रविवार साप्ताहिक बंदी में दुकान खुली मिलने पर काटा आधा दर्जन चालान

ललितपुर। रविवार को शहर क्षेत्र में साप्ताहिक बंदी के लिए घोषित है। पिछले कुछ सप्ताह से कुछ व्यापारी लगातार मनमानी करते हुए साप्ताहिक बंदी के दिन भी दुकानें खोल लेते थे। जिसको संज्ञान लेते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी दामोदर प्रसाद अग्रहरी ने पिछले सप्ताह शहर में मुख्य बाजार का निरीक्षण किया था। उन्होंने साप्ताहिक बंदी का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी की चेतावनी के बाद रविवार को साप्ताहिक बंदी के दिन चूड़ी लाइन, नझाई बाजार का निरीक्षण किया जहां कई दुकान संचालकों ने अपनी दुकान बंद कर दी तो कई बार दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962 का उल्लंघन कर बंदी दिवस में दुकान खोलकर बिक्री करते नजर आए। जबकि कोविड-19 के अंतर्गत आपदा अधिनियम 2005 को शासन द्वारा 30 जून 2021 तक बढ़ाया गया है। लेकिन दुकानदार साप्ताहिक बंदी के दिन दुकाने खोलकर बिक्री कर नियोमों का लगातार उलंघन कर रहे है। इसी क्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी दामोदर प्रसाद अग्रहरि द्वारा आधा दर्जन दुकानों का चालान किया गया। उन्होंने बताया कि रजिस्टर डाक द्वारा पिछले रविवार को साप्ताहिक बंदी में खुली दुकानदारों को 25 नोटिस जारी किए जा चुके है। तत्यपश्चात कोर्ट द्वारा अग्रिम कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी प्रतिष्ठान द्वारा शासन द्वारा निर्धारित कुशल व अकुशल अद्र्धकुशल कामगारों को वेतन नही दिया जा रहा है, उपस्थित रजिस्टर, अवकाश रजिस्टर, चिकित्सीय रजिस्टर, पीएफ एवं ईएसआई से संबंधित कागजात नही बनाये जा रहे है। जो न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 का उल्लंघन है, कर्मचारियों को नगद वेतन दिया जा रहा है जो वेतन संदाय अधिनियम 1936 के विपरीत है। सभी कर्मचारियों को खाते में ही वेतन दिया जाना चाहिए। सभी प्रतिष्ठान मालिको से अनुरोध है कि नियमो का पालन करे अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदार साप्ताहिक बंदी को लागू करें और रविवार को स्वयं दुकानें बंद रखें। अगर रविवार को दुकाने खुली मिलेंगी तो पकड़े जाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूला दुबारा उल्लघंन करने पर 3 माह की जेल व कोर्ट द्वारा जुर्माना वसूला जाएगा। श्रम प्रवर्तन अधिकारी डीपी अग्रहरि द्वारा बताया गया कि अधिष्ठान मालिक कार्यरत कर्मचारी को सप्ताह में अवकाश दे, उपस्थिति पंजिका छुट्टी रजिस्टर चिकित्सीय अवकाश रजिस्टर व शासन द्वरा निर्धारित वेतन कुशल अर्धकुशल व अकुशल वेतन दे, अन्यथा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 व वेतन संदाय अधिनियम 1936 के तहत कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।

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