बेड़ियां तोड़ जागरूकता की रोशनी बिखेर रही आधी आबादी

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : (8 मार्च पर विशेष)
0 महिलाओं को हक-हुकूक के प्रति किया जा रहा है जागरूक
0 किशोरियों को जागरूक करने के लिए किशोरियां ही आईं आगे
गणेश सिंह
हमीरपुर, 07 मार्च 2021 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) जिले में उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन महिलाओं के हक-हुकूक पर चर्चा होगी। जनपद में महिलाओं की बेहतरी के कार्य करने वाली संस्थाओं ने किशोरियों को सेहत और शिक्षा के मुद्दे पर जागरूक करने की मुहिम चला रखी है। इन्हीं संगठनों से जुड़ी किशोरियां गांव-गांव अपने कामों की वजह से चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इन किशोरियों के कार्यकलापों की तारीफ करना हम सभी का कर्त्तव्य बनता है। किशोरियों का हमदर्द बना तरंग किशोरी संगठन
कुरारा ब्लाक के पांच गांवों खरौंज, कुतुबपुर, शिवनी, बरुआ और बिलौटा गांव में ‘तरंग किशोरी संगठन’ ने कोरोना काल में किशोरियों की माहवारी की समस्या को देखते हुए गांव-गांव सैनेटरी पैड वितरित करने की योजना शुरू की। प्रत्येक गांव में 20 किशोरियों का एक ग्रुप है, जो किशोरियों को माहवारी प्रबंधन के प्रति जागरूक करती हैं। बरुआ गांव की अर्चना, पारुल, शिवनी की काजल और खरौंज की प्रतीक्षा बताती हैं कि एक साल हो चुके हैं इस संगठन से जुड़े हुए। शुरुआत में इस संगठन का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य के मुद्दे पर जागरूक करना था। कोरोना काल और लॉकडाउन के बाद से संगठन ने किशोरियों की माहवारी की समस्या को महसूस करते हुए गांव-गांव सैनेटरी पेड वितरित करने शुरू किए। अब यह कार्य नियमित तौर पर किया जाता है। किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर किशोरियों को केंद्र तक लाते हैं ताकि उनके स्वास्थ्य की समस्याओं को हल कराया जा सके। इसके नतीजे अच्छे आ रहे हैं। किशोरियां स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे पर जागरूक हो रही हैं। समर्थ फाउंडेशन के देवेंद्र गांधी बताते हैं कि जनपद के कुरारा और मौदहा ब्लाकों में उनके संगठन ने किशोरियों को स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे पर जागरूक करने की मुहिम चला रखी है। तरंग किशोरी संगठन भी इसी उद्देश्य से गांवों में बनाए गए हैं ताकि किशोरियों को स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे पर जागरूक किया जा सके। किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम
कुतुबपुर गांव के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका मालती झा मीना मंच के माध्यम से किशोरियों को ‘कबाड़ से जुगाड़’ के प्रति जागरूक करने की मुहिम चला रही है। मालती का कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम है ताकि पढ़ाई-लिखाई के बाद वह स्वयं का रोजगार भी तैयार कर सकें। मालती बताती हैं कि शादी के कार्ड, पेड़ों के पत्तों, कार्टून व अन्य बेकार की वस्तुओं से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति, बालिका शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या सहित अन्य सामाजिक मुद्दों पर क्रॉफ्टिंग सिखा रही हैं। उन्होंने इस विषय पर प्रतियोगिताएं, व्याख्यान, भाषण, निबंध आदि भी समय-समय पर लिखाकर समझ बनाती हैं। स्कूल न जाने वाली बच्चियों के दरवाजे खटखटाती है अंजली
मौदहा ब्लाक के मजरा अलीपुरा की अंजली स्कूल न जाने वाली किशोरियों के दरवाजे पर दस्तक देती है। अंजली बताती हैं कि शिक्षा सहेली संगठन भी है, इसी के माध्यम से किशोरियों को जागरूक करने की मुहिम चला रही हैं। अंजली ने अब तक दर्जनों स्कूल न जाने वाली किशोरियों को स्कूल का रास्ता दिखाया है। आरटीई फोरम की कार्यक्रम अधिकारी सृजिता बताती हैं कि उनकी संस्था ने मौदहा ब्लाक के तीस गांवों में शिक्षा सहेली संगठन बना रखे हैं। जिसका उद्देश्य स्कूल न जाने वाली किशोरियों को चिन्हित कर स्कूल पहुंचाना है। अंजली जैसी 60 किशोरियां इस मुद्दे पर काम कर रही हैं, जिससे काफी बदलाव आया है।

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