निरीक्षण के पश्चात प्रभारी अधिकारी कोविड 19 लखनऊ डॉ रौशन जैकब द्वारा द्वारा सेन्ट्रल आरआरटी टीम की समीक्षा की गईं

समस्त आरआरटी टीमें सिर्फ कोविड धनात्मक रोगियों को ही नही बल्कि कोविड लक्षणात्मक लोगो को दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएं मुख्य चिकित्साधिकारी प्रत्येक सीएचसी पर 1 सप्ताह के स्टॉक में दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएंगे आरआरटी टीमो में आशा और एएनएम को लगाना सुनिश्चित कराया जाए जो एएनएम आरआरटी टीम में अपनी उपस्थिति दर्ज नही कराती है तो मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा ऐसी एएनएम के विरुद्ध कार्यवाही की जाए 5 मई 2021 लखनऊ। निरीक्षण के पश्चात प्रभारी अधिकारी कोविड 19 लखनऊ डॉ रौशन जैकब द्वारा द्वारा सेन्ट्रल आरआरटी टीम की समीक्षा की गईं। बैठक में प्रभारी अधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि समस्त आरआरटी टीमें सिर्फ कोविड धनात्मक रोगियों को ही नही बल्कि कोविड लक्षणात्मक लोगो को दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएंगे। जो भी आरआरटी टीम कोविड धनात्मक रोगी के घर जाएगी तो केवल धनात्मक रोगी को दवा नही बल्कि उसके घर के जो लोग जिनको जुकाम बुखार जैसे कोविड लक्षण है उनको भी मेडिकल किट देना सुनिश्चित करेंगे और टेस्टिंग करना भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है कोशिश करे कि ज्यादा से ज्यादा लोगो को दवा उपलब्ध कराई जाए। प्रभारी अधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए कि सीएचसी को पर्याप्त मात्रा में दवा वितरण क्यों नही सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही निर्देश दिया कि मुख्य चिकित्साधिकारी प्रत्येक सीएचसी पर 1 सप्ताह के स्टॉक में दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएंगे। प्रभारी अधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि वैक्सिनेशन प्रक्रिया में लगी आशा व एएनएम को छोड़ कर बाकी की उपस्थित को सुनिश्चित कराया जाए। जिसके सम्बंध में बताया गया कि आशाओ के द्वारा सर्विलांस एक्टिविटी में कार्य किया जाता है, जिसके सम्बंध में प्रभारी अधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि आरआरटी टीमो की संख्या को बढ़ाने के उद्देश्य से सर्विलांस टीम को आरआरटी टीम में सम्मिलित कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि आरआरटी टीमो में आशा और एएनएम को लगाना सुनिश्चित कराया जाए। प्रभारी अधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जो एएनएम वैक्सिनेशन प्रक्रिया में नही लगी है और बिना कोई कार्य करे घर पर बैठी है उनकी सूची तैयार की जाए और उनको आरआरटी में लगाना सुनिश्चित कराया जाए। यदि वह आरआरटी टीम में अपनी उपस्थिति दर्ज नही कराती है तो मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा ऐसी एएनएम के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।

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