कोरोना के कहर ने जिंदगी को ऐसा चपेट में लिया है कि लोगों को न रोते बन रहा है, न हंसते-अखिलेश यादव

लखनऊ दिनांकः20.04.2021 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार लगातार चार वर्षों से प्रदेश की जनता को धोखा देती रही है। हद तो तब हो गई जब प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री जी को उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी पर विजय हासिल करने के लिए बधाई दे डाली तो बदले में मुख्यमंत्री जी ने विश्व के अन्य राष्ट्रों की तुलना में भारत में कोरोना पर सामयिक नियंत्रण के लिए प्रधानमंत्री जी की भूरि-भूरि प्रशंसा कर डाली। दोनों के बधाई संदेशों की स्याही सूखी भी नहीं थी कि भारत और विशेषकर उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर महामारी के रूप में फैल गई है। इन दिनों कोरोना के कहर ने जिंदगी को ऐसा चपेट में लिया है कि लोगों को न रोते बन रहा है, न हंसते। हर तरफ अफरा-तफरी का आलम है। प्रशासनिक अधिकारियों में तालमेल न होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इलाज, जांच के आंकड़ों में अटकलेबाजी चल रही है। स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। यह बदहाली सिर्फ शहरों में ही नहीं है, बल्कि गांवों की हालत तो और भी खराब है। गांवों के पीड़ितों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। समाजवादी सरकार के हरकाम से एलर्जी रखने के कारण मुख्यमंत्री जी कोविड मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहे। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान नहीं दिया। समाजवादी पार्टी ने मांग की थी कि चूंकि भाजपा सरकार नया अस्पताल तो बना नहीं सकी इसलिए कैंसर अस्पताल को चालू किया जाए। तब भाजपा सरकार कान में तेल डाले रही। अब जब पानी सिर से ऊपर बहने लगा है तो हज हाउस सरोजनीनगर, अवध शिल्प ग्राम और कैंसर अस्पताल को कोविड सेंटर बनाया जा रहा है। इनका निर्माण समाजवादी सरकार में ही हुआ था। बदले की भावना से भाजपा ने समाजवादी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को बर्बाद किया जबकि आज वही काम आ रही हैं। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 108 व 102 एम्बूलेंस सेवाएं तभी चालू की गई थीं। इनसे काम चलाने की अब भाजपा की मजबूरी है। अकर्मण्य भाजपा सरकार ने अपने 4 साल के कार्यकाल में ऐसी व्यवस्था का निर्माण किया जिसमें न जीवित की जान बच पा रही है और नहीं श्मसान में भी अंत्येष्टि हो पा रही है। भाजपा सरकार और इसके मुख्यमंत्री की प्राथमिकता सत्ता पाना और चुनाव जीतना भर रह गया है, भले ही उनकी रैलियों और सभाओं से कोरोना का विस्तार होता रहे। लोगों के जान की कीमत की भी उन्हें परवाह नहीं।

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