डाॅ.जितेन्द्र ने सांस की नली से सिरिंज की निडिल निकालकर बचाई मरीज की जान

झाँसी। सांस की नली में सिरिंज की निडिल निकालकर मरीज की जान बचाते हुऐ डाॅ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि करैरा जिला शिवपुरी निवासी लल्लन आयु 37 वर्ष एक डेन्टल सर्जन के पास अपने दांतों का उपचार आर.सी.टी. करवा रहा था। तभी अचानक लोकल एनीस्थिीसिया देते समय सिरिंज की निडिल मरीज लल्लन के सांस की नली में चली गई। जिससे मरीज को खंासी आने लगी व सांस लेने में काफी परेशानी होने लगी मरीज काफी घबरा गया। मरीज लल्लन ने सभी प्राईवेट ई.एन.टी. डाॅक्टरों से सम्पर्क किया। किन्तु सभी डाॅक्टरों ने ईलाज करने से मना कर दिया। क्योंकि ऐसी परिस्थिति में मरीज की जान जाने का खतरा रहता है। वहीं मरीज को कई डाॅक्टरों ने कहीं बाहर आॅपरेशन कराने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। किसी डाॅक्टर ने डेन्टल डाॅक्टर को सलाह दी की झाँसी के मेडिकल काॅलेज के प्रोफेसर एवं हैड ई.एन.टी. विभाग के डाॅ. जितेन्द्र यादव के बारे में बताया कि ऐसे डिफीकल्ट केस सिर्फ डाॅ. जितेन्द्र यादव जी हैण्डिल कर सकते हैं। उस डेन्टल डाॅक्टर ने डाॅ. जितेन्द्र यादव से सम्पर्क किया और उस मरीज का आॅपरेशन करने का आग्रह किया। लेकिन इस समय डाॅ. जितेन्द्र यादव की ड्यूटी कोविड में लगी हुई है। क्योंकि डाॅक्टर जितेन्द्र यादव एक जिम्मेदार डाॅक्टर हैं और ऐसी स्थिति में नाॅन कोविड आॅपरेशन बन्द करने होते हैं मरीज की गम्भीरता को देखते हुए डाॅ. जितेन्द्र यादव ने मेडीकल काॅलेज प्राचार्य डाॅ. नरेन्द्र सेंगर से इस केस को हैण्डिल करने की स्वीकृति लेते हुए प्रोपर पी.पी.किट एवं प्रोटेक्शन के साथ मरीज के फेफड़ों के ऊपरी हिस्से की सांस की नली में सिरिंज की निडिल को दूरबीन द्वारा आॅपरेट करने के उपरान्त सांस की नली से निडिल को बाहर निकालकर मरीज लल्लन की जान बचाई। जिससे मरीज को पुनः जीवन दान मिला व डाॅ. जितेन्द्र यादव ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। मरीज के परिजनों ने डाॅ. यादव एवं उनकी पूरी टीम को धन्यवाद दिया। उनकी इस ई.एन.टी टीम में डाॅ. यादव के नेतृत्व में डाॅ. चांदनी सेट्टी, डाॅ.बोमकर, डाॅ.हरप्रताप, डाॅ. महेश, डाॅ. अनिल, डाॅ. आरती आदि डाॅक्टरों की टीम उपस्थित रही।

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