तय मांगों पर आदेश और पंचायत और कोरोना डियुटी में सुविधाए दे सरकार: परिषद

लखनऊ,13.4.2021। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुंक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी और महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने परिषद की 11 दिनों की हड़ताल के बाद हाई कोर्ट में सरकार द्वारा दाखिल हलफनामें वाली मांगों पर तत्काल आदेश्या जारी करने की मांग करते हुए पंचायत और कोरोना डियुटी में कार्यरत, कर्मचारी शिक्षक और अधिकारियो को समुचित सुविधा मुहैया काराने की मांग की है। मुख्यमंत्री को सम्बोधित मांगों में कहा गया है कि पंचायत डियुटी और करोना डियुटी में लगे कार्मिकों और अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से 50 लाख का बिना आदेश जारी करने की मांग करते हुए कि इन महामारी के दौर में उक्त प्रयोजन में लगे कार्मिकों को सम्पूर्ण कोरोना सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पंचायत चुनाव के लिए बुलाई गए कार्मिकों को बिना सोशल डिस्टेसिंग और भारी भीड़ वाली स्थिति में कराये गए प्रशिक्षण कार्यक्रम अब पुनर्रावृत्ति नही होनी चाहिए। इं. हरिकिशोर तिवारी और शिवबरन सिंह यादव ने कुछ उदाहरण देते हुए बताया कि चुनाव डियुटी में काफी हद तक असंवेदनशीलता का परिचय दिया गया है जैसे ’विकलांग कर्मचारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है।’महिलाओं को 40 से 50 किलोमीटर दूर पीठासीन अधिकारी में लगाया गया है जहां उनके रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है।’’गर्भवती महिलाओं कार्मिकों को भी लगाया गया है। ’’पति पत्नी दोनों सेवा में है उन दोनों को भी लगाया गया है।’’जिन महिलाओं के बहुत छोटे बच्चे हैं उन्हें भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि 55 साल के ऊपर के कार्मिकों को कोरोना बीमारी देखते हुए भी छूट दी जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नही किया गया। उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारियों को कैशलेस इलाज हेतु माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निर्णय के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट से जारी होने के पश्चात नियमावली भी बनी और आदेश में हुआ। परंतु अपर मुख्य सचिव वित्त की मनमानी पूर्ण के चलते सरकार इसे 4 वर्षों से कार्यान्वित नहीं पाई। जबकि इस सरकार ने इसका नाम भी बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस योजना रख दिया है। अभी मार्च 2021 में आकाश अग्रवाल सदस्य विधान परिषद द्वारा इसे विधान परिषद ने भी उठाया गया है। उन्होंने इसके सम्बंध में पाॅच सवाल रखे थे लेकिन न तो उनका समुचित जबाब दिया गया था जबकि प्रमुख सचिव विधानसभा द्वारा पत्र लिखकर सदन में रखने हेतु निर्देश भी दिए हैं। श्री तिवारी और श्री यादव ने कहा कि यह संक्रमण काल है। हम गाॅवों में लोकतंत्र का उत्सव मनाने जा रहे है, कोरोना के खिलाफ टीका उत्सव में हम सरकार के साथ कंघे से कन्धा मिलाकर काम कर रहे है, इसके बावजूद अगर सरकार कर्मचारी शिक्षक और अधिकारियो की मांगों और उनकी समस्याओं की अनदेखी करेगी तो हमें मजबूरन सड़क पर उतरने की फैसला समय से पूर्व लेना होगा।

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