गंगा में लगी सौर ऊर्जा प्रदर्शनी, क्लाइमेट एजेंडा द्वारा सूरज से समृद्धि अभियान का आगाज

सूरज से समृद्धि अभियान के कार्यक्रम में उमड़े युवा, प्रदेश के शहरों को सूरज से रौशन करने की मांग, दिनांक 02 अप्रैल 2021 को शाम 4 बजे वाराणसी के अस्सी घाट पर गंगा नदी में एक सौर ऊर्जा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. राज्य सरकार द्वारा घोषित सोलर सिटी वाराणसी में गंगा के बीच में आयोजित हुई इस आकर्षक प्रदर्शनी के माध्यम से समाज में सौर ऊर्जा का उपयोग हर क्षेत्र में बढाने और पर्यावरण को सुरक्षित करने का सन्देश प्रसारित किया गया. पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत संस्था क्लाइमेट एजेंडा द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का उदघाटन युपीनेडा के जिला परियोजना अधिकारी श्री रणविजय सिंह जी के द्वारा किया गया. कोविड 19 के सन्दर्भ में सभी दिशानिर्देशों का पूर्ण अनुपालन करते हुए यह प्रदर्शनी सभी महत्वपूर्ण घाटों पर पहुंची. सूरज से समृद्धि अभियान के बारे में बताते हुए अभियान की प्रमुख एकता शेखर ने बताया “2024 तक देश के सौर ऊर्जा लक्ष्यों की पूर्ति में भरपूर सहयोग के लिए राज्य सरकार ने अपनी सौर ऊर्जा नीति के तहत कई घोषणाएं की हैं. साथ ही, सरकार द्वारा वाराणसी समेत 5 शहरों को सोलर सिटी बनाने की घोषणा भी की गयी है. इस घोषणाओं का लाभ लाभार्थी तक पहुंचे और समाज में सौर ऊर्जा का उपयोग हर स्तर तक संभव हो सके, इसके लिए सूरज से समृद्धि अभियान प्रदेश के 9 शहरों में चलाया जा रहा है. अभियान का एक अन्य प्रमुख लक्ष्य यह भी है कि राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष घोषित सोलर सिटी कार्यक्रम में प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण शहरों को भी शामिल किया जाए”. गंगा में नौ नौकाओं पर सुसज्जित इस सौर ऊर्जा प्रदर्शनी को हरी झंडी दिखाते हुए युपीनेडा के जिला परियोजना अधिकारी श्री रणविजय सिंह जी ने कहा “राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है. इसी क्रम में वाराणसी को सोलर सिटी बनाये जाने की घोषणा के अनुरूप काम भी जारी है, लगभग 12 मेगावाट के सोलर रूफ टॉप लगाए जा चुके हैं.” अभियान एवं प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए जिला परियोजना अधिकारी ने कहा “ऐसी आकर्षक गतिविधियों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करना बेहद आवश्यक है. नीतिगत घोषणाओं का लाभ लाभार्थी तक पहुँच सके, इसके लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम से लोगों को जोड़ना बेहद जरुरी हैं.” ज्ञात हो कि जून 2020 में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 5 शहरों को सोलर शहर बनाने की घोषणा की गयी थी. प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2022 तक दस हज़ार पांच सौ मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से बनाने का लक्ष्य रखा गया है. उपरोक्त लक्ष्य की पूर्ति में अब तक प्रादेशिक स्तर पर कुछ विशेष उपलब्धि हासिल नहीं हो सकी है. विभिन्न रिपोर्ट में यह साफ़ हो चुका है कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हो रही धीमी प्रगति भारत के सौर ऊर्जा लक्ष्यों की पूर्ति में भी बाधक बन रहा है. ऐसे में, यह आवश्यक है कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ जैसे बड़े शहरों को भी सोलर सिटी की सूची में शामिल किया जाए. कार्यक्रम में मुख्य रूप से सानिया अनवर, सुनील कुमार, तबस्सुम, राज अभिषेक, रितेश द्विवेदी, दीपक राजगुरु, धनञ्जय, मुकेश उपाध्याय, दिवाकर, रवि शेखर समेत सैकड़ों की संख्या में युवक युवतियां शामिल रहे.

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन : विहंगम दृष्टि

सरकारी पद पर कोई भर्ती नहीं होगी केंद्र सरकार ने नोटिस जारी कर दिया

शौंच को गई शिक्षिका की दुष्कर्म के बाद हत्या