फागोत्सव में गूंजे सौ साल पुराने लोकगीत

अमेरिका से जुड़ीं प्रो. विनीता सिह ने सुनाई नानी और मां से सीखी होरी
लखनऊ। लोक संस्कृति शोध संस्थान द्वारा चल रहे फागोत्सव के पांचवे दिन सौ साल पुराने लोकगीत की गूंज सुनाई दी। अमेरिका से जुड़ीं प्रो. विनीता सिह ने नानी और मां से सीखी होरी ये दोनों खेलत फूल फाग रे सुनाई। मंगलवार को आनलाइन फागोत्सव के पांचवे दिन संगीत विदुषी प्रो. कमला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ तमिलभाषी लोकगायिका आर. मीनाक्षी ने सखी री मैं श्याम संग खेलन आई रे होरी से की। शारदा सिन्हा के गाये 'होली के दिन होली आई रे, लाल मोहन हरजाई रे, जहां बाजे बांसुरी' गीत पर बाल नृत्यांगना स्वरा त्रिपाठी ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। लोक विदुषी डा. विद्याविन्दु सिंह ने बसन्त से जुड़े प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सभी ऋतुओं ने अपने कुछ दिन बसन्त को दिये। होली के एक दिवस पूर्व लोकमानस संवत्सर को जलाता है तथा नये संवत का स्वागत कराता है। यह पुनर्जीवन का प्रतीक पर्व है जहां नई कोंपल, नये उत्साह के साथ अपनी यात्रा आरम्भ करती है। उन्होंने भरत-कैकेई संवाद पर आधारित गीत तहरे तनिको दरदिया न आई, वन पठयो लखन रघुराई, गजब करिउ माई सुनाया। वरिष्ठ लोक गायिका विमल पन्त ने मैंने कछु ना कही मोहे सांवरे ने गारी दई... तथा इन्दु सारस्वत ने कान्हा ने भिगोई मोरी सारी सुनाया। वहीं उमा त्रिगुणायत ने श्रीराम की वन में हुई होली पर आधारित गीत राम निरखें होरी पंचवटी मा, वन ते निकसीं ऋषि पत्नी आई सजावें सीता सुनाया। रेखा अग्रवाल ने रघुवीरा होरी खेलें, रेखा मिश्रा ने चल देखि आईं भर-भर के नैनवां, कल्पना सक्सेना ने मोहना मोहि आनि ठग्यो, निधि निगम ने डगर मोरी छोड़ो श्याम, अपर्णा सिंह ने चलो सखी खेलें कन्हैया संग होरी, रिंकी विश्वकर्मा ने होरी खेलें सिया रघुवीरा, साधना मिश्रा विन्ध्य ने मिथिला में राम खेलैं होली, मधु श्रीवास्तव ने मैं तो नौ नौ रंग में रंगा गयी सारे रंग फीको लगे के माध्यम से मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, काली आदि देवियों पर आधारित गीत सुनाया। पुणे की सुधा द्विवेदी ने चुनरिया भीज गई, अनिका ने देवी स्तुति, दीपिका ने चैती छठ का गीत, रुपाली रंजन श्रीवास्तव ने रंग डारो न बीच बाजार श्याम मैं तो मर जाऊँगी, रश्मि उपाध्याय ने मैं तो ना जाऊँ ससुराल माई री फागुन में, सरिता अग्रवाल ने आयो होली को त्यौहार, विभा श्रीवास्तव ने बिरज में होली खेलें नन्दलाल, मीना मिश्रा ने घनश्याम आज सज करके खेलन होरी आयो, सुनीता श्रीवास्तव ने होली खेलें सिया, सुमति मिश्रा ने होरी खेल रहे नन्दलाल तथा उदीयमान लोक गायक गौरव गुप्ता ने अजब होरी खेलैं हमारे भोले बाबा सुनाया। मीराबाई रचित होली गायन प्रतियोगिता बुधवार को : लोक संस्कृति शोध संस्थान की सचिव सुधा द्विवेदी ने बताया कि आनलाइन फागोत्सव के छठवें दिन ताल धमार में गाये जाने वाली मीराबाई के प्रसिद्ध भजन फागुन के दिन चार होली खेल मना रे... के गायन की प्रतियोगिता रखी गई है जिसमें श्रेष्ठ दस गायक-गायिकाओं को पुरस्कृत भी किया जायेगा।

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