि सेवा समिति ललितपुर के पदाधिकारियों द्वारा माँ वीरलोचनी बीजासेन महाकाली सिद्ध पीठ पर माँ को चुनरी सिंगार भेंट कर देश में अमन शान्ति की मंगल कामनायें की। सिद्ध पीठ अध्यक्ष महंत विनीत बाबा बाल्मीकि द्वारा सभी भगतों को माँ की चुनरियाँ, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह भेंट कर होली की बधाई दी गई। विनीत बाबा बाल्मीकि द्वारा सभी भगतो से अपील की गई कि कोरोना महामारी को हल्के में न ले, हम सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए सभी भक्तों को माक्स का उपयोग करने की जरुरत है साथ ही अपने हाथों को बार बार साबुन से धोये, होली प्रेम का प्रतीक हैं इस दिन होलिका दहन का विशेष महत्व है। भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार लेकर राक्षस हिरण्यकश्यप का स्वयं भगवान होने का अहंकार व बहन होलिका को ब्रम्हा जी का बरदान था कि वो कभी अग्नि में नहीं जलेगी, ये ही सोचकर हिरण्यकश्यप ने भक्त पहलाद को मारने के लिए होलिका की गोद में बैठकर अग्नि प्रज्वलित कर दी जिसमें भगवान हरि विष्णुजी की कृपा से भक्त प्रहलाद को कुछ नहीं हुआ, अपितु होलिका ने बरदान का गलत उपयोग किया जिससे वो स्वम् अग्नि को प्राप्त हो गई। उस दिन धर्म की विजय हुई, अधर्म का नाश हुआ, इस दिन दुश्मनों से भी रंग गुलाल लगाकर गिले शिकवे भुलाकर एक दूसरे के प्रति प्रेम स्थापित करने की परंपरा है। इस अवसर पर सिद्ध पीठ के संस्थापक दिलीप घावरी, बाल्मीकि समाज कोतवाल, बृजकिशोर, रमाकांत तिवारी, गीता मिश्रा, कुंजविहारी बाबरा, मयंक बंगरेले, विकास घावरी, आदर्श करोसिया, धौलपुरिया, राजपाल यादव, मगन विश्वकर्मा, रूपेन्द्र साहू, विशाल विश्वकर्मा, गुलाब साहू, अंकित विश्वकर्मा, हैप्पी साहू, रवि पंथ, करन साहू, रामपाल राजपूत, आकाश यादव, अयांश घावरी सहित भक्त मौजूद रहे।

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