समाजवादी विचारक राजेन्द्र रजक नेताजी का हृदयाघात से निधन

शहर में शोक लहर दौड़ी, राजनेताओं, पत्रकारों, व्यापारियों ने जताया शोक
बेवाक बोलने और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर प्रहरी थे राजेन्द्र रजक नेताजी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि
शिवम अग्निहोत्री
ललितपुर। मार्च का महीना स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी भगत सिंह, सुखदेव थापर व शिवराम राजगुरू की शहादत के लिए विख्यात है। इसी माह ललितपुर जिले की बेहतरीन शख्शीयत डा.राममनोहर लोहिया के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात कर समाजवादी विचारक रहे वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र रजक नेताजी का 31 मार्च 2021 को रात करीब 10.45 बजे हृदयाघात होने से 62 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। उन्होंने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर शहरवासियों को लगते ही सभी स्तब्ध रह गये। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फेसबुक व ट्वीटर के जरिए अपनी श्रद्धांजलि प्रेषित की है। तो वहीं शहर में शोक लहर व्याप्त रही। गुरूवार को पूर्वाह्न 11 बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली गयी, जिसमें शहर के तमाम राजनैतिक, समाजसेवी, पत्रकार, अधिवक्ताओं, व्यापारी और आमजन कोविड गाइड लाइन का अनुपालन करते हुये भारी संख्या में शामिल हुये। राष्ट्रीय जन चेतना मंच की स्थापना कर जिले में समाजवादी विचारधारा को प्रभावी करने में अपने जीवन का अधिकांश समय व्यतीत करने वाले नेताजी राजेन्द्र रजक द्वारा रावतयाना गोविन्दनगर बड़ी नहर के पास स्थित संत गाडगे धर्मशाला में बीती 23 मार्च 2021 को डा.राममनोहर लोहिया की जयन्ती अवसर पर कार्यक्रम ‘लोहिया के लोग’ का आयोजन किया था, जिसमें उन्होंने लोगों से समाजवादी विचारधारा को आत्मसात करने का आह्वान किया था। इसके ठीक आठ दिनों बाद बीती रात उन्होंने अंतिम सांस ली। समाजवादी विचारक नेताजी राजेन्द्र रजक के आकस्मिक निधन पर शहर के प्रबुद्धजनों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुये उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। गौरतलब है कि शहर में चल रहे विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण किये जाने, जिले व समाज के विकास को नई दिशा देने के लिए समय-समय पर नेताजी द्वारा किये जाने वाले सामाजिक आयोजन हमेशा ही मील का पत्थर साबित होते थे। उनके द्वारा शहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर विरोध भी किया गया, जो कि सडक़ से लेकर प्रशासन और शासन तक जा पहुंचा। अपनी सभाओं में नेताजी अपने गुरू के रूप में नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष स्व.शादीलाल दुबे को अपना आदर्श बताते रहे। घण्टाघर पर स्थित राष्ट्रीय जन चेतना मंच के कार्यालय में दिन भर लोगों का आना-जाना होता था, यहां शहर के विकास, युवाओं को आगे बढ़ाने और बेहतर प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए चिन्तन किया जाता था। ऐसा था नेताजी का राजनैतिक सफर भारत के प्रधानमंत्री रहे विश्वनाथ प्रताप सिंह ने जब देश में तीसरा मोर्चा खोला था, उस पार्टी में भी नेताजी राजेन्द्र रजक ने अपनी भागीदारी निभाई। इसके बाद जब जनता दल से लालू प्रसाद यादव बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री पृथक हुये। उस समय भी उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल में अपनी भागीदारी निभाई। जनपद में उन्होंने इसे काफी ऊंचाइयों तक समय के साथ ले गए थे। राजेंद्र रजक नेताजी ने ललितपुर में रहकर भी राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से काफी नजदीकियां राजनीति के माध्यम से बनाई थी। उन्होंने लोकदल व समाजवादी पार्टी से विधानसभा के चुनाव भी लड़े।

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