कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश

- कोविड टेस्टिंग के महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश हर दिन टेस्टिंग को विस्तार दे रहा है। बीते 24 घंटों में हमने 2,97,021 सैम्पल टेस्ट किए हैं, इनमें से 1,28,000 से अधिक टेस्ट केवल आरटीपीसीआर माध्यम से हुए।यह एक रिकॉर्ड है। उत्तर प्रदेश में अब तक 4.13 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं। - विगत 24 घंटे में प्रदेश में 30,983 नए कोविड केस सामने आए हैं, जबकि इसी अवधि में 36,650 लोग उपचारित होकर स्वस्थ हुए हैं यह स्थिति संतोषप्रद है। मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स, दो गज दूरी जैसे कोविड विहेवियर को सभी लोग अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। कोविड से बचाव ही इसका उपचार है। - कोविड से लड़ाई में टीकाकरण एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है।उत्तर प्रदेश सर्वाधिक वैक्सीनेशन करने वाला राज्य है। अब तक प्रदेश के 1,03,54,904 लोगों को पहली डोज और 23,74,880 लोगों को दूसरी डोज़ लग चुकी है। इस तरह प्रदेश में 1.27 करोड़ डोज एडमिनिस्टर की जा चुकी है। - प्रदेश में 18-44 आयु वर्ग के लोगों का कोविड टीकाकरण प्रारम्भ हो गया है। एक मई को अधिक एक्टिव केस वाले सात जिलों के 86 केंद्रों पर 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया गया। लोगों ने उत्साह के साथ इसमें सहभागिता की। टीकाकरण का यह कार्यक्रम तेजी के साथ आगे बढ़ाया जाए। - कोविड संक्रमण से हमें गांवों को बचाना होगा। गांवों के प्रति विशेष सतर्कता की जरूरत है। ऐसे में प्रदेश की सभी 97 हजार राजस्व गांवों में कोविड टेस्टिंग का वृहद अभियान संचालित किया जाए। इस संबंध में सभी जरूरी तैयारी कर ली जाए। आरआरटी की संख्या बढ़ाई जाए। निगरानी समितियों से सहायता लें। जो लोग अस्वस्थ हों, पॉजिटिव पाए जाएं, उन्हें मेडिकल प्रोटोकॉल का मुताबिक उपचार दिया जाए।आवश्यकतानुसार अस्पताल में एडमिट कराया जाए, क्वारन्टीन किया जाएगा। होम आइसोलेशन में रखा जाए। उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग इस वृहद टेस्टिंग ड्राइव के सफल क्रियान्वयन के लिए समुचित तैयारी पूरी कर ले। पंचायत चुनाव की मतगणना के संपन्न होने के तत्काल बाद 04 मई से यह स्पेशल ड्राइव शुरू हो जाएगा। - कोविड संक्रमण की चेन रोकने की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता है।आवागमन न्यूनतम हो इसके लिए अंतरराज्यीय बस सेवा को तत्काल स्थगित कर दिया जाए। वायु सेवा से आवागमन करने वाले सभी यात्रियों के लिए कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य किया किया जाए। गांवों में आने वाले हर एक प्रवासी व्यक्ति की टेस्टिंग की जाए। उन्हें नियमानुसार क्वारन्टीन किया जाए। ट्रेनों से आने वालों की तापमान जांच, संदिग्ध हों तो एंटीजन टेस्ट आदि कराया जाना सुनिश्चित करें। इसमें लापरवाही न हो। - सीएम हेल्पलाइन, इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर सहित सभी प्रकार की हेल्पलाइन में सेवाएं दे रहे कार्मिक मरीज अथवा उनके परिजनों को सही और समुचित जानकारी दें। उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। - हमें अस्पतालों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है। एक्स सर्विस मैन, सेवानिवृत्त चिकित्सक, आर्मी के रिटायर्ड लोग, अनुभवी पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल/पैरामेडिकल के अन्तिम वर्ष के छात्र/छात्राओं की सेवाएं ली जानी चाहिए। ऐसे में प्रदेश में मैन पॉवर बैंक जैसा प्रयास किया जाए। जहां जैसी आवश्यकता हो, मानव संसाधन को उपलब्ध कराया जा सकेगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री इस दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। - रेमेडेसीवीर सहित सभी जीवनरक्षक दवाओं की प्रदेश में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही। मरीज की जरूरत के अनुसार पर्याप्त रेमेडेसीवीर उपलब्ध कराया जा रहा है। निजी अस्पतालों को जरूरत के अनुसार रेमेडेसीवीर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारियों/सीएमओ को रेमेडेसीवीर वॉयल दिए गए हैं। यह किसके प्रयोग में आ रहा है, इसका विवरण रखा जाए। - प्रदेश में रेमेडेसीवीर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रतिदिन 50,000 वॉयल का आवंटन किया गया है। यह नवीन आवंटन प्रदेश में रेमेडेसीवीर की आपूर्ति सुचारु रखने में बहुत उपयोगी होगी। स्वास्थ्य मंत्री इस जीवनरक्षक दवा की मांग और आपूर्ति के वितरण की स्वयं मॉनिटरिंग करें। मांग, आपूर्ति और वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न होनी चाहिए। इसकी कालाबाजारी न हो, यह सुनिश्चित कराएं। - प्रदेश के सभी जिलों में बेड की क्षमता को दोगुनी करने की कार्यवाही तेज की जाए। लखनऊ के आरएमएल में कोविड बेड की संख्या बढ़ाई जाए। केजीएमयू में जल्द ही डेढ़ सौ बेड जल्द ही और कोविड मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। कैंसर हॉस्पिटल और डीआरडीओ द्वारा तैयार विशेष हॉस्पिटल भी बहुत जल्द क्रियाशील हो जाएंगे।चिकित्सा शिक्षा मंत्री इसकी हर दिन मॉनिटरिंग करें। बेड में बढ़ोतरी बहुत आवश्यक है।

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