प्रथम बार प्रदेश की मण्डी समितियों में मण्डी परिषद द्वारा क्रय एजेन्सी के रूप में 49 जनपदों के 101 मण्डी परिसरों में कुल 101 क्रय केन्द्र खोले जाने का निर्णय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2021-22 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत प्रथम बार प्रदेश की मण्डी समितियों में मण्डी परिषद द्वारा क्रय एजेन्सी के रूप में 16 संभागों के अन्तर्गत आने वाले 49 जनपदों के 101 मण्डी परिसरों में कुल 101 क्रय केन्द्र खोले जाने का निर्णय लिया गया है। इन क्रय केन्द्रों में से 99 क्रय केन्द्र संचालित हो गये हैं जहां किसानों के गेहूं की खरीद समर्थन मूल्य पर की जायेगी, ताकि किसानों द्वारा मण्डी स्थलों में अपने कृषि उत्पाद लाकर विक्रय किये जाने हेतु रूझान बना रहे तथा उन्हें अपने कृषि उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। यह जानकारी निदेशक मण्डी परिषद श्री अंजनी कुमार सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि मण्डी परिषद में 13986 इलेक्ट्रानिक कांटा, 6028 नमी मापक यंत्र, 5860 पंखा/विनोईंग फैन, 7817 छलना, 836 पावर क्लीनर/डस्टर उपलब्ध है। धान खरीद की भांति गेहूं खरीद में भी मण्डी परिसर के अन्दर स्थापित शासकीय क्रय एजेन्सियों द्वारा खोले गये क्रय केन्द्रों को मण्डी समितियों द्वारा इलेक्ट्रानिक कांटा, नमीमापक यंत्र, छलना, पंखा/विनोईंग फैन, पावन क्लीनर/डस्टर उपलब्ध कराये गये हैं तथा मण्डी परिसर के बाहर स्थापित होने वाले शासकीय क्रय एजेन्सियों के क्रय केन्द्रों को किराये पर मण्डी समितियों द्वारा उपलब्धता के आधार पर क्रय एजेन्सियों की मांग पर इलेक्ट्रानिक कांटा, नमी मापक यंत्र, छलना, विनोईंग फैन उपलब्ध कराये जायेंगे। निदेशक मण्डी परिषद ने यह भी बताया कि शासन की मंशानुसार प्रथम बार प्रायोगिक रूप में मण्डी परिषद द्वारा 10 संभागों के अन्तर्गत आने वाले 25 जनपदों के 54 मण्डी परिसरों में कुल 57 क्रय केन्द्र खोलकर शासन द्वारा निर्धारित मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत किसानों का धान क्रय किया गया। मण्डी परिषद हेतु शासन द्वारा 01 लाख मी0 टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। दिनांक 28 फरवरी, 2021 तक 25782 किसानों से 128563 मी0 टन धान खरीद किया गया था, जो लक्ष्य से अधिक है।

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